Indore news: सोशल मीडिया पर पोस्ट करने वाले सावधान, हर हरकत पर पुलिस की पैनी नजर
जिले में सुरक्षा लोक शांति एवं कानून व्यवस्था बनाये रखने हेतु कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी डॉ. इलैयाराजा टी ने दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 (1) के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किये हैं। जारी आदेश के अनुसार बगैर अनुमति के धरना, प्रदर्शन, रैली, जुलूस आदि आयोजित नहीं की जा सकेंगी। साथ ही ध्वनि विस्तार यत्रों के उपयोग की अनुमति भी लेना होगी।
आदेश में कहा गया है कि विभिन्न मुद्दों को लेकर विभिन्न संगठनों के प्रदर्शन, धरना, रैली, जुलूस आदि सक्षम अधिकारी से पूर्वानुमति बिना आयोजित नहीं किया जाये।

सोशल मीडिया पर रखना होगा ध्यान
कोई भी व्यक्ति, समूह, संस्था या ग्रुप एडमिन या अन्य सोशल मीडिया/इलेक्ट्रानिक संसाधन जैसे मोबाईल, कम्प्यूटर, फेसबुक, ई-मेल, व्हाट्सएप एवं अन्य प्रकार के संचार साधनों पर किसी दल, धर्म, जाति, सम्प्रदाय, संस्था व्यक्ति विरोधी एवं आम लोगों की भावना भड़काने व कानून व्यवस्था के विपरित स्थिति निर्मित करने वाले आपत्तिजनक मेसेज/चित्र/कमेंट/बैनर/पोस्टर आदि अपलोड नहीं करेगा। आदेश के अनुसार मतगणना के दिन मतगणना स्थल पर एवं इन स्थानों की निर्धारित परिधि में सेल्युलर फोन का उपयोग नहीं किया जा सकेगा और न ही कोई व्यक्ति सेल्युलर फोन रख सकेगा। कोई भी व्यक्ति किरायेदार रखेगा उसकी सूचना तत्काल संबंधित थाना प्रभारी को देना होगी। समस्त होटल/लॉज एवं धर्मशाला के संचालक इनमें ठहरने वाले व्यक्तियों की जानकारी से संबंधित थाना प्रभारी को प्रतिदिन अवगत करायेंगे। सोशल मीडिया जैस व्हाट्सअप, फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम एवं अन्य माध्यम से कई समूहों द्वारा सामाजिक ताने-बाने को तोड़ने विभिन्न समुदायों के मध्य संघर्ष वैमनस्यता की स्थिति निर्मित करने के उद्देश्य से तरह-तरह के आदर्श आचरण संहिता का उल्लंघन करने वाले एवं अफवाह/भ्रमात्मक जानकारी वाली मैसेज, पिक्चर, ऑडियो-विडियो आदि के प्रसारण पर प्रतिबंध रहेगा ताकि वर्गविभेद, नस्लीय भेद भाव या जातिगत घ्रणा को बढ़ावा देने व सामुदायिक उन्माद फैलाने की कोशिशों पर रोक लगाई जा सके।
प्रतिबंधों का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई
उक्त निर्देश/प्रतिबंधों में कानून व्यवस्था बनाए रखने के उपाय सुनिश्चित करने की दृष्टि से शासकीय कर्तव्य पर उपस्थित एवं निर्वाचन कार्य में उयूटीरत पुलिसकर्मियों एवं पुलिस अधिकारियों तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के लिए लागू नहीं होगे तथा सिख धर्म के अनुयायियों व विवाह समारोह के दुल्हा-दुल्हन को कटार धारण करने की छूट रहेगी। किसी भी कार्यक्रम सभा, आमसभा, आदि की अनुमति जारी करने के लिए अपर जिला दण्डाधिकारी एवं अनुविभागीय दण्डाधिकारी/रिटर्निंग अधिकारी को सक्षम प्राधिकारी बनाया गया है। इस आदेश का उल्लंघन भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 188 के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध होगा।
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