Zero Shadow Day: आज बेंगलुरू में कुछ देर के लिए नहीं दिखेगी आपको अपनी परछाई, जानिए इस घटना की वजह
Zero Shadow Day: आज दोपहर में बेंगलुरू में जीरो शैडो डे होगा, इस दौरान धरती पर किसी भी आकृति की कोई परछाई नहीं दिखेगी। आखिर क्या है इसकी वजह, समझिए इस लेख के जरिए।

Zero Shadow Day: देश के दक्षिणी हिस्से में आज खास खगोलीय घटना देखने को मिलेगी। बेंगलुरू में आज जीरो शैडो डे का असर देखने को मिलेगा। आज कुछ समय के लिए बेंगलुरू में किसी भी आकृति की परछाई सीधे नहीं बनेगी। वैज्ञानिक भाषा में इसे जीरो शैडो डे कहते हैं। यह घटना दोपहर 12.17 बजे देखने को मिलेगी।
आज होगा खास कार्यक्रम
आज की इस खास घटना को देखने के लिए इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ एस्ट्रोफिजिक्स बेंगलुरू के कोरमंगला में कैंपस में एक खास कार्यक्रम का आयोजन करने जा रही है। आइए डालते हैं एक नजर आखिर क्या होता है यह जीरो शैडो डे।
धुरी पर झुकी है धरती
दरअसल धरती अपनी धुरी पर थोड़ी सी झुकी हुई है और अपनी धुरी पर लगातार घूमती रहती है। ऐसे में धरती जब सूरज के बिल्कुल सामने आती है तो सूरज की रोशनी से धरती पर किसी भी आकृति की एक छवि जमीन पर बनती है, जिसे परछाई कहते हैं।
कब नहीं बनती परछाई
धरती पर लोगों की परछाई बनने की अहम वजह है कि धरती अपनी धुरी पर थोड़ी सी झुकी हुई है और सूरज की रोशनी आने पर हर आकृति की एक परछाई जमीन पर बनती है। लेकिन जब धरती की परछाई सीधे धरती पर पड़ती है तो इससे परछाई नहीं बनती है।

भारत के दक्षिणी हिस्से में होता है जीरो शैडो डे
बता दें कि धरती 23.5 डिग्री अपनी ध्रुव पर झुकी हुई है। जिसका असर भारत पर भी देखने को मिलता है। वर्ष में दो बार भारत के दक्षिणी हिस्से पर सूरज की रोशनी बिल्कुल सीधे पड़ती है। इसकी वजह से धरती पर किसी भी आकृति की कोई परछाई नहीं बनती है।

आकृति के नीचे बनती है परछाई
धरती पर जब कर्क रेखा और मकर रेखा पर हर वर्ष दो बार जीरो शैडो डे होता है। वर्ष में दो बार धरती पर सूरज की रोशनी बिल्कुल सीधे पड़ती है, जिसके चलते धरती पर किसी भी आकृति की परछाई नहीं बनती है। उदाहरण के तौर पर अगर जीरो शैडो डे के दिन किसी डंडे को जमीन पर बिल्कुल सीधा खड़ा करें तो इसकी परछाई जमीन पर नहीं नजर आएगी बल्कि जमनी के निचले सिरे के नीचे बनेगी।












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