तलाक केस में पति ने कहा मैं घर संभालता हूं, SC ने दिया ऐसा जवाब कि चुप रह गया हर कोई
नई दिल्ली। वैवाहिक विवाद पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पति से पूछा कि आप कहते हैं कि घर संभालने वाले हैं लेकिन घर है कहां? जस्टिस कुरियन जोसेफ की अध्यक्षता वाली बेंच एक दंपत्ति के बीच कई मुकदमें से संबंधित विवादों को लेकर सुनवाई कर रही थी। सुनवाई में जस्टिस ने पति जब पूछा कि आप क्या करते हैं? तो इसके जवाब में पति ने कहा कि मैं घर संभालता (होम मेकर) हूं। इसपर जस्टिस ने कहा कि आप पत्नी से कई सालों से लड़ रहे हैं और इसका असर बच्चों पर भी हो रहा है। घर है कहां जो आप संभाल रहे हैं।

इस बात पर आदमी ने खेद जताते हुए कहा कि उसने बहुत कोशिश की है, लेकिन पत्नी के साथ सामंजस्य करना बहुत मुश्किल लग रहा है। जस्टिस जोसेफ ने आदमी को याद दिलाया कि वह अब घर संभालने वाला नहीं रह गया है। जज ने कहा, "आपको काम करना होगा। आपको अपनी पत्नी और दो बच्चों के जीवन-यापन के लिए कमाना होगा और इसके बाद चार मुकदमे लड़ सकते हैं। ''आदमी ने जवाब दिया कि वह सर्जरी करा चुका था और खराब स्थिति से गुजर रहा था।
इस पर कोर्ट ने कहा कि यह ठीक है लेकिन आप काम छोड़ नहीं सकते हैं। आपके पास दो बच्चों की कस्टडी भी है। अदालत में मौजूद उसकी पत्नी ने कहा कि केरल के कई जगहों पर अलग-अलग मुकदमे लड़ने में कठिनाई आ रही है।इस पर कोर्ट ने कहा कि दोनों पक्षों के लिए यह बेहतर होगा, यदि कस्टडी, तलाक आदि सभी मुकदमे एक ही कोर्ट में उसी दिन सुनवाई होती है। बेंच ने सभी मामलों के एक साथ सुनवाई का आदेश दिया और पति को सभी सुनवाई के दिन पत्नी को 5000 रुपए का परिवहन भत्ते देने को कहा।












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