गोरखपुर में PM 'मोदी विद योगी' जानिए CM कैंडिडेट कौन?
गोरखपुर। प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार को गोरखपुर में एम्स अस्पताल एवं खाद कारखाने की आधारशिला रखने पहुंचे। लेकिन भाजपा समेत यूपी के एक बड़े हिस्से के द्वारा इस बात की कयास लगाई जा रही थी कि संभव है इस मंच से पीएम मोदी सीएम कैंडीडेट का भी ऐलान कर देंगे।
आगे जानने के लिए पढ़िये वन इंडिया की ये खास रिपोर्ट-
योगी समर्थकों की उम्मीदें और मजबूत
इशारों-इशारों में कई बातें हुईं...हालांकि सीएम कैंडीडेट के नाम से खुलासा पूर्ण रूप से अभी नहीं किया गया। पर, जिस तरह के संकेत पीएम मोदी के द्वारा दिए गए, उनको मद्देनजर रखते हुए भारी संख्या में मौजूद योगी समर्थकों ने मन ही मन योगी को पूर्ण रूप से भाजपा की ओर से सीएम कैंडीडेट समझ लिया है।
'आपके मजबूत सांसद हमें सोने नहीं देते'- पीएम मोदी
गोरखपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने योगी आदित्यनाथ की तारीफ करते हुए कई बातों से पर्दा उठा दिया। प्रधानमंत्री ने कहा, 'मैं योगी आदित्यनाथ का सम्मान करता हूं। उन्हें पूर्वी भारत के पहिए को भी मजबूत करना है। इसके इतर उन्होंने योगी आदित्यनाथ के लिए यह भी कहा, 'आपके मजबूत सांसद सोने नहीं देते हैं।' पीएम मोदी के इस बयान से एक बार फिर योगी आदित्यनाथ को यूपी बीजेपी का सबसे मजबूत सीएम चेहरे के तौर पर देखा जा रहा है।
योगी की खातिर अपनों से भी समझौता कर बैठे PM
जी हां, अपनों से समझौता। वर्ष 2014 में सत्ता में आने के साथ ही वाराणसी से एम्स का वादा किया गया। लोगों को उम्मीद थी कि हमारा सांसद देश का प्रधानमंत्री भी है। मतलब साफ है कि कार्यवाही तेज होगी। पर, बनारस के साथ वादा पूरा करने से पहले गोरखपुर के सांसद योगी आदित्यनाथ को तवज्जो दी गई और एम्स गोरखपुर के हिस्से आ गया। कहीं न कहीं ये बात भी योगी की अहमियत को जगजाहिर कर रही है।
BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी दे चुके हैं संकेत
बीते दिनों भारतीय जनता पार्टी द्वारा बस्ती में आयोजित बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने योगी-योगी के बुलंद होते नारों पर कहा था कि योगी के नाम पर यूपीवासियों में गजब का उत्साह भर जाता है। जिसे भाजपा के सीएम कैंडीडेट के रूप में योगी प्रबल होती दावेदारी का प्रतीक माना गया।
RSS की मीटिंग में योगी के नाम पर लामबंद
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में बीते दिनों कानपुर में RSS की मीटिंग के दौरान योगी आदित्यनाथ के नाम पर एकजुट हुए खेमे का भी जिक्र किया जा रहा है। माना जा रहा है भाजपा के अव्वल खेमे से लेकर नीचे तक योगी के नाम पर अंतिम सहमति बनाई जा रही है।
भाजपा के कुछ कार्यकर्ताओं में नाराजगी
इन सबके इतर बसपा बनाम दयाशंकर में तनातनी के बाद कहीं न कहीं भाजपा के कुछ कार्यकर्ताओं में इस बात को लेकर नाराजगी है कि यदि दयाशंकर ने बसपा सुप्रीमों पर गलत बयान दिया है तो बसपाईयों ने दयाशंकर के परिवार पर भी बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की है। वहीं भाजपा पूरे मामले में हाथ समेटकर खड़ी है। पार्टी से भी सिंह को निकाल दिया गया है। जबकि बसपा ने अपने कार्यकर्ताओं का साथ नहीं छोड़ा है।
भाजपा ने पूरे प्रदेश में विरोध के स्वर तेज करने का मन बनाया
हां, दयाशंकर सिंह की बेटी के अपमान का बदला लेने की खातिर भाजपा ने पूरे प्रदेश में विरोध के स्वर तेज करने का मन जरूर बनाया है। क्या वाकई इससे कुछ होने वाला है ?
कमजोरी के सींखचे में भाजपा फंस गई
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस पूरे प्रकृम ने बसपा कार्यकर्ताओं के लिए चिंगारी सरीखे काम किया है। वहीं कमजोरी के सींखचे में भाजपा फंस गई है। इससे उबरने के लिए हो सकता है योगी के नाम को जल्द से जल्द सीएम कैंडीडेट के रूप में मूर्त रूप दे दिया जाए।













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