यस बैंक से 50,000 रुपए निकालने की सीमा तय होने पर ओवैसी ने सभी बैंकों को लेकर उठाया सवाल
यस बैंक: ओवैसी ने सभी बैंकों को लेकर उठाया सवाल
नई दिल्ली। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने यस बैंक से पैसा निकालने की ऊपरी सीमा निर्धारित कर दी है। अब बैंक के खाताधारक अधिकतम 50 हजार रुपए ही निकाल सकेंगे। ऐसे में यस बैंक के ग्राहकों के बीच परेशानी देखी जा रही है। बैंकों के सामने शुक्रवार को बहुत सुबह से ही लाइनें लगी हुई हैं। हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इस पर सवाल किया है कि क्या आम आदमी का पैसा बैंक में भी सुरक्षित नहीं हैं।
Recommended Video

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि हाल ही में पीएमसी और अब जय बैंक से पैसा निकालने पर पाबंदियां लगी हैं। ऐसे में एक डर होना तो लाजिमी है। ओवैसी ने शुक्रवार सुबह किए ट्वीट में कहा, पहले गैर बैंकिंग कंपनियां जैसे ILFS & Dewan डूबती अर्थव्यवस्था का शिकार हुईं। उसके बाद एक अमीर राज्य महाराष्ट्र में एक बड़ा सहकारी बैंक पीएमसी बैंक विफल हुआ। अब पहला शैड्यूल कमर्शियल बैंक यस बैंक फेल हो गया। क्या बैंकों में हमारी बचत सुरक्षित है?
बता दें कि आरबीआई ने नकदी की कमी से जूझ रहे यस बैंक से पैसा निकालने की अधिकतम सीमा 50 हजार रुपए निर्धारित कर दी है। बैंक के ग्राहक एक महीने में 50 हजार से ज्यादा नहीं निकाल सकेंगे।
आरबीआई ने गुरुवार देर शाम जारी बयान में कहा कि येस बैंक के निदेशक मंडल को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है। रिजर्व बैंक ने 30 दिन के लिए उसके बोर्ड का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है। भारत में प्राइवेट सेक्टर के चौथे सबसे बड़ा बैंक यस बैंक अगस्त 2018 से संकट में है। उस समय रिजर्व बैंक ने बैंक के संचालन और ऋण से जुड़ी खामियों की वजह से तत्कालीन प्रमुख राणा कपूर को 31 जनवरी, 2019 तक पद छोड़ने को कहा था। बैंक को मार्च 2019 की तिमाही में पहली बार घाटा हुआ। यस बैंक ने शुरुआत में दो अरब डॉलर की पूंजी जुटाने की योजना बनाई थी। इस बारे में कई प्रस्तावों पर विचार-विमर्श हुआ था, लेकिन कोई सिरे नहीं चढ़ सका।












Click it and Unblock the Notifications