यस बैंक में भगवान जगन्नाथ पुरी मंदिर का फंसा 545 करोड़, कुमार विश्वास ने कसा तंज
नई दिल्ली। यस बैंक के खिलाफ जिस तरह से रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने पाबंदी लगाई है, उसके बाद बैंक में कई लोगों का पैसा फंस गया है। यहां तक कि भगवान जगन्नाथ मंदिर का भी बैंक खाता यस बैंक में था। बैंक में भगवान जगन्नाथ मंदिर का कुल 545 करोड़ रुपए फंस गया है। यस बैंक पर रिजर्व बैंक ग्राहकों को अधिकतम निकासी की सीमा 50000 रुपए तय कर दी है, जिसके बाद से बैंक के ग्राहकों को काफी मशक्कत का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें इस बात का डर है कि उनका पैसा बैंक में फंस गया है। इस बीच कुमार विश्वास ने भगवान जगन्नाथ मंदिर का पैसा बैंक में फंसने को लेकर तंज कसा है।

कुमार विश्वास ने कसा तंज
कुमार विश्वास ने ट्वीट करके इस मसले पर तंज कसा है। उन्होंने ट्वीट करके लिखा है कि देते हैं भगवान को धोखा, इंसा का क्या छोड़ेंगे। दरअसल यस बैंक नई पूंजी जुटाने में विफल रहा था और लगातार बैंक से पूंजी का निकास हो रहा था और बैंक के भविष्य पर गहरा संकट मंडरा रहा था, जिसे देखते हुए रिजर्व बैंक ने बैंक से निकासी की सीमा 50000 रुपए तय कर दी है। यही नहीं आरबीआई ने यस बैंक के बोर्ड को भी भंग कर दिया। लेकिन जिस तरह से बैंक में भगवान जगन्नाथ मंदिर का पैसा फंसा है, उसपर मंदिर के दैतापति यानि सेवक विनायक दासमहापात्रा का कहना है कि रिजर्व बैंक की कार्रवाई के बाद सेवक और भक्त सभी आशंकित हैं।

क्या कहना है मंदिर प्रशासन का
विनायक दासमहापात्रा ने कहा कि हम इन लोगों के खिलाफ जांच की मांग करते हैं जिन्होंने ज्यादा ब्याज की लालच में निजी बैंक में इतनी बड़ी राशि को बैंक में जमा करा दिया। वहीं जगन्नाथ सेवा के संयोजक प्रियदर्शी पटनायक ने कहा कि भगवान के धन को निजी क्षेत्र के बैंक में जमा कराना ना सिर्फ गैर कानूनी है बल्कि यह अनैतिक भी है। इसके लिए पूरी तरह से मंदिर प्रशासन और मंदिर की प्रबंधन समिति जिम्मेदार है। हमने निजी बैंक में पैसा जमा कराने के मामले में पुरी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है। लेकिन अभी तक इस मामले पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। वहीं विधि मंत्री प्रताप जेना ने कहा कि बैंक में पैसा फिक्स डिपॉजिट के रूप में रखा गया है, यह सेविंग खाते में नहीं है। सरकार ने इस राशि के मेच्योर होने के बाद इसे यस बैंस से किसी अन्य राष्ट्रीयकृत बैंद में ट्रांसफर करने का फैसला लिया है।

बैंक के फाउंडर और पूर्व सीईओ पुलिस कस्टडी में
गौरतलब है कि यस बैंक के फाउंडर और पूर्व सीईओ राणा कपूर को मुंबई की विशेष अदालत ने 11 मार्च तक की ईडी कस्टडी में भेज दिया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर को धन शोधन के आरोपों के तहत रविवार तड़के गिरफ्तार किया था उसके बाद ईडी ने राणा कपूर को आज मुंबई के पीएमएलए कोर्ट में पेश किया, जहां से कोर्ट ने राणा कपूर को पूछताछ के लिए 11 मार्च तक ईडी की कस्टडी में भेज दिया है। राणा को गिरफ्तार करने के बाद अधिकारियों ने बताया कि बैंकर को तड़के करीब तीन बजे धन शोधन निवारण कानून (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया है क्योंकि वह जांच में कथित तौर पर सहयोग नहीं कर रहे थे, आपको बता दें कि ईडी ने राणा कपूर के घर पर शुक्रवार रात को छापा मारा था जिसके बाद 20 घंटे से अधिक समय तक चली पूछताछ के बाद बेलार्ड एस्टेट में ईडी के कार्यालय में कपूर को अरेस्ट किया था।












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