अगर सरकार से समस्या है तो पार्टी से इस्तीफा से दे दें यशवंत और शत्रुघ्न- भाजपा नेता
नई दिल्ली। तेलंगाना में भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता कृष्णा सागर राव ने कहा कि यशवंत सिन्हा और शत्रुघ्न सिन्हा को पार्टी से इस्तीफा देना चाहिए यदि उन्हें सरकार से "समस्याएं" हैं और पार्टी मंचों पर मुद्दों को उठाने के लिए पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहे हैं। राव ने कहा कि दोनों नेता लंबे समय से पार्टी की अनुशासनात्मक रेखा 'लक्ष्मण रेखा', पार कर चुके हैं। गौरतलब है कि मंगलवार (14 नवंबर) को यशवंत सिन्हा ने गुजरात में कहा था कि अरुण जेटली गुजरात की जनता पर बोझ हैं इसलिए देशवासियों का यह मांग करना उचित होगा कि जेटली उन्हें हुई कठिनाइयों के लिए पद छोड़ें । आपको बता दें कि अरुण जेटली गुजरात से राज्यसभा के सदस्य हैं।

यशवंत सिन्हा ने संवाददाताओं से बातचीत में यह आरोप भी लगाया कि सभी पहलुओं पर विचार किये बिना जीएसटी को लागू कर दिया गया है जो कि सरासर गलत है। यशंवत सिन्हा ने ये बेबाक टिप्पणी'लोकशाही बचाओ आंदोलन'से जुड़े कार्यकर्ताओं के लिए आयोजित एक संवाददाता कार्यक्रम में कही थी। यशवंत सिन्हा ने ये भी कहा था कि नोटबंदी का उद्देश्य पूरा नहीं हुआ और ना ही कोई कालाधन वापस आया।
यही नहीं 99 फीसदी करेंसी बैंकों में वापस आ गई। इसके साथ ही उन्होंने सवाल खड़ा किया कि अगर जीएसटी सही है तो इसमे बदलाव की जरूरत क्यों पड़ रही है। वहीं शुक्रवार (1 1 नवंबर) को भाजपा के वरिष्ठ नेता और सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने नोटबंदी को नाकामयाब बताया है। शुक्रवार को सिन्हा ने ट्वीट किया 'इस पोस्ट ने सोच में डाल दिया.. अगर 'नोटबंदी' से लोग खुश होते तो जश्न सरकार नहीं, लोग मना रहे होते।'
भाजपा नेता ने कहा कि यशवंत की टिप्पणियां व्यक्तिगत हैं और वो सरकार में कोई पद चाहते हैं। राव ने कहा कि भाजपा जब भी चुनावों में उतरती है यशवंत यही करते हैं। पहले बिहार, फिर यूपी और अब हिमाचल प्रदेश गुजरात के चुनाव के समय वो बयानबाजी कर रहे हैं।












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