पहलवानों की सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा- नाबालिग लड़कियों को सिक्योरिटी दे पुलिस
पहलवानों के प्रदर्शन का असर दिखने लगा है। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद दिल्ली पुलिस FIR दर्ज करने के लिए तैयार हो गई है। वहीं पहलवानों की सुरक्षा को लेकर भी सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश जारी किए हैं।

Supreme Court On Wrestlers Protest: वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट से एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में महिला पहलवानों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए निर्देश जारी करने का आग्रह किया। इस पर दिल्ली पुलिस की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि पुलिस इन सभी चिंताओं का समाधान कर सकती है। वहीं सुप्रीम कोर्ट सिब्बल की मांगों का संज्ञान लेते हुए पहलवानों की सुरक्षा को लेकर दिशानिर्देश जारी किए।
सुप्रीम कोर्ट ने सुरक्षा को लेकर जारी किए निर्देश
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने दिल्ली पुलिस को खतरे की आशंका का पर्याप्त आकलन करने और नाबालिग लड़की को सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जांच के निर्देश के बाद इन खिलाड़ियों को खतरा हो सकता है इसलिए दिल्ली पुलिस सुरक्षा का ख्याल रखें।
शाम तक एफआईआर दर्ज करेगी दिल्ली पुलिस
कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण सिंह (Brij Bhushan Singh) के खिलाफ FIR दर्ज करने के मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में जोरदार बहस हुई। जिसके बाद यहां दिल्ली पुलिस एफआईआर दर्ज करने के लिए तैयार हो गई। एसजी तुषार मेहता ने कोर्ट में कहा कि आज शाम तक दिल्ली पुलिस पहलवानों की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर लेगी।
बृजभूषण पर क्या हैं आरोप
दरअसल, कई महिला पहलवानों ने भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष और भाजपा सांसद बृजभूषण सिंह पर आरोप लगाया है कि उन्होंने पहलवानों का उत्पीड़न किया है। पहलवानों का कहना है कि हमलोग तीन महीने से न्याय की आस में हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई न ही आरोपी के खिलाफ एफआईआर लिखी गई।
पहलवानों के विरोध पर खेल मंत्री अनुराग ठाकुर का आया बयान
वहीं पहलवानों के विरोध पर केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर का बड़ा बयान सामने आया है। अनुराग ठाकुर ने कहा कि पिछली बार भी मैं उनसे (पहलवानों) मिला था। जांच के लिए कमेटी बनाई। महिला पहलवानों की सहूलियत के लिए कमेटी में और भी महिला सदस्यों को शामिल किया गया ताकि वे बिना किसी झिझक के उनसे अपनी समस्या साझा कर सकें. हमने आईओए को डब्ल्यूएफआई के दिन-प्रतिदिन के मामलों को देखने के लिए एक तदर्थ समिति बनाने के लिए भी कहा।












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