Wrestlers Protest: हरियाणा बीजेपी में बढ़ रही है बेचैनी, पार्टी के नेता दिल्ली तक लगा रहे हैं गुहार
Wrestlers Protest: पहलवानों के विरोध का मसला अब हरियाणा में बीजेपी नेताओं को बेचैन कर रहा है। वह केंद्रीय नेतृत्व और सरकार तक से गुहार लगाने लगे हैं।

पहलवानों के विरोध और केंद्र सरकार से इसका कोई हल नहीं निकलता देख हरियाणा बीजेपी के अंदर बेचैनी बढ़ती जा रही है। पहलवानों के एक ग्रुप ने रेसलर फेडरेशन के चीफ पर यौन उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं, लेकिन करीब पांच महीने बाद भी उनकी शिकायतें केंद्र सरकार दूर नहीं कर पाई है।
हरियाणा बीजेपी में बढ़ रही है बेचैनी
हरियाणा बीजेपी के अंदर का दर्द ये है कि विरोध की अगुवाई करने वाले देश के तीनों बड़े रेसलर- साक्षी मलिक, विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया हरियाणा के ही रहने वाले हैं। इन तीनों की शिकायत है कि उन्होंने रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के चीफ और बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ जो आरोप लगाए हैं, उसको लेकर केंद्र सरकार कुछ खास नहीं कर रही है।
रविवार की घटना के बाद बढ़ गई है चिंता
बृजभूषण सिंह अपने ऊपर लगाए गए तमाम आरोपों को बार-बार खारिज कर चुके हैं। वहीं सरकार शुरू से पुलिस जांच पर जोर देती रही है। लेकिन, रविवार को नई संसद की ओर कूच करने के दौरान जिस तरह से पहलवानों को वहां से हटाया गया, उससे संदेश यही गया कि सरकार पहलवानों को लेकर अब सख्त हो रही है।
आंदोलनकारी खिलाड़ियों के समर्थन में आ रहे हैं भाजपा नेता
हरियाणा में बीजेपी की अगुवाई वाली सरकार है। वहां अगले साल लोकसभा के साथ ही विधानसभा चुनाव भी होने हैं। ऐसे में वहां के भाजपा नेताओं की बेचैनी और दर्द को समझा जा सकता है। यही वजह है कि पहलवानों को हिसार से सांसद बृजेंद्र सिंह और प्रदेश के प्रभावी गृहमंत्री अनिल विज का भी खुला समर्थन हासिल हुआ है।
'पहलवानों के दर्द और लाचारी को महसूस करता हूं'
जब इस हफ्ते प्रदर्शनकारी पहलवान अपना मेडल गंगा में विसर्जित करने का दावा करते हुए हरिद्वार जा रहे थे तो हिसार के सांसद ने एक ट्वीट किया, 'मैं अपने पहलवानों के दर्द और लाचारी को महसूस कर सकता हूं, अपने जीवन भर की कड़ी मेहनत,ओलंपिक, राष्ट्रमंडल, एशियाई खेलों के पदकों को उन्हें पवित्र गंगा में फेंकने के कगार पर पहुंचा दिया गया है। बिल्कुल ही दिल दहला देने वाला है।'
मैं खिलाड़ियों के साथ हूं- विज
इससे पहले विज कह चुके हैं, 'जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन कर रहे पहलवानों के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मैं स्वयं खेल विभाग में मंत्री रह चुका हूं और मैं पूरी तरह से खिलाड़ियों के साथ हूं। यदि मुझे कुछ कहना होगा या सरकार में उच्च स्तर पर कुछ बताना होगा, तो मैं वह करूंगा।'
खट्टर मामले से कर चुके हैं किनारा
हरियाणा में कुश्ती खिलाड़ियों के प्रति समर्थन बढ़ने के बावजदू प्रदेश की सरकार ने अभी तक खुद को इससे दूर ही रखने की कोशिश की है। मसलन, मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर कह चुके हैं कि यह 'मामला हरियाणा से जुड़ा हुआ नहीं है', बल्कि खिलाड़ियं की टीम और केंद्र सरकार के बीच का है।
दिल्ली तक लगाई गुहार
हकीकत ये है कि प्रदर्शनकारी पहलवानों को किसान यूनियनों, खाप पंचायतों और मोदी-विरोधी तमाम विपक्षी दलों का साथ मिल रहा है। विपक्ष को लगता है कि इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को झुकाना आसान होगा। यही वजह है कि इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह भी मुखर हुए हैं। उन्होंने पहलवानों से मुलाकात के बाद भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के पास भी यह मुद्दा उठाया है और कहा है कि इससे पार्टी की विश्वसनीयता पर असर पड़ रहा है।
उन्होंने इस मसले का जल्द से जल्द सौहार्दपूर्ण हल निकालने और खेल संघों में भी सुधार पर जोर दिया है। हरियाणा बीजेपी के अध्यक्ष ओम प्रकाश धनकड़ ने भी बताया है कि उन्होंने इस मसले को केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर के सामने रखा है और कहा है कि पहलवानों को न्याय मिलना चाहिए।
जांच के नतीजे आने तक धैर्य रखें पहलवान- सरकार
वैसे बुधवार को ठाकुर में एथलीटों से पुलिस की जांच में भरोसा रखने को कहा था। उन्होंने कहा, 'मेरे प्यारे एथलीट, आपको दिल्ली पुलिस की ओर से की जाने वाली जांच पर भरोसा रखना चाहिए....मैं पहलवानों से आग्रह करता हूं कि जांच के नतीजे आने तक धैर्य रखें। मैं उनसे यह भी आग्रह करता हूं कि वे ऐसा कोई भी कदम न उठाएं, जिससे खेल को नुकसान पहुंचे या किसी खिलाड़ी की भावना को चोट पहुंचे।'












Click it and Unblock the Notifications