Wrestlers Protest: Anurag Thakur ने पहलवानों को वार्ता के लिए फिर आमंत्रित किया, शाह संग बेनतीजा रही है बैठक
रेसलिंग फेडरेशन प्रमुख सह भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ पहलवानों का विरोध जारी है। अब अनुराग ठाकुर ने आक्रोशित रेसलर्स को गतिरोध वाले मुद्दों पर चर्चा के लिए आमंत्रित किया है। जानिए पूरा मामला

Wrestlers Protest: सरकार की किरकिरी करा रहा है। भाजपा सांसद के इस्तीफे और उनकी गिरफ्तारी की मांग कर रहे पहलवानों का विरोध-प्रदर्शन जारी है। अब खेल मंत्री Anurag Thakur ने पहलवानों को वार्ता के लिए आमंत्रित किया है।
गौरतलब है कि पहलवानों और गृह मंत्री शाह के बीच बैठक बेनतीजा रही है। समझौते और विरोध खत्म होने की अटकलों को पहलानों ने खारिज किया है। खुद बजरंग पूनिया ने कहा है कि शाह से कोई समझौता नहीं हुई, इसलिए इंसाफ मिलने तक पहलवानों का विरोध जारी रहेगा।
यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष बृजभूषण सिंह के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे पहलवानों में साक्षी मलिक, विनेश फोगट और बजरंग पुनिया सरीखे सितारे शामिल हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार इन्होंने रेलवे में अपनी ड्यूटी भी ज्वाइन कर ली है।
बता दें कि ओलंपियन बजरंग पुनिया, साक्षी मलिक और विनेश फोगट यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर डब्ल्यूएफआई प्रमुख को हटाने और गिरफ्तारी के लिए दबाव बनाने के लिए इस साल की शुरुआत से विरोध कर रहे हैं। इसी बीच अनुराग ठाकुर का आमंत्रण सामने आया है।
गौरतलब है कि विगत 28 मई को, दिल्ली के संसद भवन इलारे में धारा 144 लागू होने के बावजूद, पहलवानों ने नई संसद के सामने एक मार्च और विरोध की योजना बनाई थी। उन्हें रास्ते में दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया।
पहलवानों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 147, 149, 186, 188, 332, 353 और पीडीपीपी अधिनियम की धारा 3 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर का धरना स्थल को भी खाली करा लिया है।
आक्रोशित पहलवानों ने जंतर-मंतर से निकाले जाने और दिल्ली पुलिस के साथ धक्का-मुक्की, हाथापाई के बाद अपने मेडल गंगा में विसर्जित करने की घोषणा की। हरिद्वार पहुंचे पहलवानों ने किसान नेता नरेश टिकैत की अपील पर मेडल प्रवाहित नहीं किए ।केंद्र को पांच दिन का अल्टीमेटम दिया।
बता दें कि दिल्ली पुलिस ने डब्ल्यूएफआई प्रमुख बृजभूषण सिंह के खिलाफ 10 शिकायतें और दो प्राथमिकी दर्ज की हैं। पहली प्राथमिकी एक नाबालिग के आरोपों से संबंधित है। ये यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) अधिनियम के तहत दर्ज FIR है।
इसके अलावा, दूसरी प्राथमिकी अपमानजनक बर्ताव और शीलभंग के प्रयास से संबंधित है। ये भी रोचक है कि WFI प्रमुख सह भाजपा सांसद बृजभूषण सिंह ने खुद को बेगुनाह बताते हुए कहा है कि अगर एक भी आरोप सही साबित हुए तो वह "खुद को फांसी लगा लेंगे।"
खेल मंत्री अनुराग ठाकुर के हस्तक्षेप से पहले भारतीय कुश्ती के भविष्य पर यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) सवाल खड़े कर चुकी है। पहलवानों को हिरासत में लिए जाने की निंदा कर दुनिया की शीर्ष कुश्ती संस्था ने डब्ल्यूएफआई प्रमुख के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।












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