Delhi pollution:5 साल में दिवाली के बाद सबसे 'भयावह' हालात, जानिए हवा में घुले 'जहर' की स्थिति
नई दिल्ली, 5 नवंबर: दिवाली के अगले दिन राजधानी दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) औसतन पांच साल के रिकॉर्ड को पार कर गया है। दिल्ली में 2016 के बाद पहली बार औसतन उच्चतम एक्यूआई 462 (गंभीर) तक पहुंच गया है। पिछले साल दिवाली के अगले दिन राजधानी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 435 दर्ज किया गया था। शुक्रवार शाम तक राजधानी में कई जगहों पर हवा की गुणवत्ता 'गंभीर' श्रेणी में बनी हुई थी। उधर दिल्ली सरकार ने दिवाली पर आतिशबाजी के लिए विपक्ष पर लोगों को उकसाने का आरोप लगाया है।

दिवाली की रात से ही बिगड़े हालात
गुरुवार को दिवाली की रात 9 बजे दिल्ली में इस मौसम में पहली बार वायु प्रदूषण का स्तर 'गंभीर' श्रेणी में पहुंच गया था। शुक्रवार सुबह तक स्थिति ऐसी हो गई थी कि न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक लुटियंस जोन में भी जनपथ इलाके में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 'खतरनाक' श्रेणी में पहुंच चुकी थी। यही नहीं, पीएम-2.5 भी 655.07 के स्तर तक पहुंच गया, जो कि सरकारी मानकों के मुताबिक 380 से बढ़ने पर 'गंभीर' माना जाता है। ये हाल तब है जब दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार ने पटाखे जलाने पर पूर्ण पाबंदी लगा रखी है। बावजूद इसके दिवाली में जमकर पटाखे जलाए जाने की खबरें हैं और रात होते-होते प्रदूषण की स्थिति बद से बदतर होती चली गई।

राजधानी की हवा में प्रदूषण वाला 'जहर'
शुक्रवार सुबह में यह जानकारी सामने आई थी कि दिल्ली में पीएम 2.5 लेवल पिछले 24 घंटों में तीन साल में सबसे ज्यादा हो गया है। इसके दो मुख्य कारण बताए गए। धान की पराली जलाना और पटाखे फोड़ना। यह जानकारी केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के एयर क्वालिटी सिस्टम एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च के विश्लेषण के आधार पर सामने आई। हालांकि, इस विश्लेषण से यह भी पता चलता है कि पीएम 2.5 का स्तर इस साल की दिवाली में 2018 की तुलना में 'काफी कम' था। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक दिल्ली के कई जगहों पर अभी भी वायु प्रदूषण का स्तर 'गंभीर' श्रेणी में बना हुआ है। शुक्रवार शाम 6 बजे आनंद विहार में एक्यूआई 467 (गंभीर), चांदनी चौक में 443(गंभीर), जहांगीरपुरी में 481(गंभीर), एनएआईटी द्वारका में 457(गंभीर) और श्रीफोर्ट में 465(गंभीर) पर बना हुआ था।

दिल्ली सरकार ने विपक्ष को बताया जिम्मेदार
इस बीच दिल्ली की अरविंद केजरीवाल की सरकार दिवाली के बाद प्रदूषण की स्थिति बिगड़ने का ठीकरा विपक्ष खासकर बीजेपी पर फोड़ रही है। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा है कि 'कुछ लोगों ने जानबूझकर' दिवाली पर लोगों को पटाखे जलाने को कहा। उन्होंने कहा, 'दिल्ली सरकार पहले ही लोगों से प्रदूषण की स्थिति को लेकर कई अपील कर चुकी है, लेकिन विरोधी दलों ने सिर्फ राजनीति के लिए लोगों को पटाखे जलाने के लिए प्रोत्साहित किया, जिसके चलते अब स्थिति खराब हो गई है।'

दिवाली पर पटाखे को लेकर सुप्रीम कोर्ट का भी सख्त रहा है रुख
बता दें कि वायु प्रदूषण की वजह से पटाखों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख भी दिवाली के पहले से काफी कड़ा रहा है। हालांकि, बाद में उसने खतरनाक पटाखों को छोड़कर ग्रीन पटाखों को लेकर थोड़ी राहत भी दी थी। यहां तक कि पटाखों पर पूर्ण पाबंदी लगाने वाले कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश में सुधार भी कर दिया था। लेकिन, दिल्ली-एनसीआर में दिवाली की रात जमकर आतिशबाजी होने की रिपोर्ट है और माना जा रहा है कि उसकी वजह से हवा बहुत ही ज्यादा खराब हो चुकी है।












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