क्रिमिनल केस के आरोपी भारतीय डॉक्टर को वर्ल्ड मेडिकल एसोसिएशन ने बनाया अध्यक्ष
केतन देसाई पर पहली बार 2009 में तब साजिश रचने और भ्रष्टाचार के मामलों का खुलास हुआ था जब उन्हें पहली बार WMA के भावी अध्यक्ष के तौर पर चुना गया था।
नई दिल्ली। वर्ल्ड मेडिकल एसोसिएशन (WMA) ने शुक्रवार को एक हैरान कर देने वाला फैसला लेते हुए उस भारतीय डॉक्टर को अध्यक्ष चुना है जिसके खिलाफ भ्रष्टाचार और अपराध के मामले दर्ज हैं। डॉक्टर के खिलाफ कई केस चल रहे हैं।

WMA की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि डॉक्टर केतन देसाई ने ताइवान में एसोसिएशन की नेशनल असेंबली में बतौर अध्यक्ष अपना भाषण दिया है। वह इस पद पर 2016-17 के लिए चुने गए हैं।
पहली बार 2009 में दर्ज हुआ था केस
केतन देसाई पर पहली बार 2009 में तब साजिश रचने और भ्रष्टाचार के मामलों का खुलास हुआ था जब उन्हें पहली बार WMA के भावी अध्यक्ष के तौर पर चुना गया था। हालांकि डॉक्टर देसाई ने खुद पर लगे सारे आरोपों को खारिज किया।
एसोसिएशन ने भी टाला सवाल
इस संबंध में जब एसोसिएशन से संपर्क साधा गया तो वहां के प्रवक्ता निगेल डंकन ने कहा कि एसोसिएशन इसके अलावा कुछ नहीं कहना चाहता। उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि इस बारे में कुछ और बोलने की जरूरत है। हम सब कुछ पहले ही बता चुके हैं।' हालांकि वह देसाई पर चल रहे कानूनी मामलों से जुड़े सवाल टाल गए।
बता दें कि साल 2010 में देसाई के खिलाफ भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश रचने का केस तब दर्ज कराया गया था जब उन पर एक मेडिकल कॉलेज से 20 लाख रुपये रिश्वत लेने का आरोप लगा था। जांच में पता चला था कि देसाई ने इसके बदले मेडिकल काउंसिल से ज्यादा छात्रों के एडमिशन की छूट हासिल करने में कॉलेज की मदद की थी।
जाना पड़ा था जेल
इस मामले में तब देसाई को जेल जाना पड़ा था और इसी वजह से तब WMA के अध्यक्ष के तौर पर उनका कार्यकाल भी स्थगित कर दिया गया था। बाद में देसाई जमानत पर रिहा हुए। 2013 में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) की ओर से आश्वस्त किए जाने के बाद WMA ने देसाई पर लगाया प्रतिबंध हटा लिया था। देसाई पहले IMA के भी अध्यक्ष रह चुके हैं।
IMA पर गलत जानकारी देने का भी आरोप
बीते साल जुलाई में IMA ने गलत जानकारी देते हुए WMA को बताया था कि डॉक्टर देसाई पर लगे आरोप वापस ले लिए गए हैं। डॉक्टरों की विश्वस्तरीय संस्था ने इस जानकारी को तथ्य के तौर पर इस्तेमाल किया। हालांकि उस वक्त सवाल उठे तो WMA ने इस मामले पर जांच की बात कही लेकिन अक्टूबर 2015 में अचानक देसाई को आगामी अध्यक्ष बनाए जाने की घोषणा कर दी।
अब भी चल रहा है केस
देसाई के खिलाफ जांच कर रही सीबीआई ने बताया कि उनके खिलाफ केस अभी भी कोर्ट में है। सुप्रीम कोर्ट में अपील रुकी होने की वजह से मामले की सुनवाई पर रोक लगी थी। सूत्रों ने बताया कि देसाई को अब भी जिला अदालत में सुनवाई के वक्त पेश होना है। कोर्ट में तीन अगस्त को दिए गए डॉक्यूमेंट में यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर देसाई ने अपील की थी कि उन्हें कोर्ट में पेशी से छूट दी जाए। इसके पीछे उन्होंने अपनी बीमारी को वजह बताया था। मामले की अगली सुनवाई 4 नवंबर को है।












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