Parliament Winter session: संसद का शीतकालीन सत्र आज से शुरू, अडानी पर हो सकता है हंगामा
Winter session of Parliament: संसद का शीतकालीन सत्र आज यानी सोमवार (25 नवंबर) से शुरू हो रहा है, जो 20 दिसंबर तक चलेगा। संसद की परंपरा के मुताबिक संसदीय सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पार्लियामेंट के हंस द्वार के पास महत्वपूर्ण विषयों से सदस्यों को अवगत कराएंगे।
आज यानी सोमवार से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र से पहले ही विपक्ष ने कई मुद्दों पर सरकार को घेरने और सवाल उठाने की तैयारी कर ली है। इस सत्र में उद्योगपति गौतम अडानी पर अमेरिका द्वारा लगाए गए अभियोग से लेकर मणिपुर में अशांति जैसे मुद्दों को लेकर हंगामा देखने को मिल सकता है।

ये संसद का तीसरा सत्र है। इससे पहले रविवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई,जिसमें 30 पार्टियों के कुल 42 नेता मौजूद थे। कांग्रेस समेत विपक्षी नेताओं ने लोकसभा में पहले दिन अडाणी मामले पर बहस की मांग की।
इस बार सत्र की कार्यवाही शुरू होने से पहले केरल और नांदेड़ सीट से उपचुनाव जीतकर आए 2 नए सांसदों को लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला शपथ दिलाएंगे।
ये हैं अहम मुद्दे
अमेरिका की न्यूयॉर्क फेडरल कोर्ट ने गौतम अडाणी पर सोलर एनर्जी कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के लिए भारतीय अधिकारियों को लगभग 2,200 करोड़ रुपए की रिश्वत देने की पेशकश का आरोप लगाया है। राहुल गांधी ने इस मामले पर JPC की मांग रखी है। वहीं कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि उनकी पार्टी ने मणिपुर हिंसा, प्रदूषण, रेल दुर्घटनाओं पर भी संसद में चर्चा का प्रस्ताव रखा है।
संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने की अपील
हालांकि, संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा- चर्चा के मुद्दों पर कार्य मंत्रणा समिति फैसला करेगी। विपक्ष सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलने दें।
सत्र के दौरान होंगी 19 बैठकें
संसद का शीतकालीन सत्र 20 दिसंबर तक चलेगा। इस दौरान 19 बैठकें होंगी। बता दें कि सरकार ने संसद से मंजूरी के लिए वक्फ संशोधन विधेयक सहित 16 विधेयकों की लिस्ट तैयार कर ली है। वहीं लोकसभा में 8 और राज्यसभा में 2 विधेयक लंबित हैं।
संसद का शीतकालीन सत्र ऐसे समय में जब शुरू हो रहा है,जब ठीक दो दिन पहले दो राज्यों के चुनाव परिणाम आए हैं, जिसमें कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद खराब रहा है। हालांकि इंडिया गठबंधन की झारखंड में जीत जरूर हुई, लेकिन कांग्रेस को सीटों का भारी नुकसान हुआ। महाराष्ट्र में कांग्रेस के लिए स्थिति तो इससे भी खराब रही।












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