'जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ कम, इस साल सिर्फ 28 घटनाएं', राज्यसभा में HM का लिखित जवाब
नई दिल्ली, 1 दिसंबर: संसद का शीतकालीन सत्र जारी है। इस बीच राज्यसभा में जम्मू-कश्मीर को लेकर एक प्रश्न पूछा गया था। जिस पर बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लिखित जवाब दिया। इस जवाब में मंत्रालय ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में 2018 के बाद से घुसपैठ और आतंकवादी हमलों की घटनाओं में काफी कमी आई है। वहां पर 2018 में घुसपैठ की 143 घटनाएं रिकॉर्ड की गई थीं, जबकि इस साल नवंबर तक केवल 28 घुसपैठ की घटनाएं हुईं।

इसके अलावा 2018 में कुल 417 आतंकी वारदातें दर्ज की गईं, जबकि इस साल 21 नवंबर तक इसकी कुल संख्या 244 है। अपने जवाब में मंत्रालय ने आगे कहा कि अक्टूबर 2021 में कश्मीर में रहने वाले लगभग 115 कश्मीरी पंडित परिवार जम्मू चले गए। ये परिवार सरकारी कर्मचारियों के हैं। आमतौर पर अधिकारियों की आवाजाही, शिक्षण संस्थानों में अवकाश के चलते सर्दियों में लोग जम्मू चले आते हैं। जब गर्मियों में मौसम सामान्य हो जाता है, तो ये परिवार वापस कश्मीर घाटी में लौट जाते हैं।
वहीं राज्यसभा में देश की जेलों से संबंधित प्रश्न भी पूछा गया है। जिस पर गृह मंत्रालय ने कहा कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के अनुसार देश की जेलों में 4,03,739 कैदियों की क्षमता के मुकाबले 4,78,600 कैदी बंद हैं।
शून्यकाल और प्रश्नकाल में हंगामा
बुधवार को राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी दलों ने जमकर हंगामा किया। नारेबाजी बढ़ता देख उच्च सदन को स्थगित कर दिया गया। कुछ देर बाद जब दोबारा से कार्यवाही शुरू हुई, तो 5 मिनट बाद उसे दूसरी बार स्थगित करना पड़ा। उपसभापति ने प्रश्नकाल शुरू करते हुए रेवती रमन सिंह का नाम पुकारा था, लेकिन तब तक विपक्षी दलों के सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी। जिस वजह से शून्यकाल और प्रश्नकाल हंगामे की भेंट चढ़ गया। विपक्षी दल 12 सांसदों के निलंबन को रद्द करने की मांग पर अड़े हैं।












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