टीएमसी ने क्यों किया विपक्ष की बैठक से दूर रहने का फैसला, डेरेक ओब्रायन ने बताया
नई दिल्ली, 28 नवंबर: कांग्रेस ने शीत सत्र से पहले सोमवार सुबह विपक्ष की बैठक बुलाई है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने इस बैठक से दूर रहने का फैसला किया है। जिसके बाद कई तरह की अटकलें ममता बनर्जी और टीएमसी की भविष्य की राजनीति को लेकर लग रह हैं। इस सबको लेकर टीएमसी के सीनियर नेता और राज्यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने कहा है कि संसद में उनकी पार्टी एकजुट विपक्ष का हिस्सा बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि वो संसद में विपक्षी एकजुटता पर विश्वास रखते हैं लेकिन कांग्रेस के साथ उनकी अपनी हदें हैं।

राज्यसभा में टीएमसी के संसदीय दल के नेत ओब्रायन ने कहा, कांग्रेस के साथ हमारे और राजद, डीएमके, सीपीएम के रिश्तों में फर्क है। वो लोग कांग्रेस के चुनावी सहयोगी हैं, ये साथ मेंचुनाव लड़ते हैं । वहीं एनसीपी, शिवसेना और झामुमो तो कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार चला भी रहे हैं। ओब्रायन ने कहा कि कांग्रेस हमारी चुनावी सहयोगी नहीं है और ना ही हम उनके साथ सरकार चला रहे हैं। हमारे और दूसरे दलों के बीच यह अहम फर्क है। ऐसे में हमारे उनसे रिश्तों में एक हद बनी हुई है।
टीएमसी ने नहीं जाएगी विपक्षी दलों की बैठक में
29 नवंबर से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र से कुछ घंटे पहले विपक्षी दलों की बैठक होने जा रही है लेकिन टीएमसी ने उस बैठक से दूर रहने का फैसला किया है। कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने विपक्षी दलों की ये बैठक बुलाई है। विपक्षी पार्टियों में एक बड़ी ताकत तृणमूल कांग्रेस ने इसमें शामिल होने से इनकार कर दिया है।
बता दें कि बीते कुछ समय में कांग्रेस को टीएमसी के कई नेताओं को अपने पाले में किया है। हाल में ममता की पार्टी ने मेघालय में कांग्रेस के 17 में से 12 विधायक तोड़ लिए थे। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री मुकुल संगमा भी शामिल हैं। ऐसे में दोनों दलों के बीच रिश्ते इस समय तनावपूर्ण हैं।












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