नरेंद्र मोदी पर हमलावर क्यों हैं अरुण शौरी और यशवंत सिन्हा, अटल के नौ रत्नों में थे शामिल

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    PM Modi के प्रति हमलावर क्यों रहते है, Vajpayee Government के ये दो मंत्री । वनइंडिया हिंदी

    नई दिल्ली। वाजपेयी सरकार में मंत्री रह चुके भाजपा के दो कद्दावर नेता अब मोदी सरकार के विरोध में उतर आए हैं। यह दोनों ही नेता अटल बिहारी वाजपेयी के नौ रत्नों में रह चुके हैं। अब यहां सोचने की बात यह है कि आखिर अटल के ये मंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति इतने हमलावर क्यों है? आखिर क्या बात है कि वह मोदी सरकार की नीतियों और उन्हें लागू करने के पीएम मोदी के अंदाज से नाखुश हैं? आपको बता दें कि पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा और अरुण शौरी पीएम मोदी के प्रति काफी हमलावर है, जो अटल बिहारी वापपेयी की सरकार में मंत्री थे। पहले यशवंत सिन्हा ने मोदी सरकार पर नोटबंदी और जीएसटी को लेकर हमला बोला था और अब अरुण शौरी ने भी मोदी सरकार के इन फैसलों को गलत करार देते हुए निशाना साधा है। आइए जानते हैं भाजपा के ये दोनों कद्दावर नेता पीएम मोदी पर हमला क्यों बोल रहे हैं।

    अलग-थलग कर दिया पीएम मोदी ने

    अलग-थलग कर दिया पीएम मोदी ने

    अटल बिहारी की सरकार में यशवंत सिन्हा और अरुण शौरी दोनों ही उनके नौ रत्नों में शामिल थे। लेकिन 2014 में भाजपा के सत्ता में आने के बाद पीएम मोदी ने कैबिनेट को अपने हिसाब से बनाया है। पीएम मोदी ने इन दोनों को ही अपनी कैबिनेट में कोई खास अहमियत नहीं दी है और इन्हें अलग-थलग कर दिया है, जबकि ये दोनों ही नेता अटल के बेहद खास थे। नरेन्द्र मोदी के प्रति इतना हमलावर होने का सबसे बड़ा कारण यही है।

    क्या बोले अरुण शौरी?

    क्या बोले अरुण शौरी?

    अरुण शौरी नोटबंदी से लेकर जीएसटी तक कई मुद्दों पर मोदी सरकार को घेर चुके हैं। यहां तक उन्होंने मोदी सरकार के कामकाज की भी आलोचना की है। आइए जानते हैं उन्होंने क्या-क्या कहा है।

    नोटबंदी सबसे बड़ी मनी लॉन्डरिंग स्कीम
    अरुण शौरी ने कहा है कि मोदी सरकार में की गई नोटबंदी अब तक की सबसे बड़ी मनी लॉन्डरिंग स्कीम है। अरुण शौरी ने भारतीय रिजर्व बैंक के उन आंकड़ों को भी साझा किया, जिसमें नोटबंदी के बाद 99 फीसदी पुराने नोट बैंकों में जमा होने की बात कही गई थी। इसे आधार लेते हुए उन्होंने कहा कि नोटबंदी से बहुत सारे लोगों ने अपने कालेधन को सफेद में बदल लिया।

    ढाई लोगों की सरकार
    शौरी ने मोदी सरकार के कामकाज पर भी टिप्पणी की और कहा कि यह सरकार सिर्फ इवेंट मैनेजमेंट का काम कर रही है। वह बोले कि सिर्फ ढाई लोग ही पूरी सरकार को चला रहे हैं। इस सरकार में किसी को नहीं सुना जाता है।

    जीएसटी से गिरी अर्थव्यवस्था
    जीएसटी को लेकर भी अरुण शौरी ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है। जीएसटी के कदम को गलत करार देते हुए अरुण शौरी बोले कि इस समय भारत आर्थिक संकट से जूझ रहा है और इसके लिए जीएसटी ही जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि देश में जो संकट पैदा हुआ है वह जीएसटी की वजह से ही हुआ है।

    क्या-क्या कहा यशवंत सिन्हा ने?

    क्या-क्या कहा यशवंत सिन्हा ने?

    सिर्फ अरुण शौरी ने ही मोदी सरकार पर निशाना नहीं साधा है। इनसे पहले वाजपेयी सरकार में मंत्री रहे यशवंत सिन्हा ने भी मोदी सरकार पर हमला बोला था। हालांकि, उन्होंने सीधे पीएम मोदी पर निशाना नहीं साधा था, बल्कि मोदी सरकार पर और अरुण जेटली को आड़े हाथ लिया था। आइए जानते हैं उन्होंने क्या कहा था।

    अर्थव्यवस्था का कबाड़ा किया
    सिन्हा ने वित्त मंत्री अरुण जेटली पर जोरदार निशाना साधते हुए कहा था कि वित्त मंत्री ने अर्थव्यवस्था का 'कबाड़ा' कर दिया है। नोटबंदी का जिक्र करते हुए वह बोले कि सुस्त अर्थव्यवस्था की आग में नोटबंदी ने घी डालने का काम किया। आपको बता दें कि यशवंत सिन्हा के बेटे जयंत सिन्हा केंद्र सरकार में मंत्री हैं। यशवंत सिन्हा ने यह भी कहा था कि अगर मेरे सवाल से मेरे बेटे का करियर खराब होता है तो हो जाए। मेरे लिए राष्ट्रहित से बड़ा बेटे का हित नहीं है।

    विकास दर के लिए जीएसटी जिम्मेदार
    अरुण शौरी की तरह ही यशवंत सिन्हा ने भी विकास दर में गिरावट आने के लिए जीएसटी को जिम्मेदार ठहराया था। यशवंत सिन्हा ने जीएसटी को एक गलत कदम बताया। वह बोले कि बिना नोटबंदी के परिणामों को जाने सरकार GST ले आई। आज जब नौकरी है ही नहीं, तो नौकरी देंगे कहा से? सिन्हा ने कहा कि आज लोगों में रोजगार को लेकर चिंता है।

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