त्रिपुरा की लहर से कर्नाटक में कुछ इस तरह से कमल खिलाएगी भाजपा
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने पूर्वोत्तर राज्यों में शानदार जीत दर्ज करके ना तमाम विपक्षी दलों को चौंका दिया है। त्रिपुरा में दो दशक से भी अधिक समय तक लेफ्ट की सरकार को उखाड़ फेंकने के बाद भाजपा के हौसले बुलंद हैं। पूर्वोत्तर की जीत के बाद भाजपा कर्नाटक के चुनावों में अपनी पूरी ताकत झोंकेगी। पूर्वोत्तर की जीत का भाजपा कर्नाटक में पूरी तरह से इस्तेमाल करने की कोशिश करेगी। हालांकि पूर्वोत्तर के नतीजे आने के बाद कांग्रेस ने कहा था कि इन नतीजों का कर्नाटक पर कोई असर नहीं पड़ेगा, पार्टी को पूरा भरोसा है कि वह कर्नाटक के चुनाव जीतने में सफल होगी।

कांग्रेस को कर्नाटक में भरोसा
कांग्रेस के दावे से भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा राव इत्तेफाक नहीं रखते हैं। वनइंडिया से बात करते हुए जीवीएल ने पूर्वोत्तर में भाजपा की जीत सहित कर्नाटक में होने वाले चुनाव पर अपनी राय खुलकर रखी। राव ने कहा कि पूर्वोत्तर में भाजपा की जीत का असर कर्नाटक पर भी देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि इससे पहले पूर्वोत्तर के नतीजों का असर देश के अन्य हिस्सों पर नहीं पड़ता था। लेकिन इस बार स्थिति अलग है और पूर्वोत्तर के नतीजों का असर देश के अन्य राज्यों में देखने को मिलेगा।

त्रिपुरा का संदेश देशभर में जाएगा
राव ने कहा कि नागालैंड में कांग्रेस को भारी हार का सामना करना पड़ा है, यह देश में एक बड़ा संदेश देता है कि कांग्रेस की स्वीकार्यता खत्म हो गई है और इसका असर कर्नाटक में भी देखने को मिलेगा। कर्नाटक में जिन मतदाताओं ने अभी तक यह फैसला नहीं लिया है कि वह किसे अपना वोट देंगे वह अब भाजपा को अपना वोट देंगे। त्रिपुरा के नतीजे आने के बाद यह मतदाता भाजपा को अपना वोट देंगे। पूर्वोत्तर के नतीजों के बाद जो संदेश पूरे देश में गया है उसके बाद यह मतदाता भाजपा की ओर अपना रुख करेंगे।

यूपी जितनी बड़ी है त्रिपुरा की जीत
त्रिपुरा में जीत के बारे में जीवीएल ने कहा कि त्रिपुरा में भारतीय जनता पार्टी की जीत उतनी ही बड़ी है जितनी उत्तर प्रदेश की जीत थी। भाजपा यहां लेफ्ट के खिलाफ जीती है और यह जीत काफी बड़ी है। जिस तरह से भाजपा ने लेफ्ट को उसके गढ़ में हराया है वह भाजपा के कार्यकर्ताओं में जबरदस्त जोश बढ़ाएगा। हमारे कार्यकर्ताओं ने केरल व त्रिपुरा में अपनी जान गंवायी है। भाजपा का कांग्रेस के साथ हमेशा विरोध रहा है, लेकिन लेफ्ट के साथ हमारा विरोध कहीं ज्यादा है क्योंकि इनके राज्यों में हमारे कार्यकर्ताओं ने अपनी जान गंवायी है।

लेफ्ट अब नहीं कर पाएगी वापसी
त्रिपुरा में लेफ्ट की हार के बाद जीवीएल का कहना है कि मुझे नहीं लगता है कि फिर से लेफ्ट सजीव हो सकती है, उनका सूरज अब अस्त हो चुका है। उन्हें पता है कि जब एक बार वह सत्ता से बाहर होंगे तो कभी वापस सत्ता में नहीं आएंगे। पश्चिम बंगाल इसका जबरदस्त उदाहरण है। केरल में लेफ्ट को भाजपा से डर लगता है। यह एक ऐसी पार्टी है जो बहुसंख्यक वोट पर निर्भर है। लेकिन अब इन्हें हिंदू वोट के खोने का डर सता रहा है। मैं पहले से कहता आ रहा हूं आज त्रिपुरा कल केरल।

राहुल गांधी कांग्रेस को नीचे लेकर गए
कर्नाटक की राजनीति के बारे में जीवीएल ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस बात का अंदाजा है कि राहुल गांधी उनकी पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर नीचे लेकर जा रहे हैं। राहुल के नेतृत्व में पार्टी एक के बाद लगातार चुनाव हार रही है। हालांकि राहुल मीडिया में सुर्खियां हासिल कर रहे हैं, लेकिन लोगों के बीच वह अपनी जगह बनाने में विफल रहे हैं। आरोप लगाकर भाग जाना कांग्रेस के लिए ही खतरनाक साबित हो रहा है, इसका परिणाम कांग्रेस को कर्नाटक में भी देखने को मिलेगा।












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