जानिए क्यों कासिम की मौत है सुरक्षाबलों के लिए एक उपलब्धि
श्रीनगर। जम्मू कश्मीर में आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के खास ऑपरेटिव अबु कासिम की मौत सुरक्षा बलों के लिए बड़ी कामयाबी और राहत की सांस की तरह है। उधमपुर आतंकी हमले साजिशकर्ता कासिम को कुलगाम में मार गिराया गया। उसे घाटी में लश्कर का सबसे खतरनाक हैंडलर माना जाता था।

पाकिस्तान का रहने वाला था कासिम
27 वर्ष का कासिम पाकिस्तान के भावालपुर का रहने वाला था। वह करीब छह-सात वर्ष पूर्व कश्मीर आया था और तब से ही घाटी में लश्कर की गतिविधियों का संचालन कर रहा था।
यूं तो पिछले कई वर्षों सें सुरक्षा बल उसकी तलाश कर रहे थे लेकिन उधमपुर आतंकी हमले के बाद वह फिर से उनके निशाने पर था।
क्या है मौत की अहमियत
- अबु कासिम उफ अब्दुर रहमान लश्कर का एक सेल्फ स्टाइल्ड कमांडर था।
- उसने घाटी में पहुंचे आतंकियों के लिए रहने से लेकर खाने तक का सारा इंतजाम किया था।
- एनआईए के मुताबिक कासिम ने हमलों के लिए संसाधनों का इंतजाम किया और टारगेट के बारे में जानकारी दी।
- सिर्फ इतना ही नहीं उसने आतंकियों के लिए ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था की और उधमपुर हमलों की साजिश रची।
- वह पाक में मौजूद आतंकियों और घाटी में मौजूद लश्कर के आतंकियों के बीच एक पुल की तरह काम कर रहा था।
- कासिम ने घाटी में 20 सदस्यों वाले लश्कर के पांच समूह तैयार कर डाले थे।
- उसका काम स्थानीय संसाधनों की मदद लेकर आतंकी हमलों को अंजाम देना था।
सेना पर कई आतंकी हमलों की थी साजिश
- कासिम का मुख्य लक्ष्य सेना और सेना के जवान थे।
- वर्ष 2013 में उसने सेना को निशाना बनाया था जिसमें आठ सैनिकों शहीद हो गए थे।
- पाक से उसने कई आतंकियों को देश में दाखिल कराया था।
- 2013 के बाद उसकी गतिविधियां कम होती गई।
- वह इस बीच लश्कर के लिए स्थानीय नेटवर्क का इंतजाम करने में लगा था।
- 2015 के दौरान कासिम ने सेना पर कई बड़े हमलों की तैयारी कर डाली थी।
- आईबी और सुरक्षा बलों को मिले कुछ इंटरसेप्ट्स में इस बात का खुलासा हुआ है।
- उधमपुर हमलों के दौरान कासिम ने एक बड़ा रोल प्ले किया था।
- मोहम्मद नावेद की गिरफ्तारी के समय कासिम वहीं मौजूद था।












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