'हर बार सोनिया गांधी से क्यों मिलूं, ये जरूरी है क्या', ममता बनर्जी ने दिया ये बड़ा संकेत
'हर बार सोनिया गांधी ने क्यों मिलूं, ये जरूरी है क्या', ममता बनर्जी ने दिया ये बड़ा संकेत
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'हर बार सोनिया गांधी ने क्यों मिलूं, ये संवैधानिक रूप अनिवार्य नहीं है'
कांग्रेस अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात के बारे में पूछे जाने पर ममता बनर्जी ने कहा, ''मैं हर बार सोनिया गांधी ने क्यों मिलूं, हमें हर बार सोनिया से क्यों मिलना चाहिए? यह संवैधानिक रूप से अनिवार्य नहीं है।" ममता बनर्जी ने बड़ा संकेत इस बात का दिया कि कांग्रेस उनकी योजनाओं में किस स्थान पर कब्जा कर सकती है। ममता बनर्जी ने कहा इस बार उन्होंने सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का वक्त मांगा था। ममता बनर्जी ने कहा, 'अभी सभी नेतात पंजाब के चुनाव में व्यस्त हैं। काम पहले है, इसलिए सभी से मिलने की कोई जरूरत नहीं है।'

पिछले हफ्ते कई कांग्रेस नेता BJP में हुए शामिल
पिछले हफ्तों में कई नेताओं ने अपना खेमा बदल लिया है। कई कांग्रेस नेता टीएमसी में शामिल हुए हैं, उसमें गोवा में लुइजिन्हो फलेरियो, दिवंगत राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के बेटे अभिजीत मुखर्जी, सिलचर से कांग्रेस की पूर्व सांसद सुष्मिता देव और दिवंगत कांग्रेस के दिग्गज संतोष मोहन देव की बेटी शामिल हैं। ममता बनर्जी सोनिया गांधी के साथ अच्छे समीकरण साझा करने के लिए जानी जाती थीं, लेकिन यह आगे नहीं बढ़ रही है। बंगाल के कांग्रेस नेताओं की ममता बनर्जी के प्रति उदासीनता ने दोनों दलों के बीच एक और दरार पैदा कर दी है।

'अगर अखिलेश यूपी चुनाव में मदद चाहते हैं तो, मैं करूंगी...'
तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी, जिनकी बंगाल में अप्रैल-मई विधानसभा चुनावों में जीत ने 2024 के आम चुनावों में भाजपा को विपक्ष की चुनौती का नेतृत्व करने की चर्चा शुरू कर दी थी। ममता बनर्जी ने कहा कि वह आगामी उत्तर प्रदेश चुनावों में सहयोग करने को तैयार हैं। उन्होंने कहा, "अगर तृणमूल यूपी में बीजेपी को हराने में मदद कर सकती है, तो हम जाएंगे... अगर अखिलेश (समाजवादी प्रमुख अखिलेश यादव) हमारी मदद चाहते हैं तो हम देंगे।"












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