आखिर क्यों राहुल गांधी तमाम मंदिरों में माथा टेक रहे हैं?

नई दिल्ली। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी गुजरात में अपने तीन दिन के दौरे से वापस लौट आए हैं। इस यात्र में राहुल गांधी ने कई गई मंदिरों के दर्शन किए और पूजा पाठ की। बुधवार को राहुल गांधी चार मंदिरों में दर्शन करने पहुंचे। ऐसे में लोगों का यह कहना है कि राहुल गांधी खुद को हिंदूवादी नेता के तौर पर पेश करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि वह भाजपा और आरएसएस को चुनौती दे सके। लेकिन राहुल गांधी के मंदिरों में जाने पर भाजपा ने तंज कसा है, भाजपा का कहना है कि राहुल इसलिए मंदिर जा रहे हैं क्योंकि कांग्रेस लंबे अऱसे से यहां चुनाव जीतने में विफल रही है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने कहा कि राहुल गांधी के मंदिर जाने का कोई भी राजनीतिक मायना नहीं तलाशना चाहिए, उन्होंने कहा कि इससे इतर काफी कुछ राहुल की यात्रा में हुआ है, उसपर ध्यान देना चाहिए।

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 1000 सीढ़ी चढ़कर गए मंदिर

1000 सीढ़ी चढ़कर गए मंदिर

आपको बता दें कि राहुल गांधी ने सोमवार क द्वारिकाधीश मंदिर के दर्शन किए, इसके बाद अपनी तीन दिवसीय गुजरात की यात्रा शुरू की थी। वहीं बुधवार को वह चोटीला मंदिर पहुंचे। वह राजकोट के चोटीला मंदिर पहुंचे, इसके बाद वह उन्होंने अपनी यात्रा बुधवार को शुरू की। वह तकरीबन 1000 सीढ़ियां चढ़कर मंदिर गए, वह 15 मिनट तक बिना रुके लगातार सीढ़ियां चढ़ते रहे।

यहां मंदिर के पुजारी ने राहुल गांधी की तारीफ की और उन्हें मंदिर की महत्ता के बारे में बताया, जिसके बाद वह यहां लोगों से मुलाकात करने के बाद नीचे आ गए। इसके बाद वह खोदियार माता के मंदिर गए और यहां पटेल समुदाय के लोगों से मुलाकात की। यहां पटेल समुदाय का एक गुट भाजपा के विरोध में है, जो नौकरी और आरक्षण की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहा है। राहुल गांधी का बड़ी संख्या में पाटीदारों ने स्वागत किया और उनके समर्थन में नारे लगाए, साथ ही जय सरदार, जय पाटीदार का नारा लगाया। इसके बाद राहुल जेतवार से कगवाड़ पहुंचे, यहां उन्होंने दासी जीवन मंदिर के दर्शन किए, साथ ही बौद्ध और दलित समुदाय के लोगों से मुलाकात की। राहुल बिना निर्धारित जलराम मंदिर भी पहुंचे और यहां दर्शन किया।

हिंदू वोटर्स को आकर्षित करने के लिए नहीं

हिंदू वोटर्स को आकर्षित करने के लिए नहीं

पी चिदंबरम ने कहा कि मुझे नहीं लगता है आपको राहुल के मंदिरों में जाने पर सवाल खड़ा करना चाहिए। मुझे लगता है उनकी यात्रा के दौरान इससे कहीं अधिक हो रहा है, हमे उसपर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी को अपनी मान्यता का पालन करने का अधिकार है, यही कांग्रेस पार्टी का स्टैंड है। जवाहर लाल नेहरू व इंदिरा गांधी के समय से कांग्रेस का यही स्टैंड रहा है। उन्होंने इस बात से साफ इनकार किया है कि राहुल मंदिरों में हिंदू वोटर्स का आकर्षित करने के लिए जा रहे हैं। गुजरात कांग्रेस के प्रवक्ता मनीष दोषी ने कहा कि भाजपा और आरएसएस ने जानबूझकर कांग्रेस को हिंदू विरोधी पार्टी के तौर पर प्रचारित किया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता सेक्युलरिज्म पर हमारा रुख अलग है, हम मंदिरों में सभी धर्म में विश्वास करने वालों के तौर पर जाते हैं, यह नया नहीं है, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी भी मंदिर जाया करती थीं।

भाजपा ने साधा निशाना

भाजपा ने साधा निशाना

वहीं भाजपा नेता का कहना है कि राहुल इसलिए मंदिर जा रहे हैं क्योंकि कांग्रेस लंबे समय से प्रदेश में जीत नहीं सकी है। भाजपा प्रवक्ता राजू ध्रुव ने कहा कि राहुल गांधी धार्मिक स्थलों और मंदिर में इसलिए जा रहे हैं क्योंकि उनकी पार्टी चुनाव नहीं जीत पा रही है, कांग्रेस किसी भी पार्टी में चुनाव नहीं जीत पा रही है। आपको बता दें कि राहुल गांधी ने मंगलवार को गरबा के कार्यक्रम में भी शिरकत की थी और यहां आरती की थी।

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