संसद सदस्यता बहाल होने के बावजूद सरकारी बंगले में नहीं लौटे राहुल गांधी, आखिर क्या है वजह?
Rahul Gandhi Tughlaq Lane Bungalow: लोकसभा सांसद के रूप में बहाल होने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी 12 तुगलक लेन वाले सरकारी बंगले में नहीं लौटे हैं। ऐसा लग रहा है कि राहुल गांधी 12 तुगलक लेन वाले घर में वापस नहीं रहना चाहते हैं। बंगले में वापसी के लिए जवाब देने की डेडलाइन बुधवार 23 अगस्त को खत्म हो चुकी है।
राहुल गांधी को बंगले में वापसी के लिए 15 दिन के भीतर लोकसभा हाउसिंग कमेटी को जवाब देना था। जिसके लिए राहुल गांधी ने औपचारिक रूप से इनकार किया है। इस बंगले के रि-अलॉटमेंट को स्वीकार करने की डेडलाइन खत्म हो चुकी है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस सूत्रों ने कहा है कि बंगले के रि-अलॉटमेंट को सीधे तौर पर अस्वीकार नहीं किया गया था। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी संभावना है कि राहुल गांधी उस बंगले में वापस नहीं लौटेंगे। राहुल गांधी इस बंगले में 19 साल तक रहे। लेकिन मोदी सरनेम मामले में सजा मिलने के बाद राहुल गांधी ने इस बंगले को अप्रैल में खाली कर दिया था।
सरकारी बंगले में रहने को लेकर सवाल पूछे जाने पर राहुल गांधी ने पहले कहा था कि, "मेरा घर पूरा हिंदुस्तान है"। राहुल गांधी को 2004 में 12, तुगलक लेन बंगला आवंटित किया गया था जब वह पहली बार उत्तर प्रदेश के अमेठी से सांसद बने थे। 12 तुगलक लेन वाला बंगला, राहुल गांधी की मां सोनिया गांधी के निवास स्थान, 10-जनपथ के बाद दूसरे शक्ति केंद्र के रूप में उभरा था।
लेकिन इस साल 22 अप्रैल को राहुल ने अपना आधिकारिक आवास खाली कर दिया था। सोनिया गांधी के साथ रहने 10 जनपथ चले गए थे।
क्या दूसरा ऑप्शन तलाश रहे हैं राहुल गांधी
टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक हो सकता है कि राहुल गांधी दूसरा ऑप्शन तलाश रहे हैं। राहुल गांधी 16 अगस्त को बहन प्रियंका के साथ 7 सफदरजंग लेन देखने गए थे। ये बंगला पहले महाराजा रणजीत सिंह का था। बता दें कि राहुल गांधी ने घर छोड़ते वक्त कहा था कि उन्हें सच बोलने की सजा मिली है। वो घर उन्हें भारत की जनता ने दिया था।












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