आखिर 15 अगस्त को प्रधानमंत्री ही झंडा क्यों फहराते हैं? जानें सटीक कारण यहां

77th Independence day: स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त आने में केवल दो दिन बचे हैं। 15 अगस्त देश के लोगों के लिए काफी मायने रखता है क्योंकि इसी दिन अंग्रेजों की गुलामी से हमारा देश आजाद हुआ था। देश की आजादी पाने में हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने कितना संघर्ष किया यह तो हम सबको पता है। लेकिन आज हम एक और रोचक तथ्य बताने जा रहे हैं कि आखिर 15 अगस्त को प्रधानमंत्री ही झंडा क्यों फहराते हैं जबकि राष्ट्रपति सर्वोच्च पद पर हैं। तो चलिए आज हम आपलोगों को इसका सटीक कारण बताएंगे।

आखिर 15 अगस्त को प्रधानमंत्री ही क्यों झंडा फहराते हैं?
दरअसल, 1947 में हमारे देश का संविधान तैयार नहीं हुआ था और उस समय भारत में सर्वोच्च पद प्रधानमंत्री का ही था। इसलिए प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने देश में पहली बार झंडा फहराया था। एक रिपोर्ट के मुताबिक 15 अगस्त को लाल किले पर नहीं पहुंच पाने के कारण पंडित नेहरू ने 16 अगस्त 1947 को लाल किले के लाहौर गेट के ऊपर से झंडा फहराया था। तब से लेकर अब तक देश के प्रधानमंत्री ही 16 अगस्त को झंडा फहराते आए हैं।

Why Pm hoists the flag on independence day

22 जुलाई 1947 को संविधान सभा ने भारतीय ध्वज को अपनाया
22 जुलाई, 1947 को संविधान सभा ने तीन पट्टिकाओं और बीच में अशोक चक्र वाले भारतीय ध्वज को अपनाया। जिसके बाद कांग्रेस पार्टी का तिरंगा झंडा अंततः स्वतंत्र भारत का तिरंगा झंडा बन गया।

भारत का राष्ट्रीय ध्वज किसने डिजाइन किया
भारत का राष्ट्रीय ध्वज पिंगली वेंकैया (Pingali Venkayya) द्वारा डिजाइन किया गया था। वह आंध्र प्रदेश के एक भारतीय स्वतंत्रता सेनानी थे। भारत में पहला भारतीय राष्ट्रीय ध्वज 7 अगस्त, 1906 को कलकत्ता के पारसी बागान स्क्वायर (ग्रीन पार्क) में फहराया गया था।

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