भारत का अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक पोल. क्या आपने भाग लिया?
  • search

नरेंद्र मोदी गुजरात चुनाव में बार-बार 'फ़तवा' क्यों बोल रहे हैं?

Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts
    मोदी
    AFP
    मोदी

    गुजरात विधानसभा चुनाव अब बेहद क़रीब हैं और सियासी तापमान बढ़ता जा रहा है. ऐसे में नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी पर हमले करने की कोई कसर नहीं छोड़ रहे.

    कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी एक तरफ़ जीएसटी और नोटबंदी को हथियार बनाकर मोदी सरकार पर हमला कर रहे हैं तो मोदी ने भी पूरी ताक़त झोंक रखी है.

    ख़ास बात ये है कि प्रधानमंत्री मोदी कांग्रेस और दूसरे 'विरोधियों' पर हमला करते वक़्त ऐसे शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिनकी वजह पहली नज़र में सामने नहीं आती.

    उदाहरण के लिए गुजरात में गांधीनगर के आर्चबिशप थॉमस मैक्वन ने कुछ दिनों पत्र लिखा कि ईसाई प्रार्थना सभाएं आयोजित करें जिससे हम गुजरात विधानसभा में ऐसे लोगों को चुन सकें जो भारतीय संविधान के प्रति निष्ठावान हों और बिना भेदभाव किए हर इंसान का सम्मान करें.

    क्या बोले पादरी?

    मोदी
    Reuters
    मोदी

    उन्होंने ये भी कहा कि राष्ट्रवादी ताकतें देश को अपने नियंत्रण में लेने की स्थिति में पहुंच गई हैं इसलिए गुजरात का चुनाव बदलाव ला सकता है.

    आर्चबिशप के इस छिपे हुए हमले का जवाब मोदी ने कुछ यूं दिया, ''जो लोग राष्ट्रवादियों के ख़िलाफ़ फ़तवे जारी कर रहे हैं, उन्हें उन प्रयासों पर गौर करना चाहिए, जो फ़ादर टॉम को वापस लाने के लिए किए गए थे.''

    क्या बीजेपी अध्यक्ष का चुनाव ज्यादा लोकतांत्रिक होता है?

    अमित शाह का 150+ का दावा, कर पाएगी बीजेपी?

    उन्होंने कहा, ''हम फ़ादर प्रेम को लाने में भी कामयाब रहे जिन्हें अफ़ग़ानिस्तान में अगवा किया गया था.''

    ज़ाहिर है 'फ़तवा' शब्द पर लोगों की निगाह ज़रूर गई होगी.

    शहजाद पर क्या बोले मोदी?

    अब दूसरा उदाहरण देखिए. कांग्रेस राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाने की तैयारियों में लगी थी तभी शहज़ाद पूनावाला ने करारा हमला बोला.

    महाराष्ट्र कांग्रेस के सचिव शहज़ाद पूनावाला ने पार्टी के शीर्ष पद की चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा है कि एक व्यक्ति के 'चयन' के लिए 'चुनाव' का दिखावा किया जा रहा है.

    राहुल को कमान देने के बाद क्या करेंगी सोनिया?

    'वरुण गांधी हिंदू हैं तो राहुल क्यों नहीं?'

    दरअसल शहज़ाद के बयान के निशाने पर राहुल गांधी को माना जा रहा है क्योंकि चर्चा है कि जल्द ही वह पार्टी के अध्यक्ष पद का ज़िम्मा संभाल सकते हैं. अभी वह पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं.

    वहीं कांग्रेस का कहना था कि शहज़ाद सिर्फ़ पब्लिसिटी के लिए ऐसी बयानबाज़ी कर रहे हैं.

    फ़तवा शब्द क्यों?

    राहुल गांधी
    Getty Images
    राहुल गांधी

    मोदी ने इस घटनाक्रम को भी गुजरात की एक चुनावी रैली में इस्तेमाल किया. उन्होंने कहा, ''कोई शहज़ाद नाम का युवा है, इसने शहज़ादो को चुनौती दी है. उसने कांग्रेस के चुनाव में होने वाली धांधली का ख़ुलासा कर दिया. कांग्रेस चुनाव में लोकतांत्रिक मूल्यों की सरेआम धज्जियां उड़ रही हैं. ये बात कांग्रेस कार्यकर्ता ने बताई, महाराष्ट्र कांग्रेस का ज़िम्मेदार कार्यकर्ता है.''

    उन्होंने आगे कहा, ''कांग्रेस ने फ़तवा जारी कर दिया. जितने वॉट्सऐप ग्रुप में शहज़ाद पूनावाला हैं, उनमें उनका बहिष्कार करो...''

    ये समझना ज़रूरी है कि आख़िर फ़तवा है क्या?

    आसान शब्दों में कहा जाए तो इस्लाम से जुड़े किसी मसले पर क़ुरान और हदीस की रोशनी में जो हुक़्म जारी किया जाए वो फ़तवा है.

    कौन जारी कर सकता है?

    फ़तवा
    Getty Images
    फ़तवा

    पैगंबर मोहम्मद ने इस्लाम के हिसाब से जिस तरह से अपना जीवन व्यतीत किया उसकी जो प्रामाणिक मिसालें हैं उन्हें हदीस कहते हैं.

    यहां ये बात भी साफ़ कर देनी ज़रूरी है कि फ़तवा हर मौलवी या इमाम जारी नहीं कर सकता है.

    फ़तवा कोई मुफ़्ती ही जारी कर सकता है. मुफ़्ती बनने के लिए शरिया क़ानून, कुरान और हदीस का गहन अध्ययन ज़रूरी होता है.

    शरिया क़ानून से चलने वाले देशों में ही फ़तवे का लोगों की ज़िंदगी पर कोई असर हो सकता है क्योंकि वहाँ इसे क़ानूनन लागू कराया जा सकता है.

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    BBC Hindi
    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    Why Narendra Modi is repeatedly saying fatwa in Gujarat elections

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X