कर्नाटक चुनाव: बार-बार हार फिर भी कोलार से प्यार, जानें सिद्धारमैया यहां से चुनाव लड़ने के लिए क्यों अड़े हैं?
Kolar: कर्नाटक की कोलार विधानसभा सीट इसबार कांग्रेस के लिए खास बनी हुई है। दरअसल, यह वही सीट है जहां से राहुल गांधी ने मोदी सरनेम को लेकर विवादित भाषण दिया था। सिद्धारमैया भी इस सीट से चुनाव लड़ने के लिए अड़े हुए हैं।

Kolar Constituency: कर्नाटक की कोलार विधानसभा सीट दो कारणों से चर्चा में है। पहला राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की वजह से क्योंकि उन्होंने यहां से ही 'मोदी सरनेम' को लेकर विवादित बयान दिया था जिसके बाद सूरत की अदालत ने उन्हें दो साल की सजा सुनाई और अगले दिन उनकी संसद सदस्यता चली गई। दूसरी वजह यहां के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया जो कि इसबार यहां से चुनाव लड़ने के लिए अड़े हुए हैं। जानें कोलार सीट कांग्रेस के लिए इतना महत्वपूर्ण क्यों है? यहां कांग्रेस का इतिहास क्या रहा है?
सबसे पहले कांग्रेस का इतिहास इस सीट पर
कोलार (Kolar) एक अर्ध-शहरी सीट है, जिसमें 40 प्रतिशत से अधिक शहरी आबादी है। कर्नाटक के गठन के बाद से अब तक 14 विधानसभा चुनाव हो चुके हैं और इनमें कांग्रेस को केवल पांच बार ही इस सीट से जीत मिली है। पिछले चार दशकों में यह सीट कमोबेश गैर कांग्रेसी सीट रही है। 1983 के बाद से कांग्रेस ने इस सीट पर केवल दो बार साल1989 और 2004 में जीत हासिल की। 2018 के विधानसभा चुनावों में, जनता दल (सेक्युलर) के के. श्रीनिवास गौड़ा ने कांग्रेस उम्मीदवार को 24 प्रतिशत मतों के अंतर से हराकर यह सीट जीती थी। 2008 और 2013 में, यह सीट निर्दलीय विधायक आर वरथुर प्रकाश ने जीती थी, जिन्होंने संबंधित वर्षों में कांग्रेस और जद (एस) को हराया था।
सिद्धारमैया इस सीट पर चुनाव लड़ने के लिए इतना क्यों जोर दे रहे हैं?
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सिद्धारमैया का कहना है कि वह 75 साल के हो गए हैं। बादामी और बेंगलुरु में मेरे निवास के बीच की दूरी बहुत लंबी है और वह वहां नियमित रूप से नहीं जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि मैं कोलार (Kolar) सीट इसलिए चाहता हूं क्योंकि यह बेंगलुरु से नजदीक है और यहां में नियमित रूप से जा सकता हूं और अपना पूरा ध्यान लगा सकूं। इसके अलावा मीडिया में यह भी खबर सामने आ रही है कि यहां के वर्तमान विधायक श्रीनिवास गौड़ा अपनी सीट ऑफर कर सकते हैं। हालांकि, इस बात की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। तीसरा फैक्टर जो है वह कि यह चुनाव क्षेत्र दलित, मुस्लिम और कुरुबा मतदाताओं वाली सीट है। इसके अलावा, सिद्धारमैया के सैकुलर रुख और कोलार में मुस्लिम मतदाताओं की महत्वपूर्ण भूमिका को उनके लिए बढ़त के रूप में देखा जा रहा है।
राहुल गांधी अपनी सांसदी जाने को भुना सकते हैं
दरअसल, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कोलार में ही विवादित बयान था। साल 2019 में उन्होंने मोदी सरनेम को लेकर आपत्तिजनक बयान दिया था जिसके बाद इसी महीने उन्हें सूरत कोर्ट ने दो साल की सजा सुनाई और अगले दिन उनकी संसद सदस्यता भी चली गई। अब राहुल गांधी इस मामले को भुनाने की कोशिश करेंगे। बता दें कि राहुल गांधी यहीं से अपनी रैली की शुरुआत करने वाले हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि वह यहां पर मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधेंगे।
यह है कर्नाटक चुनाव के लिए चुनाव आयोग की घोषणा
13 अप्रैल: कर्नाटक चुनाव की अधिसूचना जारी होगी
20 अप्रैल: नामांकन करने की आखिरी तारीख
21 अप्रैल: नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी
24 अप्रैल: नामांकन वापसी की आखिरी तारीख
10 मई: सभी 224 सीटों पर एक ही चरण में वोटिंग
13 मई: वोटों की गिनती












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