हिमाचल की सत्ता पाने के लिए कांगड़ा फतह क्यों करना चाहते हैं शाह?
शिमला की सत्ता का रास्ता कांगड़ा से होकर जाता है। कांंगड़ा सबसे बड़ा जिला है और यहां 15 विधानसभा सीटें हैं। यहां जीतना भाजपा के लिए सबसे बड़ी चुनौती है।
शिमला। प्रदेश के सबसे बड़े जिले कांगड़ा में अपनी जड़ें अगले चुनावों से पहले मजबूत करने की गरज से हिमाचल भाजपा ने पालमपुर में पार्टी अध्यक्ष अमित शाह का कार्यक्रम करवाने का फैसला लिया है। शाह अपने विस्तार कार्यक्रम के तहत तीन मई को पालमपुर में पहुंचेगे व दो दिनों तक यहां ही रहेंगे। भाजपा अध्यक्ष के दौरे को लेकर पालमपुर में इन दिनों खासी रौनक है। तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। पार्टी के तमाम बड़े नेता यहां पहुंच चुके हैं।

कांंगड़ा से होकर जाता है शिमला की सत्ता का रास्ता
पिछले चुनावों में कांगड़ा में मिली करारी शिकस्त से सबक लेकर ही इस बार कांगड़ा के किले को फतह करने का अभी से ताना-बाना बुना जाने लगा है। चूंकि शिमला की सत्ता का रास्ता कांगड़ा से होकर ही गुजरता है। पिछले विधानसभा चुनावों में प्रदेश के सबसे बड़े जिला कांगड़ा में कांग्रेस ने दस सीटें जीतीं तो भाजपा को मात्र तीन सीटों पर ही संतोष करना पड़ा था। दो निर्दलीय इंदौरा व कांगड़ा सदर से जीते हलांकि दोनों भाजपा विचारधारा के थे, लेकिन वह भी सत्ता के साथ ही चले।

शांता और धूमल गुटों में बंटी है भाजपा
चुनाव में हलांकि अभी चंद माह ही बचे हैं। लेकिन कांगड़ा में भाजपा की स्थिति अभी भी सुखद नहीं मानी जा सकती। दरअसल यहां भी भाजपा शांता व धूमल गुटों में बंटी है। कांगड़ा से शांता कुमार लोकसभा के सांसद चुने गये हैं। पार्टी आलाकमान हमेशा ही कांगड़ा की राजनिति में शांता कुमार को तरजीह देती रही है। लेकिन शांता सर्मथकों में पिछले चुनावों में मिली हार की टीस अभी मिटी नहीं है। आरोप लगाया जाता रहा है कि पिछले चुनावों में पार्टी के कई प्रत्याशी गुटबाजी की वजह से हारे व कुछ टिकटों के गलत आवंटन की वजह से।

टिकट न मिलने पर भाजपा नेता कर सकते हैं बगावत
आरोप लगाया जा रहा है कि पार्टी के स्थापित नेताओं को कमजोर करने के लिये धूमल खेमा कमजोर नेताओं को आगे कर रहा है। पिछली बार चुनाव हारे रमेश धवाला ने तो साफ कहा था कि उन्हें चुनाव में रविन्दर सिंह रवि ने हरवाया। रवि धूमल सर्मथक हैं व देहरा से विधायक चुने गये। यही नहीं इस समय कई दूसरे हलकों में शांता सर्मथकों के लिये धूमल खेमा परेशानियां खड़ी कर रहा है। हालात यही रहे तो अगले चुनावों में टिकट न मिलने की सूरत में भाजपा से बगावत कर कई नेता चुनाव मैदान में उतरेंगे जिससे पार्टी में गुटबाजी को हवा मिलेगी।

गुटबाजी का समाधान निकालने आएंगे अमित शाह
पार्टी के मौजूदा हालातों का फीडबैक जब आलाकमान को मिला तो पार्टी ने कांगड़ा को ही सबसे पहले चुना। भाजपा कांगड़ा जिला में अपने आपको मजबूत करना चाहती है। इसके चलते ही राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने पालमपुर में बैठक करने का फैसला लिया है। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह 3 और 4 मई को कांगड़ा जिले के पालमपुर में भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों, सांसद और विधायकों के साथ बैठकर हिमाचल की सियासी नब्ज टटोलने आ रहे हैं। कांगड़ा हिमाचल का सबसे बड़ा जिला है। इस जिले में 15 विधानसभा क्षेत्र हैं। पार्टी के तमाम लोगों की नजरें अब अमित शाह के पालमपुर दौरे पर हैं। कि गुटबाजी को खत्म करने के लिये पार्टी अध्यक्ष क्या फार्मूला तैयार करते हैं?












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