60 से ज्यादा को अफसर बना चुके झारखंड के DSP विकास चंद्र श्रीवास्तव, क्यों हो रही है चर्चा ? जानिए

रांची, 3 जुलाई: समाज में हमारे बीच कई लोग हैं, जो बिना ज्यादा शोर किए जरूरतमंदों की मदद करने में लगे हुए हैं। कभी-कभार जब उनके योगदान की खबरें सामने आती हैं तो पता चलता है कि किस तरह से कुछ लोग बिना किसी स्वार्थ के दूसरों की सहायता कर रहे हैं। इसी में से एक हैं झारखंड के डीएसपी विकास चंद्र श्रीवास्तव। इन्होंने खुद एक कठिन प्रतियोगिता परीक्षा पास कर प्रादेशिक पुलिस सेवा में एंट्री की है। लेकिन, दूसरों को भी इस सेवा में लाने या इससे भी कहीं आगे पहुंचाने के लिए यह अपनी ड्यूटी के अलावा भी तन-मन-धन लगा रहे हैं। इसी का परिणाम है कि इनसे पढ़ चुके दर्जनों लोग आज बड़े-बड़े पदों पर तैनात हैं, जिनमें से ज्यादातर समाज के गरीब तबकों से आए हैं।

'डीएसपी की पाठशाला' से संवर रहा गरीबों का जीवन

'डीएसपी की पाठशाला' से संवर रहा गरीबों का जीवन

झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे गरीब छात्रों के लिए डीएसपी विकास चंद्र श्रीवास्तव किसी मसीहा से कम नहीं हैं। उनकी 'डीएसपी की पाठशाला' से फ्री कोचिंग लेकर ऑल इंडिया सर्विस और प्रदेश के प्रशासनिक और पुलिस सेवाओं समेत बाकी प्रतिष्ठित नौकरियों में जाने वालों की फेहरिस्त लंबी होती जा रही है। वह क्लासरूम और फ्री ऑनलाइन पाठशाला के जरिए सैकड़ों गरीब और वंचितों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करा रहे हैं। सिर्फ झारखंड ही नहीं उनकी फ्री कोचिंग का लाभ पड़ोसी बिहार के छात्रों को भी उसी तरह से उपलब्ध हो रहा है।

60 से ज्यादा लोगों को अफसर बनने में की मदद

60 से ज्यादा लोगों को अफसर बनने में की मदद

न्यूज18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक डीएसपी विकास का कहना है कि अभी तक उनके 16 छात्र डीएसपी के लिए चुने गए हैं और 25 प्रशासनिक सेवा और दूसरे कैडरों के लिए चुने जा चुके हैं। 2012 में उनके 62 छात्र एकबार में इंस्पेक्टर और सार्जेंट जैसे पदों के लिए चुन लिए गए थे। उनकी कोचिंग में पढ़ रहे 60 से ज्यादा छात्र बिहार और झारखंड लोकसेवा आयोग की ओर से आयोजित कई परीक्षाएं पास कर चुके हैं। इनके अलावा 100 से ज्यादा छात्र पुलिस, एसएससी, सार्जेंट और बाकी प्रतियोगी परीक्षाएं पास कर चुके हैं।

जेपीएससी में सफल 252 में से 32 डीएसपी श्रीवास्तव के छात्र

जेपीएससी में सफल 252 में से 32 डीएसपी श्रीवास्तव के छात्र

हाल ही में संपन्न हुई झारखंड लोक सेवा आयोग की 7वीं से लेकर 10वीं परीक्षाओं के फाइनल राउंड में सफल होने वाले 252 उम्मीदवारों में से 32 ने इन्हीं से कोचिंग ली है। उन्हें इस काम के लिए झारखंड के शिक्षा मंत्री जगर्नाथ महतो ने सम्मानित किया है और रविवार को अपने आवास पर भी आमंत्रित किया। झारखंड के ही हजारीबाग के रहने वाले विकास चंद्र श्रीवास्तव जेपीएससी की तीसरी बैच के डीएसपी हैं।

तैयारी करने के दिनों से ही कर रहे हैं ये काम

तैयारी करने के दिनों से ही कर रहे हैं ये काम

प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी और दूसरों को इसमें मदद करने की लगन इनमें शुरू से रही है। जब ये खुद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे, तब भी साथी छात्रों को इतिहास और जनरल नॉलेज पढ़ाते थे। दिलचस्प बात ये है कि जिस साल इन्होंने झारखंड सिविल सर्विस की परीक्षा में सफलता प्राप्त की थी, उसी साल इनसे पढ़ने वाले 6 उम्मीदवारों ने यूपीएससी की परीक्षा भी पास कर थी। डीएसपी बनने के बाद भी उनका यह जुनून बरकरार रहा है और रांची हो या देवघर, जहां भी तैनात रहे हैं, उन्होंने समय निकालकर छात्रों को पढ़ाने का काम जारी रखा।

कोविड की वजह से ऑनलाइन कोचिंग किया शुरू

कोविड की वजह से ऑनलाइन कोचिंग किया शुरू

ऑनलाइन क्लास की ओर ये तब से प्रेरित हुए हैं, जब से कोविड की वजह से सामान्य क्लास लेना मुमकिन नहीं रह गया। महामारी के दौरान उन्होंने सैकड़ों छात्रों को इसी माध्यम से गाइड करना जारी रखा है। जुलाई, 2021 से वह 'डीएसपी की पाठशाला' के नाम से यूट्यूब चैनल चला रहे हैं, जिसमें हफ्ते में चार से पांच दिन 500 छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाते हैं। इस समय उनके इस यूट्यूब चैनल के 47,000 से ज्यादा सब्सक्राइबर हैं। इसके अलावा वे कई और सोशल मीडिया के जरिए भी छात्रों को गाइड करते हैं।

एनआईटी में दाखिले के लिए एक छात्र को सैलरी से दिए 40,000 रुपये

एनआईटी में दाखिले के लिए एक छात्र को सैलरी से दिए 40,000 रुपये

47 वर्षीय डीएसपी श्रीवास्तव इस समय रांची में इंवेस्टिगेशन ट्रेनिंग स्कूल में तैनात हैं। जेपीएससी के 6ठे बैच के प्रशासनिक सेवा के टॉपर सुमन गुप्ता और सेकंड टॉपर अशोक भारती ने भी तैयारी के लिए इनसे सहायता ली थी। लेकिन, डीएसपी साहब की यह सहायता सिर्फ तैयारी करवाने तक ही सीमित नहीं है। आवश्यकता पड़ने पर इन्होंने गरीब और वंचित छात्रों की आर्थिक सहायता भी की है। दो साल पहले मधुपुर का एक छात्र एनआईटी क्वालिफाई कर गया था, लेकिन उसके पास एडमिशन के पैसे नहीं थे। तब, डीएसपी विकास चंद्र श्रीवास्तव ने अपनी सैलरी से उसे 40,000 रुपये दिए थे। इसके अलावा अनगिनत छात्रों को वह किताबें और बाकी स्टडी मटेरियल भी उपलब्ध करवाते रहे हैं। (तस्वीरें सौजन्य: यूट्यूब)

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