तो इसलिए पाकिस्तान को आतंकी देश घोषित नहीं करेगा भारत
राज्यसभा के सांसद राजीव चंद्रशेखर की ओर से पाकिस्तान को आतंकी देश घोषित करने वाला बिल हाल ही में किया गया था पेश लेकिन सरकार ने बिल को कर दिया था खारिज।
नई दिल्ली। उरी आतंकी हमले के बाद से ही पाकिस्तान को एक आतंकी देश घोषित करने की मांग उठने लगी है। भारत में भी पाकिस्तान को आतंकी देश घोषित करने वाला एक बिल राज्यसभा में सांसद राजीव चंद्रशेखर की ओर से पेश किया गया लेकिन सरकार ने इस बिल को खारिज कर दिया। हाल ही में जब पुंछ की कृष्णा घाटी में पाकिस्तान की सेना ने दो भारतीय जवानों के सिर कलम किए तो फिर से यह मांग जोर पकड़ने लगी है। भारत की ओर से अगर पाकिस्तान को एक आतंकी देश घोषित कर दिया जाता है तो यह भारत के लिए लंबे समय तक फायदेमंद साबित होगा। हालांकि एक सच यह भी है कि भारत कभी ऐसा नहीं करेगा।

देश में गुस्सा
पाकिस्तान को लेकर इस समय पूरे देश में नाराजगी अपने चरम स्तर पर है। हर तरफ यही सवाल पूछा जा रहा है कि आखिर हम पाकिस्तान को आतंकी देश क्यों नहीं घोषित कर रहे हैं। अगर भारत ऐसा करता है तो भी देश पर तुरंत कोई असर नहीं होगा लेकिन आगे आने वाले समय में इसके बड़ा प्रभाव होगा। भारत, पाकिस्तान में पनपने वाले आतंकवाद का सबसे बड़ा पीड़ित है और अगर यह कदम उठाया जाता है तो इस बात की संभावना बढ़ जाएगी कि बाकी देश भी ऐसा करें।

राज्यसभा में आया बिल
हाल ही में राज्य सभर में निर्दलीय सांसद राजीव चंद्रशेखर की ओर से एक बिल राज्यसभा में लाया गया था। सरकार की ओर से इस बिल का विरोध किया गया और फिर इसे वापस ले लिया गया। बिल के सदन में आने के बाद गृह मंत्रालय की ओर से जवाब दिया गया कि इस तरह का कोई भी कदम पाकिस्तान के खिलाफ उठाने से जेनेवा संधि के तहत भारत के अंतराष्ट्रीय संबंधों पर असर पड़ेगा।

दबाव में भारत
गृह मंत्रालय के मुताबिक भारत कई अंतराष्ट्रीय नियमों को मानने के लिए बाध्य है। कई देशों के साथ व्यापारिक रिश्ते हैं जिसमें पाकिस्तान भी शामिल है और ऐसे में पाकिस्तान को आतंकी देश घोषित करना सही नहीं रहेगा। गृह मंत्रालय जेनेवा संधि के तहत ऐसा कदम नहीं उठा सकता क्योंकि ऐसा करने से भारत दुनिया में अलग-थलग हो जाएगा।

क्या था इस बिल में
राजीव चंद्रशेखर की ओर से जो बिल राज्यसभा में आया था उसमें उन्होंने आतंकवाद का समर्थन करने वाले देशों के नागरिकों पर कानूनी, आर्थिक और यात्रा संबंधी बंदिशें लगाने की मांग की थी। नियमों के मुताबिक बिल को पहले एक हाउस कमेटी की ओर से जांचा गया और एक बार जब यह प्रक्रिया पूरा हो जाती तो फिर इसे कानून बना दिया जाता।

सरकार का बयान
इस बिल पर गृह राज्यमंत्री हंसराज अहीर की ओर से कहा गया था कि सरकार ने आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए कई कदम उठाए हैं। पहले से ही जो कानून मौजूद हैं वे आतंकवाद का समर्थन करने वाले देशों के नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई करने में समर्थ हैं। हंसराज अहीर ने कहा कि किसी भी देश को आतंकी देश घोषित करने के बाद कई और तरह की बाधांए आएंगी।












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