शिवाजी पार्क से उद्धव का नाता शिवसेना से भी पुराना है, जानिए कैसे
नई दिल्ली- मुंबई के शिवाजी पार्क मैदान से शिवसेना का इतिहास ही नहीं अस्तित्व भी जुड़ा है। शिवसेना यहीं पैदा हुई, इसी के मिट्टी में पल-बढ़कर सियासत की बिसात पर आगे बढ़ते हुए आज यहां तक पहुंची है, जब ठाकरे परिवार का एक वारिस खुद महाराष्ट्र की सत्ता की कमान अपने हाथों में थाम रहा है। लेकिन, अगर ठाकरे परिवार की बात करें तो मुंबई के दादर इलाके में स्थित इस ऐतिहासिक मैदान से उसका नेता शिवसेना से भी वर्षों पुराना है। यूं समझ लीजिए कि ठाकरे परिवार की चार-चार पीढ़ियों को इस मैदान से अपनापन, आदर-सम्मान और गौरव मिला है। इसलिए शपथग्रहण जैसे एतिहासिक पल को यादगार बनाने के लिए उद्धव ठाकरे को इससे मुकम्मल जगह कोई मिल नहीं सकती थी। सिर्फ शपथग्रहण ही नहीं, चर्चा ये भी है कि हो सकता है कि उद्धव माहिम विधानसभा सीट से उपचुनाव भी लड़ सकते हैं और शिवाजी पार्क माहिम विधानसभा क्षेत्र में ही आता है।

शिवाजी पार्क से ठाकरे और शिवसेना का नाता
मुंबई का शिवाजी पार्क 1966 में शिवसेना की पहली ऐतिहासिक रैली से लेकर पार्टी संस्थापक बालासाहेब ठाकरे के अंतिम संस्कार तक का गवाह रहा है। 1995 में यहीं शिवसेना के पहले मुख्यमंत्री मनोहर जोशी ने शपथ ली थी और गुरुवार को इसने ठाकरे परिवार के सीएम के लिए मंच सजाया है। यूं समझ लीजिए कि दादर का यह मैदान पिछले 6 दशकों से शिवसेना की राजनीति का केंद्र रहा है। इस मैदान ने ठाकरे परिवार की चार-चार पीढ़ियों का उत्थान होते देखा है। इसकी शुरुआत प्रबोधनकर ठाकरे (समाज सेवी) से ही हो गई थी और फिर उसे उनके बेटे बाल ठाकरे, पोते उद्धव और राज एवं परपोते आदित्य ठाकरे ने कदम-कदम आगे बढ़ाया है। सबसे बड़ी बात ये है कि यह मैदान ठाकरे परिवार की निजी यादों में भी रचा-बसा हुआ है। उद्धव के दादा दादर में ही रहते थे। बाल ठाकरे और उनके भाई यानि राज ठाकरे के पिता श्रीकांत ठाकरे भी इसी इलाके में पले-बढ़े। बाल ठाकरे ने कार्टूनिस्ट की नौकरी छोड़ने के बाद अपनी मैगजीन मार्मिक यहीं पर लॉन्च की थी। राज ठाकरे अभी भी इसी इलाके में रहते हैं।

शिवसेना के गढ़ में मौजूद है यह ऐतिहासिक मैदान
पार्टी मुख्यालय शिवसेना भवन शिवाजी पार्क के बिल्कुल पास ही मौजूद है। जब मनोहर जोशी पार्टी के पहले मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने वाले थे, तब बाल ठाकरे ने राजभवन के बजाय इस मैदान को इसीलिए चुना, क्योंकि उनके लाखों शिवसैनिक भी समारोह के गवाह बन सकें। आदित्य ठाकरे को भी शिवसेना के युवा मोर्चे भारतीय युवा सेना की कमान इसी मैदान में सौंपी गई थी। यहां शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे के मेमोरियल मौजूद है, जो शिवसैनिकों के लिए किसी पवित्र भूमि से कम नहीं। उद्धव के चचेरे भाई राज ठाकरे ने भी अपनी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की पहली रैली इसी मैदान में आयोजित की थी।

शिवसैनिकों के लिए 'शिव तीर्थ' है शिवाजी पार्क
कहते हैं कि जब 1966 में बाल ठाकरे ने जब इस मैदान में पार्टी की पहली रैली आयोजित की, तब परिवार को चिंता थी की उनकी उम्मीदों के मुताबिक भीड़ जुटेगी भी या नहीं। लेकिन, उनकी चिंता के उलट यहां कहीं ज्यादा भीड़ उमड़ आई। तब से शिवसेना की वार्षिक दशहरा रैली के लिए शिवसैनिक इसे 'शिव तीर्थ' के नाम से बुलाने लगे। दशहरा रैली, जिसे पहले बाल ठाकरे संबोधित करते थे और अब उद्धव करते हैं, उसमें शामिल होने वाले लाखों शिवसैनिकों के लिए उस दिन यह मैदान बिल्कुल एक तीर्थ स्थल की तरह बन जाता है।

शिवाजी पार्की मैदान का इतिहास
मुंबई के दादर-वडाला-माटुंगा-सायन-माहिम शहर योजना के तहत विकसित 28 एकड़ का यह मैदान 1925-26 में अस्तित्व में आया था। 1927 में छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर इसका नाम शिवाजी पार्क कर दिया गया। यह मैदान सिर्फ सियासत की बुलंदियों को ही नहीं छूए है, बल्कि इसने खेल की दुनिया में भी विश्व को अनमोल रत्न दिए हैं। यह क्रिकेट और फुटबॉल के लिए भी मशहूर है तो मालखंब और खो-खो जैसे देशी खेलों की भी पहचान है। सचिन तेंदुलकर और विनोद कांबली जैसे क्रिकेटर यहीं पर खेल-खेल कर बड़े हुए हैं। यह मैदान आजादी के दिवानों का भी प्रिय था और 1960 में अलग राज्य बनाने के लिए चले संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन का भी केंद्र रहा। उद्धव के दादा प्रबोधनकर ठाकरे भी उस आंदोलन का हिस्सा रहे। यानि इस मैदान से ठाकरे परिवार का नाता शिवसेना के वजूद में आने से भी काफी पुराना है।
-
Hyderabad Bengaluru Bullet Train: 626 किमी के प्रोजेक्ट ने पकड़ी रफ्तार, DPR पर बड़ा अपडेट आया -
Monalisa की शादी के 8 दिन बाद ये क्या हो गया? मुस्लिम पति पर बड़ा खुलासा, डायरेक्टर के बयान से मचा हड़कंप -
Gold Rate Today: फिर सस्ता हो गया सोना, हाई से 28,000 तक गिरे भाव, अब कितने में मिल रहा है 22K और 18K गोल्ड -
'मैंने 6 मर्दों के साथ', 62 साल की इस बॉलीवुड एक्ट्रेस ने खोलीं लव लाइफ की परतें, 2 शादियों में हुआ ऐसा हाल -
Delhi Riots: जिसने पूरी जिंदगी ईर्ष्या की, उसी के निकाह में 6 साल जेल काटकर पहुंचे Sharjeel Imam, दूल्हा कौन? -
Uttar Pradesh Silver Rate Today: ईद पर चांदी बुरी तरह UP में लुढकी? Lucknow समेत 8 शहरों का ताजा भाव क्या? -
Gold Silver Rate Crash: सोना ₹13,000 और चांदी ₹30,000 सस्ती, क्या यही है खरीदारी का समय? आज के ताजा रेट -
Mojtaba Khamenei: जिंदा है मोजतबा खामेनेई! मौत के दावों के बीच ईरान ने जारी किया सीक्रेट VIDEO -
US-Iran War: ‘पिछले हालात नहीं दोहराएंगे’, ईरान के विदेश मंत्री ने Ceasefire पर बढ़ाई Trump की टेंशन? -
iran Vs Israel War: ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला, अमेरिका-इजराइल की भीषण बमबारी से दहला नतांज -
ईरान का गायब सुप्रीम लीडर! जिंदा है या सच में मर गया? मोजतबा खामेनेई क्यों नहीं आ रहा सामने, IRGC चला रहे देश? -
Love Story: बंगाल की इस खूबसूरत नेता का 7 साल तक चला चक्कर, पति है फेमस निर्माता, कहां हुई थी पहली मुलाकात?












Click it and Unblock the Notifications