आने वाली कोविड लहर से बच्चे नहीं होंगे गंभीर रूप से प्रभावित, सरकार ने बताई वजह
कोरोना की तीसरी या आने वाली संभावित लहरों का बच्चों पर गंभीर रूप से असर होने की आशंका के बीच केंद्र सरकार ने बुधवार को बयान जारी कर कहा कि बच्चों में कोरोना के लक्षण अक्सर असिम्टोमेटिक होते हैं।
नई दिल्ली, 30 जून। कोरोना की तीसरी या आने वाली संभावित लहरों का बच्चों पर गंभीर रूप से असर होने की आशंका के बीच केंद्र सरकार ने बुधवार को बयान जारी कर कहा कि बच्चों में कोरोना के लक्षण अक्सर असिम्टोमेटिक होते हैं और शायद ही कभी उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने की आवश्यकता होती है।

बच्चों में दिखाई ही नहीं देते कोरोना के लक्षण
आधिकारिक बयान में कहा गया कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान मीडिया में कोरोना की आने वाली लहरों में इसका बच्चों पर घातक असर होने की आशंका को लेकर कई सवाल उठाए गए, लेकिन विशेषज्ञों ने कई बार इन आशंकाओं को दूर किया है। अधिकारियों ने कहा गया कि जिन बच्चों को कोरोना होता है, ज्यादातर मामलों में उनमें लक्षण दिखाई ही नहीं देते और न ही उन्हें अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत पड़ती है। कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमण से ग्रसित केवल उन बच्चों को अस्पताल में भर्ती किया गया जो कई अन्य बीमारियों से ग्रसित थे या जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी कमजोर थी। अधिकारियों ने कहा कि देश दुनिया में ऐसा कोई डाटा नहीं है जो यह कहता हो कि कि आने वाली कोरोना की लहरों में बच्चे गंभीर रूप से प्रभावित होंगे।
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बच्चों के इलाज के किए गए पूरे इंतजाम
सरकार ने कहा कि यदि बच्चे कोरोना की तीसरी या आने वाली लहरों में प्रभावित होते हैं तो उनके इलाक के लिए पर्याप्त इंतजाम किये गए हैं। बच्चों के इलाज को लेकर स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत किया जा रहा है।
बच्चों का टीकाकरण करने के प्रयास किये जा रहे तेज
सरकार ने कहा कि बच्चों को टीकाकरण के दायरे में लाने के लिए प्रयासों में तेजी लाई जा रही है। सरकार ने आगे कहा कि 2-18 साल के बच्चों पर कोवैक्सीन का परीक्षण भी शुरू किया गया है।












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