क्या सच में केजरीवाल दोहरे चरित्र के मालिक हैं?
सोचा तो नहीं था कि दोबारा इतनी जल्दी आपको पत्र लिखुंगा, पर इण्डिया टुडे के प्राइवेट बीचक्राफ्ट विमान पर आपका इंटरव्यु लेने के दौरान जो अनुभव मैंने किया उसने मुझे खुद को ही मुर्ख साबित करने पर मजबूर कर दिया क्योंकि आज तक मैंने आप पर विश्वास करने की भूल की। अचरज की बात तो यह कि प्राईम टाइम के चैट शो के दौरान जब आपके प्रतिरक्षक से आपके विमान यात्रा के बारे में सवाल किया गया तो उसने आपकी रक्षा करने के चक्कर में जो तर्क दिए उसने स्वत: ही आपके दोहरे रुख को उजागर कर दिया. आपके प्रतिनिधि का कहना है कि पहली बात यह हवाई यात्रा इण्डिया टुडे की तरफ से थी और दूसरी बात यह की केजरीवाल ने केवल समय बचाने के उद्देशय से हवाई यात्रा की।
भाजपा क्यों चाहती है मोदी के लिए सेफ सीट?
इस तर्क से सवाल यह उठता है कि जो केजरीवाल मोदी और अन्य नेताओं के प्राईवेट यात्रा पर सवाल उठाते हैं क्या वो खुद इस समय सवालों के घेरे में नहीं आते. उनका यात्रा करने का उद्देय यदि टाइम बचाना है तो वो क्यों दूसरे मंत्रियों का विरोध करते हैं जब वे मंत्री भी इसी उ्द्देशय से विमान यात्रा करते हैं। केजरीवाल जी आपने वीआईपी कल्चर का विरोध किया, रेड लाईट पर प्रतिबंध लगाने की मांग की, सुरक्षा तक को ठुकराने का प्रयास किया पर हुआ क्या इन सबसे जबकि आपके प्रतिनिधियों ने ही एक भी सरकारी सुविधा को हाथ से जाने नहीं दिया और आप खुद भी इस लिस्ट से बाहर नहीं हैं। सच्चाई यही है कि आप की अपने ही दल ने आपके रुख से नकाब उठा दिया है।
दूसरी बात यह कि भले ही आपकी यह विमान यात्रा आपके व्यय से नहीं हुई पर आपको इतना तो समझना चाहिये कि जैसे इण्डिया टुडे जैसे न्यूज़ समुह आपको विमान यात्रा करा सकते है तो यह भी संभव है कि जिन पार्टियों अथवा राजनेताओं की विमान यात्रा की आप आलोचना करते हैं उनकी यात्रा भी कोई समुह संस्थान प्रबंधित करते हों।
सच तो यह है कि आपने अपने लाखों समर्थकों का भरोसा तोड़ा है. मैने पहले आपसे कहा था कि आप ने मौका गवां दिया खुद को प्रमाणित करके इतिहास के पन्नों में अपनी जगह बनाने में. पर मैं गलत था. अब में यह कह सकता हुँ कि आप वो उम्मीदवार है जो अपने ही वैचारिक विरोधाभास के कारण हास्यास्पद रुप में हमेशा ही इतिहास में चर्चित रहेंगे,आपका रुख हमेशा से ही विरोधाभासी रहा है।
हमे अन्ना आंदोलन के समय आपने कहा कि आप राजनीति में नहीं आएगें पर आप आए, फिर आपने कहा कांग्रेस की मदद से सरकार नहीं बनाएंगे पर आपने कांग्रेस का समर्थन लिया, आपने कहा सरकारी बंग्ला नहीं लेंगे पर आपने बड़ा सरकारी अपार्टमेंट लिया, आपने कहा सरकार में आने के बाद 15 दिनों में ही जन लोकपाल पारित करेंगे पर यह भी नहीं हुआ. इतना ही नहीं आपके दल के सदस्यों ने कहा कि वो सरकारी सुविधाएं नहीं लेंगे पर उन्होंने सभी सुविधाएं लीं. शुरु से अतं तक आपके विचारों में विरोधाभास ही रहा है. मैं यह नहीं कहता कि यह सरकारी सुविधाएं लेना गलत है, बांकि राजनेता भी यह सुविधाएं लेते हैं अन्तर केवल इतना है कि वो आपकी तरह ढकोसला नहीं करते कोई स्टेंड लेने का।
मुझे अचरज होता था कि अन्ना ने आपका समर्थन न करके ममता बनर्जी का समर्थन क्यों किया या क्यों किरण बेदी ने आप पर भरोसा न करके भाजपा का पक्ष लिया पर आज मैं इन सवालों का जवाब पाने में काफी हद तक सफल हो पाया हूँ।
आपने अपने 49 दिन के शासन काल में बतौर मुख्यमंत्री यह तो साबित कर ही दिया है कि आप पार्टी स्वयं अपने ही सिद्धान्तों पर लम्बे समय तक नहीं टिक सकती। अन्त में मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हुं कि मैं न तो किसी पार्टी का खिलाफ हुँ और न ही किसी का प्राईवेट एयर क्राफ्ट के प्रयोग के ही खिलाफ हुँ जब तक की उसने रुख में पाखंड न हो।
अरविंद केजरीवाल ने तीन जीवित आरटीआई कार्यकर्ताओं को दे दी श्रद्धांजलि
या तो आप अनाड़ी है जो खुद अपने ही रुख को साफ नहीं कर पा रहे. आपको अब कम से कम इतना तो करना ही चाहिये की स्वेच्छा से आप अपने दल की तरफ से जनता से उनकी उम्मीद, उनका भरोसा तोड़ने के लिए माफी मांगे. यदि आप सच में साधारण है तो खुद को साधारण प्रकट तो कीजिये क्योंकि जो साधारणपन आप अपनी सोच में प्रकट करते हैं वो आपके कृत में नहीं दिखता।आप कहते कुछ हैं और करते कुछ और हैं। हो सकता अब भी जनता दुविधा में आकर आप पर एक बार फिर भरोसा करे पर मेरे लिए आप सदैव शंकास्पद ही रहेंगे।
लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं।
Did You Know: आम आदमी पार्टी नेता अरविंद केजरीवाल ने अहमदाबाद की अपनी रैली में चार आरटीआई कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि दे दी, जबकि इनमें से तीन जीवित हैं।













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