यूपी विधानसभा चुनाव : अब ये गलतियां नहीं करेगी 'भाजपा'?
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 2017 में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर लोगों की नजरें और सियासी दलों की नजरें भारतीय जनता पार्टी के द्वारा सियासी मैदान में बतौर सीएम कैंडीडेट घोषित किए जाने वाले नाम पर टिकी हैं। हालांकि असम में भाजपा की अप्रत्याशित जीत के बाद इस बात की सुगबुगाहट तेज हो गई है कि जल्द ही भाजपा यूपी में सीएम उम्मीदवार का नाम घोषित कर सकती है।
असम में बीजेपी की जीत का असर पड़ेगा यूपी चुनावों पर?
दुहराएगी या फिर सुधारेगी गलती
सूत्रों की मानें तो टिकट बटवारे में ढ़ीला हवाली और सीएम कैंडीडेट न चुनने की वजह से भारतीय जनता पार्टी को ज्यादातर खामियाजा भुगतना पड़ा है। हालांकि दिल्ली में सीएम के रूप में किरण बेदी को चुनना जनता की नजरों में एक बेहतर विकल्प नहीं था। फलस्वरूप पार्टी ने बिहार विधानसभा चुनावों में कोई सीएम कैंडीडेट घोषित नहीं किया और परिणाम नीतीश सरकार के रूप में सभी के सामने है। इस बार शायद ही बीजेपी इस गलती को दुहराना पसंद करे। ऐसे में ज्यादा अवसर इस बात के ही हैं कि एक नाम तय कर अखिलेश और मायावती के मुकाबले अपना विकल्प दे दिया जाए। अब इस विकल्प में कौन होगा ये तो आने वाला वक्त ही तय करेगा ?
'योगी नहीं, वोट नहीं' से क्या रूबरू है भाजपा !
जानकारी की मानें तो पार्टी चेहरे की तलाश में जुट गई है। लेकिन सवाल ये है कि सोशल मीडिया पर जिस तरह से गोरखपुर से सांसद योगी आदित्यनाथ के संदर्भ में तमाम हिंदू संगठन प्रचार प्रसार कर रहे हैं, यदि योगी को सीएम कैंडीडेट न बनाया गया तो उस स्थिति के लिए क्या बीजेपी तैयार है। क्योंकि पिछले दिनों सोशल मीडिया पर योगी समर्थकों द्वारा कहा गया था ''योगी नहीं, वोट नहीं।''













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