तेलंगाना में कांग्रेस विधायक दल की बैठक समाप्त, सीएम के नाम पर संशय बरकरार
तेलंगाना में कांग्रेस ने बहुमत हासिल कर, के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) की जीत की हैट्रिक होने से रोक दिया है। चुनाव के नतीजे आने के बाद से ही ये चर्चा तेज है कि कांग्रेस किसे तेलंगाना में मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाएगी। इसका फैसला करने के लिए तेलंगाना के नवनिर्वाचित कांग्रेस विधायकों ने आज बैठक की। ऐसी संभावना थी कि इस बैठक में विधायक दल के नेता का चुनाव कर लिया जाएगा।
कांग्रेस विधायक दल की बैठक समाप्त हो चुकी है। सभी को अब इस बात का इंतजार है कि कांग्रेस तेलंगाना में किसके हाथ में सत्ता की कमान सौपेगी ? सीएम के नाम पर संशय अभी भी बरकरार है।

मुख्यमंत्री पद के दावेदारों की बात करें तो इसमें सबसे पहला नाम तेलंगाना कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ए.रेवंत रेड्डी का आता है। राज्य में पार्टी की जीत में इनकी अहम भूमिका रही है।
तेलंगान की सियासी धुरी रेड्डी और दलित-आदिवासी समाज के इर्दगिर्द घूमती है। राज्य की आबादी का 15 प्रतिशत हिस्सा दलित समाज के लोगों का है। जबकि नौ प्रतिशत आदिवासी और रेड्डी समाज की आबादी अनुमानित तौर पर सात प्रतिशत की है। रेड्डी तेलंगाना में सामाजिक रूप से प्रभावशाली माना जाता है।
मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवारों में ए.रेवंत रेड्डी के अलावा एम.भट्टी विक्रमार्क, उत्तम कुमार रेड्डी और के.आर. वेंकेट रेड्डी शामिल हैं। रेवंत रेड्डी तेलंगाना कांग्रेस के अध्यक्ष होने के साथ-साथ मल्काजगिरि लोकसभा सीट से सांसद हैं। दलित नेता एम.भट्टी विक्रमार्क माधिरा सीट से तीन बार के विधायक हैं। इनका नाम राज्य के बड़े दलित नेताओं में सुमार है। तेलंगाना कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष उत्तम कुमार रेड्डी नलकोंडा से लोकसभा सांसद हैं। जबकि, के.आर. वेंकेट रेड्डी भुवनगिरि लोकसभा सीट से सांसद होने के साथ-साथ तीन बार के विधायक और मंत्री रह चुके हैं।
इन सभी नेताओं में रेवंत रेड्डी मुख्यमंत्री पद के सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। रेड्डी तेलंगाना में कांग्रेस की ओर से 2019 में जीत दर्ज करने वाले तीन लोकसभा सांसदों में शामिल हैं।
रेवंत रेड्डी के बाद सीएम पद के लिए वरिष्ठ दलित नेता भट्टी विक्रमार्क के नाम की चर्चा भी तेज है। विक्रमार्क जून 2011 में आंध्रप्रदेश विधानसभा के उपाध्यक्ष बने थे। वो 2014 और 2018 में फिर विधायक बने। जनवरी 2019 में विक्रमार्क को तेलंगाना विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के नेता के रूप में नियुक्त किया गया था।
विक्रमार्क के बाद उत्तम रेड्डी की भी दावेदारी मजबूत मानी जा रही है। 2019 में सांसद बनने से पहले रेड्डी हुजूरनगर सीट से दो बार विधायक रह चुके हैं। 2018 के विधानसभा चुनाव में उत्तम कुमार रेड्डी ने बीआरएस के शानमपुडी सैदी रेड्डी को 7,466 वोटों से मात दी थी। उत्तम आंध्र प्रदेश की सरकार में कैबिनेट मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
इस रेस में चौथा नाम के.आर. वेंकेट रेड्डी का है। वो मई 2019 में लोकसभा सांसद चुने जाने से पहले 2018 तक कोमाटी तेलंगाना के विधायक थे। इससे पहले साल 1999 से 2014 तक वो तीन बार आंध्र प्रदेश से विधायक रह चुके हैं। उन्होंने वाईएस राजशेखर रेड्डी की सरकार में सूचना प्रौद्योगिकी, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाली हुई है।
तेलंगाना की 119 विधानसभा सीटों में से 64 पर जीत दर्ज करके कांग्रेस सरकार बनाने को तैयार है। अब देखना होगा कि इस नामों में से कौन मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनता है या फिर इस रेस में कोई नई वाइल्डकार्ड एंट्री होती है।












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