गुजरात का सीएम कौन? क्या रूपाणी को मिलेगा मौका या सरप्राइज देंगे मोदी-शाह
गांधीनगर। गुजरात विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर जीत दर्ज की है। इस जीत के साथ एक सवाल फिर खड़ा हुआ है कि आखिर अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान मतदान का शुरू होने से पहले ही ऐसी खबरें आ रही थी कि भारतीय जनता पार्टी किसी पटेल को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित कर सकती है। माना जा रहा था कि राज्य के डिप्टी सीएम नितिन पटेल को बतौर सीएम प्रोजेक्ट किया जा सकता है लेकिन ऐसा किया नहीं गया।

करीब 46 सीट कम जीती है
हालांकि अब जबकि पार्टी अपने 150+ के लक्ष्य से कम है। यहां तक कि मौजूदा रुझानों के अनुसार पार्टी 130 सीट तक नहीं पहुंच सकी तो ऐसे में माना जा रहा है कि भाजपा गुजरात के नेतृत्व में बदलाव कर सकती है। गौरतलब है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह यह कह चुके हैं कि विजय रूपाणी ही मुख्यमंत्री रहेंगे लेकिन लक्ष्य से कम मिली जीत के बाद माना जा रहा है कि नेतृत्व में परिवर्तन होगा।

नितिन पटेल नहीं घोषित हुए सीएम
यह बात दीगर है कि भाजपा बिना पटेल सीएम चेहरा घोषित किए ही पाटीदार और पटेल प्रभावित सौराष्ट्र में भाजपा कांग्रेस से सिर्फ 4 सीट पीछे है। सौराष्ट्र की कुल 54 सीटों में से 29 कांग्रेस और 25 भाजपा ने जीती हैं। कहा जा रहा है कि नितिन पटेल को सीएम इसलिए भी नहीं बनाए जा सकते क्योंकि वो पटेलों को सही तरीके से नहीं साध सकते। इतना ही गुजरात में भाजपा को एक ऐसे शख्स की जरूरत है जो भाजपा के हिन्दुत्व के एजेंडे समेत विकास सरीखे मुद्दे को भी साध सके।

रुपाणी नहीं तो कौन?
वहीं सूरत की कई सीटों पर जहां नोटबंदी और GST के बाद व्यापारियों ने काफी दिक्कतों की बात कही थी लेकिन वहां भी भाजपा मजबूत स्थिति में है। ऐसे में यह कहना लगभग जल्दीबाजी होगी रुपाणी को सीएम नहीं बनाया जाएगा। सूरत में कांग्रेस को सिर्फ 1 सीट मिली और भाजपा को 15 सीटे मिलीं।

लेकिन 2019 का चुनाव...
लेकिन अगर यही बात साल 2019 के लोकसभा चुनावों को ध्यान में रख कर की जाए तो इससे इनकार नहीं कर सकते कि पीएम मोदी और अमित शाह को नया प्रयोग नहीं कर सकते। आनंदीबेन को हटाए जाने के बाद रुपाणी को सीएम बनाया गया था। उस समय प्रदेश में पटेल आंदोलन चल रहा था और राज्य के कई इलाकों में भाजपा के प्रति असंतोष झलका था। जानकारों का मानना है कि रुपाणी इसे कायदे से हैंडल नहीं कर सके थे। वहीं सूरत में व्यापारियों पर हुए लाठीचार्ज 2019 के लोकसभा चुनाव में इन सबका असर पड़ सकता है। ऐसे रुपाणी को सीएम बनाने का खतरा भाजपा लेने की स्थिति में नही होगी।

कर सकते नया प्रयोग
बता दें कि महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस को मोदी ने चुना क्योंकि वो पार्टी का युवा चेहरे थे। हालांकि उनका प्रभाव सिर्फ नागपुर में था लेकिन मोदी ने उन्हें सीएम के लिए चुना। हरियाणा में स्वच्छ छवि वाले मनोहर लाल खट्टर को सीएम बनाया गया था। झारखंड में रघुबर दास, यूपी में आदित्यनाथ, उत्तराखंड में त्रिवेंद्र सिंह रावत में मोदी-शाह की जोड़ी ने प्रयोग किया था। ऐसे में इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता कि मोदी-शाह की जोड़ी राज्य में कोई नया प्रयोग कर सकते हैं।

क्यों नहीं आ सकता कोई तीसरा शख्स!
रुपाणी से लोगों की नाराजगी और नितिन पटेल की एक स्तरीय छवि ना होने के चलते दोनों को सीएम नहीं बनाया जा सकता। ऐसे में इस बात की संभावना है कि रुपाणी और पटेल के अलावा तीसरे शख्स को सीएम बनाया जा सकता है जो राज्य में हिन्दुत्व, गुजराती अस्मिता और संगठन के साथ-साथ सभी मामलों को संभाल सके। आज परिणाम आने के बाद यह एक हफ्ते के भीतर स्पष्ट हो सकती है कि आखिर सीएम कौन होगा?












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