कौन हैं तीस्ता सीतलवाड़, जिन्हें गुजरात ATS ने किया गिरफ्तार?
नई दिल्ली, 25 जून। साल 2002 में हुए गुजरात दंगों में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को SIT की ओर से मिली क्लीन चिट को सुप्रीम कोर्ट ने बरकार रखा। उच्चतम न्यायालय के इस आदेश के ठीक एक दिन बाद गुजरात एटीएस ने मुंबई की भारतीय नागरिक अधिकार कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ और पूर्व डीजीपी आरबी कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। तीस्ता का विवादों से पुराना नाता रहा है। आइए जानते हैं कि तीस्ता सीतलवाड़ कौन हैं और उन्हें किस आरोप में गुजरात एटीएस ने क्यों गिरफ्तार किया?

तीस्ता सीतलवाड़ एक कथित भारतीय नागरिक अधिकार कार्यकर्ता और पत्रकार हैं। वह सिटीजन फॉर जस्टिस एंड पीस की सचिव हैं, जो 2002 के गुजरात दंगों की वकालत करने के लिए बनाई गई एक संस्था है। साल 2002 में हुए गुजरात दंगों को लेकर एसआईटी की रिपोर्ट में भारतीय नागरिक अधिकार कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ और पूर्व डीजीपी की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। जिसके बाद गुजरात एसआईटी ने इन दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। अहमदाबाद डिटेक्शन ऑफ क्राइम ब्रांच (DCB) ने सेवानिवृत्त राज्य डीजीपी आरबी श्रीकुमार को गिरफ्तार कर लिया। जबकि कोर्ट में जकिया जाफरी का याचिका का समर्थन करने वाली मुंबई की कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ को गुजरात एटीएस ने गिरफ्तार किया है।
सीतलवाड़ और पूर्व IPS आरबी कुमार पर ये हैं आरोप
गुजरात राज्य की ओर से दायर नौ पन्नों की प्राथमिकी में भी पूर्व आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट का नाम है, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट के आदेश में भी सख्ती का सामना करना पड़ा था। भट्ट पहले से ही एक अन्य मामले में जेल में है। अहमदाबाद अपराध शाखा की एक टीम ने शनिवार दोपहर श्रीकुमार को गांधीनगर स्थित उनके आवास से उठाया, जबकि सीतलवाड़ को उनके मुंबई स्थित आवास से हिरासत में लिया गया। श्रीकुमार, भट्ट और सीतलवाड़ के खिलाफ आईपीसी की धाराओं 468, 471, 194, 211, 218, 120 बी के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। इनके खिलाफ जालसाजी, फर्जी दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड के रूप में उपयोग करना, पूंजीगत अपराध की सजा हासिल करने के इरादे से झूठे सबूत देना या गढ़ना, चोट लगाने के इरादे से किए गए अपराध का झूठा आरोप, लोक सेवक ने गलत रिकॉर्ड या लेखन को सजा या संपत्ति को जब्ती से बचाने के इरादे से बनाया है और आपराधिक साजिश के आरोप लगे हैं।
कौन हैं तीस्ता सीतलवाड़?
61 साल की तिस्ता के दादा एम.सी.सीतलवाड़ देश के पहले अटार्नी जनरल थे। उनके एक बेटा जिब्रान और बेटी तामारा है। तीस्ता की सारी पढ़ाई मुंबई में ही हुई। तीस्ता का दावा है कि वे गुजरत में भड़के दंगों में मारे गए लोगों को न्याय दिलाने के लिए संघर्षरत हैं। पैसे में गड़बड़ करने के कथित आरोप में उनके खिलाफ गिरफ्तारी के आदेश भी गुजरात हाई कोर्ट ने दिए थे।
तीस्ता पहले पत्रकार थीं उसके बाद वह सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में एक्टिव हो गई। उनके पति जावेद और गुजरात हिंसा में मारे गए। कांग्रेस नेता एहसान जाफरी के बेटे तनवीर पर वर्ष 2002 के दंगों की शिकार गुलबर्ग सोसाइटी में संग्रहालय बनाने के नाम पर एकत्र चंदे के गबन का आरोप है। गुलबर्ग सोसायटी के ही एक निवासी ने तीस्ता, उनके पति और अन्य लोगों के खिलाफ अपराध शाखा में मामला दर्ज कराया था। इन पर आरोप है कि इन लोगों ने म्यूजियम के नाम पर मोटा पैसा खुद पर खर्च कर लिए। वह सिटीजन्स फार जस्टिस एंड पीस(सीजेपी) नाम की संस्था की सचिव थी। जो बनी थी उन लोगों की मदद के लिए जिन्हें 2002 के दंगों में नुकसान पहुंचा था।












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