Sanjay Kumar Mishra: कौन हैं ED के डायरेक्टर संजय कुमार मिश्रा और क्यों हो रहा है इनको लेकर विवाद?
सुप्रीम कोर्ट ने 03 मई को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के निदेशक संजय कुमार मिश्रा को कार्यकाल को तीसरी बार बढ़ाने पर केंद्र से सवाल किया और पूछा कि क्या "एक व्यक्ति इतना ज्यादा जरूर हो सकता है।''

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के प्रमुख संजय कुमार मिश्रा का कार्यकाल केंद्र सरकार ने तीसरी बार बढ़ा दिया है। इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा है कि क्यों ईडी के डायरेक्टर संजय कुमार मिश्रा को तीन बार एक्सटेंशन दिया गया है। क्या पूरे डिपार्टमेंट में और कोई भी इस पद के लिए योग्य नहीं है। क्यों सुप्रीम कोर्ट के आदेस की अवहेलना की गई? इसी वजह से संजय मिश्रा सुर्खियों में बने हुए हैं।
ऐसे में हर कोई ये जानना चाहता है कि आखिर संजय कुमार मिश्रा कौन हैं और क्यों बार-बार केंद्र सरकार उनका कार्यकाल बढ़ा रही है। केंद्र सरकार ने कहा है कि धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की रोकथाम और उसका सही दिशा में काम हो, इसके लिए यह कदम जरूरी था।
सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि एक्सटेंशन देने में कोई दुर्भावना नहीं थी और वर्तमना में निदेशक पद पर इनका ( संजय कुमार मिश्रा ) बने रहना जरूरी है। वो देश में मनी लॉन्ड्रिंग और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय आतंकवाद के खतरे से निपटने के लिए उठाए गए कदमों की जांच करने वाले हैं।
तुषार मेहता ने कहा कि ऐसा नहीं है कि सरकार को कोई एक खास अधिकारी बहुत पसंद है, इसलिए ऐसा किया जा रहा है। इस पद पर फिलहाल मिश्रा जैसे "अनुभवी व्यक्ति" की जरूरत है।
इसी बात को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाए हैं। सरकार ने संजय मिश्रा का कार्यकाल 18 नवंबर 2023 तक बढ़ाया है।
कौन हैं ED के डायरेक्टर संजय कुमार मिश्रा
संजय कुमार मिश्रा आयकर आईटी कैडर के 1984 बैच के भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारी हैं। कहा जाता है कि संजय कुमार मिश्रा अपने बैच के सबसे कम उम्र के आईआरएस अफसर बनने वाले अधिकारी थे।
62 वर्षीय संजय कुमार मिश्रा को पहली बार 19 नवंबर 2018 को दो साल के लिए ईडी का निदेशक नियुक्त किया गया था। बाद में 13 नवंबर 2020 के एक आदेश द्वारा, केंद्र सरकार ने नियुक्ति पत्र को पूर्वव्यापी प्रभाव से संशोधित किया और उनके दो साल के कार्यकाल को तीन साल में बदल दिया गया।
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सरकार ने पिछले साल एक अध्यादेश जारी किया था जिसके तहत ईडी और सीबीआई प्रमुखों का कार्यकाल दो साल की अनिवार्य अवधि के बाद तीन साल तक बढ़ाया जा सकता है।
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले संजय कुमार मिश्रा के बारे में कहा जाता है कि वो एक आर्थिक विशेषज्ञ हैं। वह व्यक्तिगत रूप से बड़े मामलों की निगरानी करते हैं। संजय मिश्रा ने आयकर में कई उच्च स्तरीय मामलों की शानदार ढंग से जांच की थी। आयकर विभाग में संजय मिश्रा सचिव स्तर के अधिकारी थे।
संजय मिश्रा के बेहतर काम को देखते हुए उन्हें 19 नवंबर 2018 को ईडी में प्रिंसिपल स्पेशल निदेशक के पद पर तैनात किया गया था। संजय मिश्रा दिल्ली में आयकर के मुख्य आयुक्त के रूप में भी काम कर चुके हैं।
संजय कुमार मिश्रा के हाई-प्रोफाइल केस?
-संजय कुमार मिश्रा के तहत ईडी ने कांग्रेस की सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के पति रॉबर्ट वाड्रा जैसे कई हाई-प्रोफाइल लोगों और राजनेताओं के खिलाफ जांच शुरू की है।
-संजय कुमार मिश्रा के तहत कर्नाटक कांग्रेस प्रमुख डीके शिवकुमार, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख, जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेताओं फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की गई है।
- संजय कुमार मिश्रा के कार्यकाल में ईडी को विजय माल्या, नीरव मोदी और हथियार कारोबारी संजय भंडारी जैसे भगोड़ों के प्रत्यर्पण की भी मंजूरी मिली।
- ईडी ने संजय कुमार मिश्रा के नेतृत्व में यस बैंक के पूर्व प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी राणा कपूर और आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व एमडी-सीईओ चंदा कोचर के पति दीपक कोचर जैसे मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी व्यक्तियों को भी गिरफ्तार किया है।
फिलहाल ईडी नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी, रेत खनन मामले में पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के भतीजे भूपिंदर सिंह हनी, एसएससी भर्ती घोटाले में तृणमूल कांग्रेस के पूर्व नेता पार्थ चटर्जी और सहयोगी अर्पिता मुखर्जी के खिलाफ जांच जारी रखे हुए है। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आप नेता और दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन भी जेल में हैं।












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