कौन हैं सपा के सांसद आर के चौधरी, जिन्होंने संसद से 'सेंगोल' हटाने की मांग की, कहा-'ये किसी राजा का महल नहीं'
Samajwadi Party RK Chaudhary: समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद आर के चौधरी ने संसद भवन में लगे 'सेंगोल' को हटाने की मांग की है। अखिलेश यादव की पार्टी के आर के चौधरी ने इसे लोकतांत्रिक भारत में राजतंत्र का कालभ्रमित प्रतीक बताया है। उन्होंने कहा कि, संसद से सेंगोल हटाकर संविधान रखा जाना चाहिए।
'सेंगोल' को लेकर आर के चौधरी ने कहा है कि, सेंगोल की जगह संविधान की प्रतिकृति होनी चाहिए। उन्होंने ये भी कहा है कि संसद को लोकतंत्र का मंदिर कहा जाता है। लेकिन 'सेंगोल' राजतंत्र का प्रतीक है। आर के चौधरी ने सांसद के रूप में शपथ लेने के बाद संगोल को लेकर विरोध दर्ज कराया।

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सपा के सांसद आर के चौधरी बोले- 'ये संसद है, किसी राजा या राजघराने का महल नहीं'
आर के चौधरी ने सांसद के रूप में शपथ लेने के बाद प्रोटेम स्पीकर भर्तृहरि महताब को एक पत्र सौंपा, जिसमें स्पीकर की कुर्सी के बगल में सेंगोल की मौजूदगी पर सवाल उठाया गया था।
आर के चौधरी ने कहा,
''आज मैंने इस सम्माननीय सदन में शपथ ली कि 'मैं कानून द्वारा स्थापित भारत के संविधान के प्रति सच्ची आस्था और निष्ठा रखूंगा।' लेकिन सदन की कुर्सी के दाईं ओर सेंगोल को देखकर मैं चौंक गया। महोदय, हमारा संविधान भारत के लोकतंत्र का एक पवित्र दस्तावेज है, जबकि सेंगोल राजतंत्र का प्रतीक है। हमारी संसद लोकतंत्र का मंदिर है, किसी राजा या राजघराने का महल नहीं।"
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क्या है सेंगोल?
बता दें कि सेंगोल को पीएम मोदी ने नए संसद भवन के लोकसभा चैंबर में 28 मई 2023 को स्थापित किया था। इसे पीएम मोदी ने संसद भवन में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच स्थापित किया था। सेंगोल शब्द एक तमिल शब्द से आया है, जिसका अर्थ है 'सेम्मई' यानी 'नीतिपरायणता'।
सेंगोल एक राजदंड होता है, ये उसे दिया जाता है, जिससे न्यायपूर्ण और निष्पक्ष शासन प्रदान करने की अपेक्षा की जाती है। पीएम नरेंद्र मोदी से पहले सेंगोल को 15 अगस्त 1947 की आधी रात को पं. जवाहर लाल नेहरू को सौंपा गया था।
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Who is R K Chaudhary: कौन हैं आर के चौधरी?
- आर के चौधरी एक भारतीय राजनीतिज्ञ हैं और वर्तमान में मोहनलालगंज से लोकसभा के सांसद हैं। आर के चौधरी समाजवादी पार्टी के नेता हैं।
- आर के चौधरी उत्तर प्रदेश सरकार में परिवहन, स्वास्थ्य, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, वन, पर्यावरण, लघु उद्योग, सहकारिता, अंबेडकर ग्रामीण विकास, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री के रूप में काम किया है।
- आर के चौधरी दो बार यूपी विधान परिषद सदन के नेता और चार बार विधायक और चार बार कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं।
- आर के चौधरी ने अपना राजनीतिक करियर कांशीराम के नेतृत्व में बहुजन समाज पार्टी से शुरू किया था। वे बीएसपी के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं। आर के चौधरी ने 2002 और 2007 में मंझनपुर (1993) और मोहनलालगंज (1996) से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में विधानसभा सीट से जीता था।
- आर के चौधरी 2019 में कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए थे। कांग्रेस की टिकट पर उन्होंने पहला लोकसभा चुनाव लड़ा था। हालांकि 2024 में वह फिर सपा की टिकट पर मोहनलालगंज संसदीय सीट से चुनाव लड़े और 70 हजार वोटों से जीते।












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