कौन थी एयरहोस्टेस रोशनी? आसमान में उड़ते-उड़ते बनीं सोशल मीडिया स्टार, फिर वहीं मिली मौत
who is Roshni Songhare: वो फ्लाइट का सबसे चमकता चेहरा थीं... मुस्कुराहट ऐसी कि हर सफर खास लगने लगे और ख्वाब इतने ऊंचे कि खुद आसमान भी छोटा पड़ जाए, लेकिन किस्मत ने ऐसी करवट ली कि जिस जहाज पर सवार होकर वो अपने सपनों को उड़ान देती थीं, उसी ने उनकी जिंदगी छीन ली। एयरहोस्टेस रोशनी सोंघारे (Roshni Songhare) अब इस दुनिया में नहीं रहीं- और उनके साथ खत्म हो गए वो सारे ख्वाब, जो उन्होंने बचपन से संजोए थे।
27 साल की रोशनी महाराष्ट्र के डोंबिवली की रहने वाली थीं। उन्होंने मुंबई में पढ़ाई की और तमाम आर्थिक मुश्किलों के बावजूद अपने फ्लाइट अटेंडेंट बनने के सपने को जिंदा रखा- और आखिरकार उन्होंने ये मुकाम हासिल भी किया।

सोशल मीडिया पर उनकी अच्छी खासी फैन फॉलोइंग थी- मुस्कुराती सेल्फी, कॉकपिट के पीछे की झलकियां और मोटिवेशनल कोट्स के साथ वो हजारों लोगों के लिए इंस्पिरेशन बन चुकी थीं।
परिवार और संघर्ष की कहानी
रोशनी का परिवार कुछ साल पहले मुंबई के ग्रांट रोड से डोंबिवली शिफ्ट हुआ था। उनके पिता राजेन्द्र, मां राजश्री और भाई विघ्नेश के साथ वे नवरत्न क्रुपा सोसाइटी में रहती थीं। भाई प्राइवेट शिपिंग कंपनी में काम करता है। घर की आर्थिक हालत बहुत मजबूत नहीं थी, लेकिन रोशनी ने कभी हार नहीं मानी। वो अपने पेरेंट्स की आंखों का सपना थीं एक ऐसी बेटी, जिसने खुद की मेहनत से आसमान छू लिया था।
AI 171: वो आखिरी सफर
12 जून को एयर इंडिया की फ्लाइट AI 171 अहमदाबाद से लंदन के लिए उड़ान भर रही थी। इस फ्लाइट में रोशनी बतौर क्रू मेंबर सवार थीं। लेकिन टेकऑफ के कुछ ही मिनट बाद विमान हादसे का शिकार हो गया। प्लेन अहमदाबाद के मेघाणी नगर इलाके में एक मेडिकल कॉलेज की इमारत से टकरा गया और कुछ ही सेकंड में आग का गोला बन गया। हादसे में 265 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई- जिनमें रोशनी भी शामिल थीं।
सोशल मीडिया स्टार, अब सिर्फ यादों में
इंस्टाग्राम पर उनकी मुस्कान, यूनिफॉर्म में आत्मविश्वास से भरी तस्वीरें अब एक याद बन चुकी हैं। उनके फॉलोअर्स और जानने वाले उन्हें 'फ्लाइंग क्वीन' कहते थे। अब वो प्रोफाइल वहीं रुकी है... जहां से उन्होंने अपना आखिरी पोस्ट किया था।
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इस दुर्घटना को हाल के भारतीय इतिहास में सबसे खराब विमानन त्रासदियों में से एक माना जा रहा है, जिसके कारण पूरे देश में शोक की लहर है और इसकी गहन जांच की मांग की जा रही है। विदेश मंत्रालय (MEA) प्रभावित विदेशी नागरिकों के दूतावासों के साथ बातचीत कर रहा है, जिसमें 53 ब्रिटिश नागरिक, 7 पुर्तगाली और 1 कनाडाई शामिल हैं जो विमान में सवार थे।
विमान में था 1.25 लाख लीटर ईंधन
इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने दुर्घटनास्थल का दौरा किया। शाह ने कहा कि 1.25 लाख लीटर विमानन ईंधन के जलने से उत्पन्न अत्यधिक गर्मी के कारण बचाव अभियान में बाधा आई।
सभी शव बरामद, DNA पहचान का काम जारी
शाह ने मीडिया से कहा कि, 'भीषण आग के कारण किसी को बचाने का कोई मौका नहीं था।' अधिकारियों ने मलबे से लगभग सभी शव बरामद कर लिए हैं और डीएनए पहचान का काम चल रहा है।
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