कौन हैं PM के आर्थिक सलाहकार परिषद के चेयरमैन बिबेक देबरॉय, जिनके 'नए संविधान' वाले बयान पर मचा हंगामा
Bibek Debroy Profile: प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (पीएम इकनॉमिक एडवाइजरी काउंसिल, PMEAC) के अध्यक्ष बिबेक देबरॉय इन दिनों 'नए संविधान' की मांग करने वाली अपनी टिप्पणी को लेकर विवादों में घिर गए हैं।
बिबेक देबरॉय ने अखबार में एक लेख लिखा, जिसमें उन्होंने मौजूदा संविधान को खत्म करने का आह्वान करते हुए कहा कि, 'एक नया संविधान अपनाने का आधार दिख रहा है और इसपर विचार किया जाना चाहिए। यह अपने साथ औपनिवेशिक विरासत लेकर आया है।'

बिबेक देबरॉय की ये टिप्पणी भारत के 77वें स्वतंत्रता दिवस के दिन आई। बिबेक देबरॉय के टिप्पणी पर कई विपक्षी दलों ने आलोचना की। कुछ नेताओं ने उनके बयानों के जवाब में उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की भी मांग की है। वहीं पीएम इकनॉमिक एडवाइजरी काउंसिल ने इस बयान से किनारा कर लिया है। उनका कहना है कि ये बिबेक देबरॉय के व्यक्तिगत विचार हैं।
इस विवाद के अब हर कोई बिबेक देबरॉय बारे में जानना चाहता है। आइए जानें कौन हैं बिबेक देबरॉय?
- 68 वर्षीय बिबेक देबरॉय एक प्रसिद्ध भारतीय अर्थशास्त्री हैं। बिबेक देबरॉय प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (पीएम इकनॉमिक एडवाइजरी काउंसिल) के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं। बिबेक देबरॉय वित्त मंत्रालय की 'अमृत काल के लिए बुनियादी ढांचे के वर्गीकरण और वित्तपोषण ढांचे के लिए विशेषज्ञ समिति' के अध्यक्ष भी हैं।
- बिबेक देबरॉय ने 2017 में पीएम इकनॉमिक एडवाइजरी काउंसिल, पीएम-ईएसी के प्रमुख की भूमिका संभालने से पहले नीति आयोग के सदस्य थे, जब पांच सदस्यीय पैनल का गठन हुआ था।
-बिबेक देबरॉय ने प्रेसीडेंसी कॉलेज, कलकत्ता, गोखले इंस्टीट्यूट ऑफ पॉलिटिक्स एंड इकोनॉमिक्स, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन ट्रेड और नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च सहित कई संस्थानों में पढ़ाया है।
-बिबेक देबरॉय का जन्म 1955 को शिलांग में हुआ था। उनके दादा-दादी सिलहट (अब बांग्लादेश में है) से आकर यहां बस गए थे। उनके दादा और उनके पिता ने 1948 के अंत में पलायन किया था। बिबेक देबरॉय के पिता भारतीय लेखा परीक्षा और लेखा सेवा में शामिल हो गए थे।
-बिबेक देबरॉय कई प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों का हिस्सा रहे हैं। पीएम-ईएसी वेबसाइट के मुताबिक बिबेक देबरॉय ने पश्चिम बंगाल के नरेंद्रपुर के रामकृष्ण मिशन स्कूल में पढ़ाई की है। आगे की पढ़ाई उन्होंने प्रेसीडेंसी कॉलेज, कोलकाता, दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स और ट्रिनिटी कॉलेज (कैम्ब्रिज) से की है।
- बिबेक देबरॉय पहले वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग के लिए परामर्शी भूमिका सहित कई सरकारी पैनलों के सदस्य रहे हैं। इसके अलाव वो पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के महासचिव भी रह चुके हैं। वह राजीव गांधी फाउंडेशन में राजीव गांधी इंस्टीट्यूट फॉर कंटेम्परेरी स्टडीज के निदेशक के रूप में कार्य कर चुके हैं।
-बिबेक देबरॉय ने कई किताबें, पेपर और लोकप्रिय लेख लिखे हैं और नियमित रूप से देश के सबसे प्रमुख वित्तीय समाचार पत्रों में लिखते रहते हैं।
-बिबेक देबरॉय ने भारतीय रेलवे के पुनर्गठन पर पैनल का भी नेतृत्व किया, जिसने रेल बजट को खत्म करने की सिफारिश की थी। रिपोर्ट की सिफारिशों पर कार्रवाई करते हुए केंद्र सरकार ने वर्ष 2017-18 से रेल बजट को आम बजट में मिला दिया।












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