कौन हैं पाका वेंकट सत्यनारायण? जो स्मृति ईरानी, अन्नामलाई को पछाड़ कर चुने गए AP राज्यसभा BJP उम्मीदवार
Who is Paka Venkat Satyanarayana: कई हाई प्रोफाइल नेताओं के नामों की अटकलों के लंबे दौर के बाद आखिरकार भाजपा ने आंध्र प्रदेश में आगामी राज्यसभा उपचुनाव के लिए अपना उम्मीदवार चुन लिया है। भाजपा ने आंध्र प्रदेश राज्यसभा सदस्य के उम्मीदवार के तौर पर आरएसएस के एक अनुभवी सदस्य पाका वेंकट सत्यनारायण को चुना है।
बता दें आंध्र प्रदेश राज्यसभा सदस्य के उपचुनाव की रेस में भाजपा भाजपा के पूर्व अध्यक्ष के अन्नामलाई और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का नाम चर्चा में था लेकिन पाका वेंकट सत्यनारायण ने इनको पछाड़ दिया है और आंध्र प्रदेश राज्यसभा उम्मीदवार के तौर पर भाजपा की पहली पसंद बन गए हैं। आइए जानते हैं कौन हैं सत्यनारायण और क्यों भाजपा ने उन्हें आंध्र प्रदेश राज्यसभा सदस्य के लिए अपना उम्मीदवार बनाया है?

बता दें वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के नेता वी विजयसाई रेड्डी के द्वारा ये सीट खाली किए जाने के बाद आंध्र प्रदेश में राज्यसभा उपचुनाव 9 मई को होना है। भाजपा द्वारा सत्यनारायण को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद इस चुनाव के लिए अन्य किसी नेता के नामंकन दाखिल करने की उम्मीद नहीं है ऐसे में सत्यनारायण का उच्च सदन में पहुंचना तय है।
कौन हैं पाका वेंकट सत्यनारायण?
पाका वेंकट सत्यनारायण की पहचान घोर संघी नेता की है। महज 15 साल की उम्र में सत्यनारायण 1976 में आरएसएस से जुड़े। छात्र राजनीति से उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरूआत की। आंध्र प्रदेश के डीएनए कॉलेज में छात्र राजनीति एबीवीपी से शुरू की। जिसके बाद 1980 में आधिकारिक रूप से भाजपा में शामिल हुए।
1996 के लोकसभा चुनावों में हार सहित चुनावी असफलताओं का सामना करने के बावजूद, जहां उन्हें एक प्रतिशत से भी कम वोट मिले और 2006 के एमएलसी चुनावों में हार का सामना करने के बावजूद, सत्यनारायण ने भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के साथ घनिष्ठ संबंध बनाए रखे। पार्टी के प्रति वकाफादी और सक्रियता के चलते अब पार्टी ने उन्हें ये बड़ा मौका दिया है।
क्यों भाजपा ने सत्यनारायण को दिया ये बड़ा मौका?
इंडिययन एक्सप्रेस में सूत्रों के हवाले से आई खबर के अनुसार भाजपा ने सत्यनारायण को इसलिए इस पद के लिए चुना है क्योंकि वो पार्टी के एक वफादार नेता हैं और आरएसएस में शुरूआत से सक्रिय रहे। भाजपा के विकास के लिए जाने जाने वाले सत्यनारायण को एक ऐसे व्यक्ति के रूप में देखा जाता है जो पार्टी की विचारधाराओं और उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से मूर्त रूप दे सकते हैं और उनका संचार कर सकते हैं।
सत्यनारायण ओबीसी गौड़ समुदाय से हैं, राज्यसभा के लिए उनका नामांकन आंध्र प्रदेश और तेलंगाना दोनों में गौड़ समुदाय के बीच अपनी अपील बढ़ाने की भाजपा की रणनीति का हिस्सा है। सत्यनारायण की उम्मीदवारी का रणनीतिक उद्देश्य भाजपा पिछड़े वर्गों तक पहुंचना है, क्योंकि उनकी पृष्ठभूमि ओबीसी गौड़ समुदाय से है। विभिन्न सामाजिक वर्गों के बीच अपने आधार को मजबूत करने के इरादे से भाजपा ने इन्हें ये मौका दिया है। यह कदम पार्टी की चुनावी रणनीति और आंध्र प्रदेश में समर्थन को मजबूत करने का प्रयास भी है।












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