कौन है करोड़ों की मालकिन मोनालिसा दास, बंगाल मंत्री पार्थ चटर्जी की हैं दूसरी सहयोगी, अब ED के रडार पर
कौन है करोड़ों की मालकिन मोनालिसा दास, बंगाल मंत्री पार्थ चटर्जी की हैं दूसरी सहयोगी, अब ED के रडार पर
कोलकाता, 24 जुलाई: पश्चिम बंगाल में मंत्री पार्थ चटर्जी को ईडी ने शिक्षक भर्ती घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार कर लिया है। पार्थ चटर्जी के साथ-साथ उनकी करीबी सहयोगी अभिनेत्री और मॉडल अर्पिता मुखर्जी को भी गिरफ्तार किया गया था। अर्पिता मुखर्जी वही हैं, जिनके घर से ईडी को 20 करोड़ कैश मिले थे, जिसमें 2 हजार और 500 के नोट शामिल थे। अर्पिता मुखर्जी के बाद एक विश्वविद्यालय की प्रोफेसर मोनालिसा दास शिक्षक भर्ती घोटाले के सिलसिले में ईडी के निशाने पर आ गई हैं। जी हां, दावा किया जा रहा है कि कॉलेज की प्रोफेसर मोनालिसा दास मंत्री पार्थ चटर्जी की सहयोगी हैं। मंत्री पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया गया है, मंत्री को दो दिन की हिरासत में भेज दिया गया है, वहीं अर्पिता मुखर्जी को आज अदालत में पेश किया जाएग। इन सब विवादों के बीच आइए जानें कौन हैं मोनालिसा दास?
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कौन हैं पार्थ चटर्जी की दूसरी सहयोगी मोनालिसा दास?
भाजपा ने दावा किया कि मोनालिसा दास एक विश्वविद्यालय की प्रोफेसर हैं। भाजपा के दावों के मुताबिक शिक्षक भर्ती घोटाले मामले में प्रोफेसर मोनालिसा दास का नाम सामने आया है। वह कथित तौर पर शांतिनिकेतन, बीरभूम में 30 फ्लैटों की मालकिन हैं, जिसकी कीमत करोड़ों में है। हालांकि, रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि मोनालिसा दास ने इन सभी आरोपों से इनकार किया है।

बार-बार बांग्लादेश जाने का मोनालिसा का रहा है इतिहास
बीजेपी नेता दिलीप घोष ने कहा कि मोनालिसा का बार-बार बांग्लादेश का दौरा करने का इतिहास रहा है। दिलीप घोष ने ट्वीट किया, "बंगाल एसएससी घोटाले की जड़ें गहरी हैं। अगर भ्रष्टाचार का पैसा जिहादियों को भुगतान करने के लिए खर्च किया जाता है या हवाला के जरिए बांग्लादेश जाता है तो मुझे आश्चर्य नहीं होगा।"

अर्पिता मुखर्जी से की गई थी मोनालिसा दास के बारे में पूछताछ
ईडी के एक अधिकारी ने कहा कि पिछली जांच के दौरान मोनालिसा दास का नाम सामने आया था और अर्पिता मुखर्जी से भी उनके बारे में पूछताछ की गई थी। ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अर्पिता मुखर्जी ने इस केस के बारे में कुछ डिटेल शेयर किए हैं, जिससे पता चला है कि नौकरी के इच्छुक लोगों से दलालों द्वारा पैसा लिया गया था, वो सारा जमा पैसा वहां से अधिकारिकों और राजनेताओं के पास गया। सभी लोगों का इसमें एक हिस्सा बना हुआ था।

अर्पिता मुखर्जी बोलीं- मैं निर्दोष हूं...
अर्पिता मुखर्जी ने गिरफ्तारी के बाद कहा है कि वह निर्दोष है और एजेंसी द्वारा उन्हें परेशान किया जा रहा है। अर्पिता मुखर्जी की मां मिनाती मुखर्जी ने कहा कि उनकी बेटी मॉडलिंग में थी और कुछ साल पहले पार्थ चटर्जी के संपर्क में आई। अर्पिता मंत्री को तब से जानती है जब पार्थ चटर्जी द्वारा संरक्षित एक प्रसिद्ध दुर्गा पूजा समिति का वो चेहरा बनीं।

अर्पिता मुखर्जी के घर से 20 करोड़ कैश और 20 मोबाइल बरामद हुए
अर्पिता मुखर्जी के परिसर से 20 करोड़ रुपये के अलावा 20 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। मंत्री पार्थ चटर्जी को गिरफ्तारी के बाद 2 दिन की ईडी हिरासत में भेजा गया था। शनिवार शाम 69 वर्षीय मंत्री को बीमार पड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तृणमूल ने शनिवार को कहा कि पार्थ चटर्जी के घोटाले में दोषी साबित होने पर सरकार उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी। उन्होंने यह भी साफ किया कि फिलहाल उन्हें कैबिनेट से नहीं हटाया जाएगा।।

मामले पर क्या बोले टीएमसी नेता
बीजेपी ने अर्पिता मुखर्जी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बातचीत का वीडियो वायरल किया था, जिसपर प्रतिक्रिया देते हुए तृणमूल प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि आरोप 'निराधार और राजनीति से प्रेरित' हैं। सिर्फ मंच साझा करने का ये मतलब नहीं है कि सीएम ममता बनर्जी उनको जानती थीं। बीजेपी के कई नेता भगोड़े मेहुल चौकसी और नीरव मोदी के साथ मंच साझा करते देखे गए हैं। क्या इसका मतलब यह है कि भाजपा नेताओं की भी गलती है? उन्हें इस तरह के बेबुनियाद आरोप लगाना बंद करना चाहिए।''












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