Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

कौन हैं मेनका गुरुस्वामी? बनेंगी पहली LGBTQ+ सांसद! पिता करते थे BJP के लिए काम, करियर, परिवार और पूरी कहानी

Menaka Guruswamy LGBTQ+ MP: पश्चिम बंगाल की राजनीति से एक ऐसा नाम उभरकर सामने आया है, जो सिर्फ राज्यसभा की सीट तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की सामाजिक और संवैधानिक बहसों के केंद्र में भी रहा है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने राज्यसभा चुनाव के लिए वरिष्ठ वकील मेनका गुरुस्वामी को उम्मीदवार बनाया है। अगर वे जीतती हैं, तो भारतीय संसद को अपनी पहली ओपनली लेस्बियन सांसद मिल सकती है। यह सिर्फ एक राजनीतिक नामांकन नहीं, बल्कि एक प्रतीकात्मक बदलाव भी माना जा रहा है।

▶️ कौन हैं मेनका गुरुस्वामी? (Who is Menaka Guruswamy)

मेनका गुरुस्वामी सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता हैं और देश की प्रमुख संवैधानिक वकीलों में गिनी जाती हैं। उन्होंने 1997 में वकालत की शुरुआत की और उस समय के अटॉर्नी जनरल अशोक देसाई के साथ काम किया। वे ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से डॉक्टरेट करने वाली रोड्स स्कॉलर हैं और हार्वर्ड लॉ स्कूल से एलएलएम की डिग्री हासिल कर चुकी हैं। उन्होंने येल, कोलंबिया और एनवाईयू जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में विजिटिंग फैकल्टी के तौर पर भी पढ़ाया है।

Menaka Guruswamy LGBTQ MP

▶️ सेक्शन 377 की ऐतिहासिक लड़ाई (Menaka Guruswamy Section 377 Case)

मेनका का नाम सबसे ज्यादा 2018 के उस ऐतिहासिक फैसले से जुड़ा है, जब सुप्रीम कोर्ट ने आईपीसी की धारा 377 को पढ़कर सीमित कर दिया और समलैंगिक संबंधों को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया। इस मामले में उन्होंने अपनी पार्टनर और जानी-मानी वकील अरुंधति काटजू के साथ मिलकर पैरवी की।

2019 में दोनों ने सार्वजनिक रूप से अपने रिश्ते को स्वीकार किया। यह फैसला भारत में LGBTQ+ अधिकारों के इतिहास में मील का पत्थर माना जाता है। टाइम मैगजीन ने 2019 में मेनका और अरुंधति को दुनिया के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची में शामिल किया था।

Menaka Guruswamy LGBTQ MP

▶️ मेनका गुरुस्वामी बड़े केस और कानूनी पहचान (Menaka Guruswamy Legal Career)

मेनका गुरुस्वामी ने कई हाई-प्रोफाइल मामलों में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने छत्तीसगढ़ में सलवा जुडूम के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ी। मणिपुर में कथित फर्जी मुठभेड़ों के मामले में सुप्रीम कोर्ट में एमिकस क्यूरी रहीं।

अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर केस में पूर्व एयर फोर्स चीफ एसपी त्यागी की ओर से भी पेश हुईं। हाल के दिनों में वे तृणमूल कांग्रेस की ओर से आईपीएसी-ईडी छापे से जुड़े मामले में भी कोर्ट में दिखीं, जहां सुनवाई के दौरान भाषा की मर्यादा को लेकर उनकी टिप्पणी चर्चा में रही।

▶️ मेनका गुरुस्वामी परिवार और राजनीतिक पृष्ठभूमि (Menaka Guruswamy Family Background)

मेनका के पिता मोहन गुरुस्वामी भाजपा के पूर्व रणनीतिकार(स्ट्रैटेजिस्ट) रहे हैं और अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के दौरान वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा के विशेष सलाहकार थे। उनकी मां का नाम मीरा गुरुस्वामी है। दिलचस्प बात यह है कि पारिवारिक पृष्ठभूमि अलग राजनीतिक धारा से जुड़ी होने के बावजूद मेनका ने अपनी स्वतंत्र और प्रगतिशील पहचान बनाई। यशवंत सिन्हा बाद में तृणमूल कांग्रेस से भी जुड़े।

Menaka Guruswamy LGBTQ MP

▶️ तृणमूल ने क्यों चुना? (Why TMC Picked Menaka Guruswamy)

राज्यसभा की 2026 में खाली हो रही पांच सीटों में से चार पर तृणमूल की जीत लगभग तय मानी जा रही है। ऐसे में मेनका की उम्मीदवारी को दो नजरियों से देखा जा रहा है। पहला, पार्टी के लिए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मामलों में कानूनी मोर्चा संभाला है। दूसरा, यह नामांकन विविधता और समावेशन का राजनीतिक संदेश भी देता है। ऐसे समय में जब वैश्विक स्तर पर जेंडर पहचान को लेकर बहस तेज है, तृणमूल ने खुलकर LGBTQ+ समुदाय से आने वाली उम्मीदवार पर भरोसा जताया है।

अगर मेनका गुरुस्वामी राज्यसभा पहुंचती हैं, तो वे सिर्फ एक सांसद नहीं होंगी, बल्कि उस बदलाव की प्रतीक बनेंगी, जिसकी शुरुआत उन्होंने अदालत में खड़े होकर की थी। संसद में उनकी मौजूदगी LGBTQ+ समुदाय को सीधी आवाज दे सकती है और आने वाले समय में और भी प्रतिनिधित्व का रास्ता खोल सकती है। भारतीय लोकतंत्र के लिए यह एक अहम पड़ाव साबित हो सकता है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+