Who is KC Venugopal: कौन हैं केसी वेणुगोपाल, जो बन सकते हैं केरल के अगले CM? कितनी मजबूत है उनकी दावेदारी
KC Venugopal Next Kerala CM 2026: केरल विधानसभा चुनाव 2026 में कांग्रेस नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) की बड़ी जीत के बाद अब राज्य की राजनीति में सबसे बड़ा सवाल यही बन गया है कि आखिर मुख्यमंत्री कौन होगा। 140 सदस्यीय विधानसभा में UDF ने 102 सीटों पर जीत दर्ज कर शानदार वापसी की है, जबकि कांग्रेस अकेले 63 सीटें जीतने में सफल रही।
इसी जीत के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल का नाम मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे माना जा रहा है। पार्टी के भीतर उन्हें मजबूत दावेदार बताया जा रहा है और रिपोर्ट्स के मुताबिक कांग्रेस के अधिकांश विधायक उनके समर्थन में हैं।

हालांकि मुख्यमंत्री की कुर्सी की यह दौड़ आसान नहीं दिख रही। वी.डी. सतीशन और रमेश चेन्निथला जैसे दिग्गज नेता भी इस रेस में शामिल हैं, जिससे कांग्रेस के भीतर सत्ता संतुलन और गुटबाजी की तस्वीर साफ दिखाई दे रही है।
Who Is KC Venugopal Next Kerala CM 2026: कौन हैं केसी वेणुगोपाल?
63 वर्षीय केसी वेणुगोपाल कांग्रेस हाईकमान के सबसे भरोसेमंद और बेहद प्रभावशाली चेहरा माने जाते हैं। वह 2019 से अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) में महासचिव (संगठन) की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। यह पद कांग्रेस संगठन में बेहद अहम माना जाता है क्योंकि उम्मीदवार चयन, संगठनात्मक अनुशासन, सदस्यता अभियान और सहयोगी दलों के साथ तालमेल जैसे बड़े फैसले इसी पद के जरिए नियंत्रित होते हैं। राजनीतिक गलियारों में वेणुगोपाल को राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का सबसे भरोसेमंद सहयोगी माना जाता है। लोकसभा में भी वह राहुल गांधी के बिल्कुल बगल में बैठते हैं, जो पार्टी में उनकी अहमियत को दर्शाता है।
Next Kerala CM 2026: तीन बार विधायक, केंद्रीय मंत्री और अब केरल CM पद के प्रबल दावेदार
तीन बार विधायक और राज्य सरकार में मंत्री रह चुके केसी वेणुगोपाल का राजनीतिक सफर केरल से ही शुरू हुआ था। वह 1996 से 2009 तक अलप्पुझा सीट से लगातार तीन बार विधायक चुने गए। पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी की सरकार में उन्होंने पर्यटन मंत्री के रूप में भी काम किया। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति की ओर कदम बढ़ाया और 2009 तथा 2014 में अलप्पुझा लोकसभा सीट से सांसद बने।
UPA-2 सरकार में मनमोहन सिंह के नेतृत्व में वे केंद्रीय राज्य मंत्री भी रहे। उस दौरान उन्होंने ऊर्जा और नागरिक उड्डयन जैसे मंत्रालयों में जिम्मेदारी संभाली। 2026 के विधानसभा चुनाव अभियान के दौरान भी उन्होंने संगठनात्मक स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रिपोर्ट्स के मुताबिक वेणुगोपाल ने वाम मोर्चा (LDF) के नाराज नेताओं को UDF में लाने में अहम योगदान दिया।
KC Venugopal के पास कितने कांग्रेस विधायकों का समर्थन?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कांग्रेस के 63 विधायकों में से करीब 50 विधायक केसी वेणुगोपाल को मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं। कांग्रेस हाईकमान ने पर्यवेक्षक के रूप में मुकुल वासनिक और अजय माकन को केरल भेजा था। दोनों नेताओं ने सभी विधायकों से व्यक्तिगत बातचीत कर अपनी रिपोर्ट मल्लिकार्जुन खड़गे को सौंपी। इसी बीच एक तस्वीर सामने आई जिसमें कथित तौर पर विधायकों की पसंद की सूची दिखाई दी। उस सूची में कई नेताओं ने वेणुगोपाल के नाम का समर्थन किया था। हालांकि मुकुल वासनिक ने उस दस्तावेज को सही मानने से इनकार कर दिया।
वी.डी. सतीशन भी सीएम रेस में मजबूत दावेदार
मुख्यमंत्री पद की दौड़ में वी.डी. सतीशन को भी बेहद मजबूत उम्मीदवार माना जा रहा है। सतीशन छह बार विधायक रह चुके हैं और पिछले पांच वर्षों से विधानसभा में विपक्ष के नेता की भूमिका निभा रहे थे। चुनाव से पहले उन्होंने कहा था कि अगर UDF सत्ता में वापसी नहीं करता तो वह राजनीति छोड़ देंगे। लेकिन चुनाव परिणाम उनके पक्ष में गया और उन्होंने अपनी सीट 20 हजार से ज्यादा वोटों से जीत ली।
उनके समर्थन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कई जिलों में प्रदर्शन भी किए। सोशल मीडिया और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच सतीशन के समर्थन का माहौल साफ दिखाई दिया। सबसे अहम बात यह है कि इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML), जिसके पास 22 विधायक हैं, वह भी सतीशन के समर्थन में मानी जा रही है।
रमेश चेन्निथला भी रेस में शामिल
मुख्यमंत्री पद के तीसरे बड़े दावेदार रमेश चेन्निथला हैं। 69 वर्षीय चेन्निथला का राजनीतिक अनुभव काफी लंबा है।
वह छह बार विधायक रह चुके हैं और 1986 में सिर्फ 28 साल की उम्र में केरल के सबसे युवा मंत्री बने थे। उन्होंने कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI के अध्यक्ष से लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष तक कई अहम पद संभाले हैं। 2019 लोकसभा चुनाव में UDF की बड़ी जीत का श्रेय भी काफी हद तक उन्हें दिया जाता है। हालांकि 2021 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार उनके खिलाफ जाती दिखाई देती है।
हाईकमान के सामने क्या है सबसे बड़ी चुनौती?
संगठन बनाम जनाधार की बहस के बीच कांग्रेस हाईकमान के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह संगठन में मजबूत पकड़ रखने वाले नेता को चुने या फिर राज्य स्तर पर लोकप्रिय चेहरा आगे करे। राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और केरल प्रभारी दीपादास मुंशी ने दिल्ली में तीन घंटे तक लंबी बैठक की, जिसमें सभी प्रमुख नेताओं ने अपनी बात रखी। अंतिम फैसला हाईकमान को ही लेना है और पार्टी नेताओं ने संकेत दिए हैं कि जो भी निर्णय होगा, सभी उसे स्वीकार करेंगे।
केसी वेणुगोपाल के सामने क्या हैं चुनौतियां?
केसी वेणुगोपाल ने 2026 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा था। अगर उन्हें मुख्यमंत्री बनाया जाता है तो छह महीने के भीतर उन्हें विधानसभा का सदस्य बनना होगा। इसके लिए उपचुनाव कराना पड़ेगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह केवल तकनीकी चुनौती नहीं है, बल्कि राजनीतिक जोखिम भी हो सकता है। अगरउपचुनाव में कोई मुश्किल आती है तो सरकार और पार्टी दोनों के लिए असहज स्थिति बन सकती है।
अब सबकी नजर कांग्रेस हाईकमान पर
केरल में UDF की बड़ी जीत के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर सस्पेंस लगातार बढ़ता जा रहा है। केसी वेणुगोपाल संगठन में मजबूत पकड़ और हाईकमान के भरोसे की वजह से सबसे आगे दिखाई दे रहे हैं, लेकिन वी.डी. सतीशन की लोकप्रियता और सहयोगी दलों का समर्थन मुकाबले को बेहद दिलचस्प बना रहा है। अब यह देखना अहम होगा कि कांग्रेस नेतृत्व संगठनात्मक अनुभव को प्राथमिकता देता है या राज्य में जनाधार रखने वाले चेहरे पर भरोसा जताता है। आने वाले दिनों में केरल की राजनीति में बड़ा फैसला सामने आ सकता है।














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