दिल्ली में गिरफ्तार बब्बर खालसा का आतंकी Karanveer Singh कौन है? इन कुख्यात आतंकियों से जुड़ें हैं तार!
Babbar Khalsa Terrorist Arrested: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) के खूंखार आतंकी करणवीर सिंह को 26 जुलाई 2025 को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया।
41 वर्षीय करणवीर सिंह पर पंजाब के बटाला जिले में 7 अप्रैल 2025 को किला लाल सिंह पुलिस स्टेशन पर हुए रॉकेट-प्रोपेल्ड ग्रेनेड (RPG) हमले का मुख्य आरोपी होने का आरोप है। इस गिरफ्तारी ने खालिस्तानी आतंकवाद के खिलाफ भारत की चल रही लड़ाई को और मजबूत किया है।

Who is Karanveer Singh: कौन है करणवीर सिंह?
पंजाब के कपूरथला का रहने वाला करणवीर सिंह बब्बर खालसा इंटरनेशनल का सक्रिय सदस्य है। वह कुख्यात आतंकियों वाधवा सिंह और हरविंदर सिंह रिंडा का करीबी सहयोगी माना जाता है। 2023 में इंटरपोल ने उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था, जिसमें हत्या, आतंकी साजिश, हथियारों की तस्करी, टेरर फंडिंग और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के उल्लंघन जैसे गंभीर आरोप शामिल थे। पहले माना जा रहा था कि करणवीर पाकिस्तान भाग गया था, जहां वह ISI के समर्थन से भारत के खिलाफ साजिश रच रहा था। लेकिन दिल्ली पुलिस की सतर्कता ने उसे राजधानी में धर दबोचा।
क्या था किला लाल सिंह हमला?
7 अप्रैल 2025 को पंजाब के गुरदासपुर जिले के बटाला में किला लाल सिंह पुलिस स्टेशन पर रात करीब 3 बजे एक जोरदार धमाका हुआ। आतंकियों ने रॉकेट-प्रोपेल्ड ग्रेनेड (RPG) से हमला किया, जिसका मकसद उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में दिसंबर 2024 में हुए एक एनकाउंटर का बदला लेना था।
इस हमले की जिम्मेदारी BKI के आतंकी हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी पासिया, मनु अगवान, और गोपी नवांशहरिया ने सोशल मीडिया पर ली थी। पासिया ने दिल्ली में भी इसी तरह के हमले की धमकी दी थी।
हमले में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन पुलिस स्टेशन को निशाना बनाकर इलाके में दहशत फैलाने की कोशिश की गई। पंजाब पुलिस ने इस मामले में 26 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की थी, जिसमें से अब तक 9 की गिरफ्तारी हो चुकी है।
कैसे हुआ करणवीर का शिकार?
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल, डीसीपी अमित कौशिक के नेतृत्व में, लंबे समय से BKI के आतंकियों पर नजर रख रही थी। खुफिया जानकारी और टेक्निकल सर्विलांस के आधार पर पुलिस को करणवीर के दिल्ली में छिपे होने का पता चला। 26 जुलाई को एक गुप्त ऑपरेशन में उसे गिरफ्तार कर लिया गया। डीसीपी कौशिक ने बताया, 'करणवीर किला लाल सिंह हमले का मास्टरमाइंड था और विदेशी हैंडलर्स के संपर्क में था। उसकी गिरफ्तारी से आतंकी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।'
पुलिस ने करणवीर के पास से संदिग्ध दस्तावेज और एक मोबाइल फोन बरामद किया है, जिसके जरिए वह सोशल मीडिया ऐप्स पर विदेशी हैंडलर्स से निर्देश लेता था। जांच में यह भी पता चला है कि वह दिल्ली में हथियारों की तस्करी की साजिश रच रहा था।
आकाशदीप सिंह की गिरफ्तारी से मिली थी शुरुआत
इससे पहले, 22 जुलाई 2025 को दिल्ली पुलिस ने इसी मामले में BKI के एक अन्य आतंकी आकाशदीप सिंह उर्फ बाज को मध्य प्रदेश के इंदौर से गिरफ्तार किया था। 22 साल का आकाशदीप, अमृतसर के चननके गांव का रहने वाला, हमले में लॉजिस्टिक्स और हथियारों की व्यवस्था करने में शामिल था। वह इंदौर में क्रेन ऑपरेटर बनकर छिपा हुआ था। आकाशदीप की पूछताछ से करणवीर सिंह तक पहुंचने में पुलिस को अहम सुराग मिले।
BKI का आतंकी नेटवर्क: खतरा अभी बाकी है
बब्बर खालसा इंटरनेशनल, जिसकी स्थापना 1978 में तलविंदर सिंह परमार और सुखदेव सिंह बब्बर ने की थी, खालिस्तान की मांग को लेकर भारत में आतंकी गतिविधियों के लिए कुख्यात है। 1985 में एयर इंडिया फ्लाइट 182 में बम विस्फोट, जिसमें 329 लोग मारे गए थे, इस संगठन की सबसे खतरनाक साजिश थी। भारत, अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन और जर्मनी जैसे देशों ने इसे आतंकी संगठन घोषित किया है।
हाल के वर्षों में BKI ने पंजाब और हरियाणा में पुलिस चौकियों पर ग्रेनेड हमलों की साजिश रची है। 2025 में ही पटियाला और अजीमगढ़ में पुलिस चौकियों पर हुए हमलों में BKI का हाथ सामने आया था। संगठन को पाकिस्तान की ISI और विदेशी हैंडलर्स जैसे हरविंदर रिंडा (पाकिस्तान), हैप्पी पासिया (अमेरिका), और मनु अगवान (ग्रीस) से समर्थन मिल रहा है।
NIA ने संभाली जांच
किला लाल सिंह हमले की गंभीरता को देखते हुए मामले को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दिया गया है। NIA अब BKI के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क, टेरर फंडिंग और हथियारों की तस्करी की जांच कर रही है। करणवीर और आकाशदीप से पूछताछ में आतंकी मॉड्यूल के अन्य सदस्यों और स्लीपर सेल्स का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
आगे क्या?
करणवीर सिंह की गिरफ्तारी BKI के लिए एक बड़ा झटका है, लेकिन संगठन का नेटवर्क अभी भी सक्रिय है। हाल ही में पंजाब पुलिस ने जालंधर और पटियाला में BKI के कई आतंकियों को गिरफ्तार किया था, जिनके पास से ग्रेनेड और हथियार बरामद हुए थे। सुरक्षा एजेंसियां अब विदेशी हैंडलर्स और ISI के साथ BKI के लिंक को पूरी तरह तोड़ने की कोशिश में हैं।
क्या करणवीर की पूछताछ से BKI का पूरा नेटवर्क उजागर होगा? क्या भारत खालिस्तानी आतंकवाद को पूरी तरह कुचल पाएगा? ये सवाल अभी अनुत्तरित हैं, लेकिन दिल्ली पुलिस की यह कार्रवाई आतंक के खिलाफ एक मजबूत संदेश है।
आप इस गिरफ्तारी को आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में कितना बड़ा कदम मानते हैं? कमेंट्स में अपनी राय दें!












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