कौन हैं वाईएस शर्मिला? जिन्होंने कांग्रेस ज्वाइन कर अमीन पीर दरगाह पर टेका मत्था, क्या बढ़ेगी जगन की मुश्किलें
आंध्र प्रदेश में 13 मई को चौथे चरण में विधानसभा और लोकसभा चुनाव एक साथ होंगे। राज्य की कडप्पा सीट पर दिलचस्प लड़ाई देखने को मिल सकती है। क्योंकि इस बार कांग्रेस ने वाईएस शर्मिला को चुनावी रण में उतारा है। वहीं, मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने लगातार तीसरी बार कडप्पा के लिए वाईएसआरसीपी उम्मीदवार के रूप में चचेरे भाई अविनाश रेड्डी के नाम की घोषणा की है।
खास बात यह है कि शर्मिला, पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी (वाईएसआर) की बेटी और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) प्रमुख वाईएस जगन मोहन रेड्डी की बहन हैं। अब साफ है कि कडप्पा लोकसभा सीट के लिए उनके परिवार के भीतर एक दिलचस्प लड़ाई होगी। शर्मिला अपने चचेरे भाई वाईएस अविनाश रेड्डी से मुकाबला करेंगी। चुनाव से पहले आंध्र प्रदेश कांग्रेस प्रमुख और कडप्पा लोकसभा सीट से पार्टी की उम्मीदवार वाईएस शर्मिला ने शनिवार को कडप्पा में अमीन पीर दरगाह पर प्रार्थना की। शर्मिला ने दरगाह पर मत्था टेक कर चुनाव में जीत की अरदास लगाई।

अविनाश रेड्डी पर चाचा की हत्या का आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी के छोटे भाई विवेकानंद रेड्डी की मार्च 2019 में पुलिवेंदुला स्थित उनके आवास पर हत्या कर दी गई थी। जिसका आरोप वाईएस अविनाश रेड्डी और उनके पिता भास्कर रेड्डी पर लगा था और केंद्रीय जांच ब्यूरो ने उन्हें आरोपी के रूप में नामित किया है।
कडप्पा सीट पर वाईएसआर परिवार का कब्जा
कडप्पा लोकसभा सीट पर 1989 से वाईएसआर परिवार के सदस्यों का कब्जा है। जहां वाईएसआर ने तीन बार (1989, 1991 और 1998) सीट जीती, वहीं विवेकानंद दो बार (1999 और 2004) विजयी रहे। जगन 2009 में इस सीट से सांसद चुने गए और 2012 में वाईएसआरसीपी उम्मीदवार के रूप में इस सीट पर हुए उपचुनाव में जीत हासिल की। 2014 से इस पर अविनाश का कब्जा है।
कडप्पा से शर्मिला ही क्यों?
कडप्पा से शर्मिला को मैदान में उतारने का कांग्रेस का फैसला महत्वपूर्ण है, क्योंकि उन्होंने आरोप लगाया है कि इस सीट से अविनाश के बजाय उन्हें या उनकी मां वाईएस विजयलक्ष्मी को मैदान में उतारने की विवेकानंद की जिद के कारण उनकी हत्या हुई। उस समय एक साथ विधानसभा और लोकसभा चुनावों से ठीक पहले, 15 मार्च, 2019 को विवेकानंद पुलिवेंदुला में अपने घर में खून से लथपथ पाए गए थे। मामले की जांच कर रही सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में अविनाश और उनके पिता वाईएस भास्कर रेड्डी पर हत्या की साजिश रचने, सबूत मिटाने और आरोपियों को पनाह देने का आरोप लगाया था।












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