Justice Yashwant Verma कैश कांड में ट्विस्ट, जांच कमेटी बदली, कौन हैं 2 जज और 1 दिग्गज वकील, जो खोलेंगे राज?
Justice Yashwant Verma Cash Case: इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा से जुड़े चर्चित कैश कांड ने एक बार फिर सुर्खियां पकड़ ली हैं। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने 6 मार्च 2026 से प्रभावी एक तीन सदस्यीय जांच कमेटी का पुनर्गठन किया है। यह कमेटी उन आरोपों और परिस्थितियों की जांच करेगी, जिनके आधार पर जस्टिस वर्मा को पद से हटाने की मांग उठी है। पिछले साल मार्च में उनके दिल्ली स्थित सरकारी आवास से जली हुई नकदी मिलने के बाद यह मामला राष्ट्रीय बहस का विषय बन गया था।
जांच कमेटी में कौन-कौन? (Inquiry Committee Members)
लोकसभा स्पीकर द्वारा गठित नई कमेटी में तीन नाम शामिल हैं। पहला नाम है सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अरविंद कुमार (Justice Aravind Kumar) दूसरा नाम है बॉम्बे हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस श्री चंद्रशेखर (Justice Shree Chandrashekhar) तीसरे सदस्य हैं कर्नाटक हाई कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता बी.वी. आचार्य (BV Acharya) यह तीनों मिलकर तथ्यों की पड़ताल करेंगे और अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे। आइए जानें तीनों मेंबर के बारे में।

कौन हैं जस्टिस अरविंद कुमार? (Who is Justice Aravind Kumar Profile)
जस्टिस अरविंद कुमार 13 फरवरी 2023 को सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त हुए। 14 जुलाई 1962 को कर्नाटक में जन्मे जस्टिस कुमार सिविल, क्रिमिनल और संवैधानिक मामलों के विशेषज्ञ माने जाते हैं। उन्होंने 1987 में वकालत शुरू की और बाद में असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल भी रहे। 2009 में कर्नाटक हाई कोर्ट के जज बने और 2021 में गुजरात हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस नियुक्त हुए। 2024 में गुरविंदर सिंह बनाम स्टेट ऑफ पंजाब मामले में यूएपीए के तहत जमानत को लेकर दिया गया उनका फैसला काफी चर्चा में रहा। उनकी सेवानिवृत्ति जुलाई 2027 में प्रस्तावित है।
कौन हैं जस्टिस श्री चंद्रशेखर? (who is Justice Shree Chandrashekhar Profile)
25 मई 1965 को जन्मे जस्टिस श्री चंद्रशेखर ने 5 सितंबर 2025 को बॉम्बे हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के रूप में शपथ ली। इससे पहले वे झारखंड हाई कोर्ट में जज और कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रह चुके हैं।
उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के कैंपस लॉ सेंटर से कानून की पढ़ाई की और लगभग 19 वर्षों तक वकालत की। सुप्रीम कोर्ट में करीब 3500 मामलों में पेश होने का अनुभव और लगभग 140 रिपोर्टेड फैसलों में बतौर वकील नाम दर्ज होना उनकी पेशेवर पहचान को मजबूत करता है। वे एआईसीटीई और कई सरकारी संस्थाओं के स्थायी अधिवक्ता भी रह चुके हैं।
कौन हैं बीवी आचार्य? (who is BV Acharya Profile)
बीवी आचार्य, पूरा नाम बेल्पु वासुदेव आचार्य, कर्नाटक हाई कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता हैं और करीब 65 वर्षों से अधिक समय से बार में सक्रिय हैं। 1957 में उन्होंने वकालत शुरू की।
वे कर्नाटक के एडवोकेट जनरल पांच बार रह चुके हैं। 2005 में तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री J. Jayalalithaa के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में विशेष लोक अभियोजक भी रहे और सुप्रीम कोर्ट में बहस की। 19वें विधि आयोग के सदस्य भी रह चुके आचार्य को कई राष्ट्रीय सम्मान मिल चुके हैं। 88 वर्ष की उम्र में भी वे सक्रिय प्रैक्टिस कर रहे हैं।
Justice Yashwant Verma Cash Case: क्या है पूरा मामला?
यह विवाद मार्च 2025 की उस घटना से जुड़ा है, जब होली के आसपास जस्टिस यशवंत वर्मा के सरकारी आवास में आग लग गई थी। आग बुझाने पहुंचे दमकल कर्मियों को वहां से जले और आंशिक रूप से जले नोटों के बंडल मिले। रकम लाखों या करोड़ों में बताई गई, लेकिन आधिकारिक रिकॉर्ड में उसका कोई स्पष्ट विवरण नहीं था।
उस समय जस्टिस वर्मा दिल्ली हाई कोर्ट में तैनात थे और घटना के दौरान भोपाल में मौजूद थे। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा कि यह नकदी उनकी नहीं है। बाद में उन्हें न्यायिक कार्य से अलग कर दिया गया और फिर उनका ट्रांसफर इलाहाबाद हाई कोर्ट कर दिया गया। इस पूरे प्रकरण ने न्यायपालिका की पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े किए।
आगे क्या?
यह तीन सदस्यीय कमेटी अब दस्तावेज, गवाह और उपलब्ध साक्ष्यों की समीक्षा करेगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की संवैधानिक प्रक्रिया तय होगी। कैश कांड ने न्यायपालिका की विश्वसनीयता पर बहस छेड़ दी है और अब सबकी नजर इस जांच रिपोर्ट पर टिकी है। क्या यह कमेटी पूरे सच तक पहुंचेगी? आने वाले समय में यही सबसे बड़ा सवाल रहेगा।












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