आतंकियों को धूल चटाने वाले कौन हैं नलिन प्रभात?, जम्मू-कश्मीर पुलिस की 1 अक्तूबर से संभालेंगे कमान
Nalin Prabhat: आईपीएस नलिन प्रभात को जम्मू-कश्मीर पुलिस का नया डीजीपी नियुक्त किया है। नलिन प्रभात 01 अक्तूबर से विशेष महानिदेशक के रूप में जम्मू-कश्मीर पुलिस की जिम्मेदारी संभालेंगे। दरअसल, केंद्र सरकार ने एनएसजी के महानिदेशक नलिन प्रभात का कार्यकाल समय से पहले समाप्त कर दिया है।
उन्हें आंध्र प्रदेश कैडर से एजीएमयूटी कैडर में प्रतिनियुक्ति का आदेश दिया है। यह निर्णय कैबिनेट की नियुक्ति (एसीसी) द्वारा लिया गया, जिसने गृह मंत्रालय के प्रस्ताव को मंजूरी दी। 1992 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी अब तीन साल या अगले आदेश तक अपनी नई भूमिका में काम करेंगे।

कौन हैं IPS नलिन प्रभात?
IPS नलिन प्रभात हिमाचल प्रदेश मनाली के रहने वाले है। नलिन प्रभात पास आतंकवाद विरोधी अभियानों का अनुभव है। इससे पहले वे राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) के महानिदेशक और जम्मू-कश्मीर में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में अतिरिक्त महानिदेशक के रूप में कार्य कर चुके हैं। वहीं, अब उन्हें जम्मू-कश्मीर पुलिस का नया डीजीपी नियुक्त किए जाने पर हिमाचल के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने उन्हें बधाई दी।
आरआर स्वैन की जगह लेंगे प्रभात
खबर के मुताबिक, वर्तमान में आरआर स्वैन डीजीपी पद पर हैं, लेकिन प्रभात जल्द ही उनकी जगह लेंगे। यह घोषणा स्वतंत्रता दिवस से ठीक एक दिन पहले हुई है, जो इस क्षेत्र के लिए काफी अहम है।
आतंकवाद से निपटना होगी एक बड़ी चुनौती
आईपीएस नलिन प्रभात को जम्मू-कश्मीर का डीजीपी नियुक्त कर दिया गया है। वो 1 अक्टूबर से जम्मू-कश्मीर के डीजीपी के रूप में पदभार संभाल लेंगे। अब उनके सामने आतंकवाद से निपटना एक बड़ी चुनौती होगी। हाल ही में डोडा जिले में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में एक सेना अधिकारी शहीद हो गया।
इस मुठभेड़ में सेना का एक कैप्टन शहीद हो गया और एक आतंकवादी मारा गया। इस मुठभेड़ में एक नागरिक भी घायल हो गया। यह घटना स्वतंत्रता दिवस से ठीक एक दिन पहले हुई और उधमपुर-डोडा-किश्तवाड़ क्षेत्र में हाल के दिनों में इस तरह की चौथी मुठभेड़ है। जम्मू क्षेत्र में हाल ही में आतंकवादी गतिविधियां बढ़ गई हैं, जो सुरक्षा बलों और नागरिकों दोनों के लिए एक बड़ा खतरा बन गई हैं।
चुनाव की तैयारियां तेज
इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव की तैयारियां भी जोर पकड़ रही हैं। चुनाव आयोग ने पिछले सप्ताह चुनाव तैयारियों की समीक्षा की। लोकसभा चुनाव में जम्मू-कश्मीर में रिकॉर्ड मतदान हुआ, जो जनता की उच्च भागीदारी को दर्शाता है। चुनावी प्रक्रिया आम तौर पर एक महीने तक चलती है।












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