कौन हैं शक्तिकांत दास? जिन्हें PM MODI का प्रिंसिपल सेक्रेटरी नियुक्त किया गया
PM Modi Principal Secretary Shaktikanta Das: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पूर्व गवर्नर शक्तिकांत दास को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रिंसिपल सेकेटरी नियुक्त किया गया है। शक्तिकांत का कार्यकाल पीएम मोदी के कार्यकाल के साथ समाप्त होगा। कैबिनेट की नियुक्ति समिति द्वारा मंजूरी दिए जाने के बाद शनिवार को कार्मिक प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने एक अधिसूचना जारी कर ये जानकारी दी है।
RBI के पूर्व गर्वनर शक्तिकांत दास अब प्रधानमंत्री के प्रिंसिपल सेकेट्री -2 के रूप में भूमिका निभाएंगे और पीके मिश्रा के साथ काम करेंगे। पीके मिश्राापहले से ही पीएम मोदी के प्रिसिंपल सेकेट्री हैं। उन्होंने 11 सितंबर 2019 को ये पद संभाला था।

कौन हैं शक्तिकांत दास?
शशिकांत दास 1980 बैच के तमिलनाडु कैडर के सेवानिवृत्त भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी हैं। पूरे करियर में दास ने तमिलनाडु सरकार में कई अहम पदों की जिम्मेदारियां संभाली है।
शक्तिकांत दास ने कहां से की है पढ़ाई
तमिलनाडु कैडर के रिटायर्ड शक्तिकांत दास ने दिल्ली के मशहूर सेंट स्टीफेंस कॉलेज से पढ़ाई की है। कई वर्षो तक तमिनाडु में विभिन्न पदों को संभालने के आलवा दास ने केंद्र सरकारों में फाइनेंस सेक्रेटरी,फर्टिलाइजर सेक्रेटरी के अलावा अन्य पदों की जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।
सफल RBI गर्वनर शक्तिकांत दास
आरबीआई गवर्नर के पद पर रहते हुए शक्तिकांत दास अपने छह साल के कार्यकाल के दौरान कई वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना किया, जिनमें कोविड-19 महामारी और रूस-यूक्रेन संघर्ष से उत्पन्न देश के लिए आर्थिक चुनौतियां भी शामिल हैं। उनके नेतृत्व की पहचान निर्णायक और स्थिर दृष्टिकोण रहा, जिसने अनिश्चितता के दौर में केंद्रीय बैंक को आगे बढ़ाया।
मोदी सरकार से पहले भी मिल चुका है ये बड़ा इनाम!
शक्तिकांत दास ने दिसंबर 2018 में आरबीआई गवर्नर के रूप में पदभार संभाला था और उनके उत्कृष्ठ सर्विस रिकार्ड को देखते हुए उनका कार्यकाल तीन साल के लिए बढ़ा दिया गया था और 10 दिसंबर 2024 को ही रिटायर हुए और अब उन्हें पीएम मोदी का प्रिसिंपल सेक्रेटरी पद की अहम जिम्मेदारी दी गई है।
सुब्रह्मण्यम का बढ़ाया गया कार्यकाल
बता दें शक्तिकांत दास की नियुक्ति के अलावा, सरकार ने नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रह्मण्यम का कार्यकाल भी 24 फरवरी, 2025 से एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया है। 1987 बैच के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी सुब्रह्मण्यम ने शुरुआत में फरवरी 2023 में दो साल की अवधि के लिए नीति आयोग के सीईओ की भूमिका संभाली थी। उनके निरंतर नेतृत्व से सरकार के थिंक टैंक के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने और भारत की नीति और आर्थिक रणनीतियों में योगदान देने की उम्मीद है।












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