Congress MP Manickam Tagore: कौन हैं कांग्रेस सासंद मणिक्कम टैगोर? RSS की तुलना अल-कायदा से करने पर भड़की BJP
Congress RSS Controversy: देश की सियासत में इन दिनों कांग्रेस नेताओं के अलग-अलग और परस्पर विरोधी बयान सुर्खियों में हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को लेकर कांग्रेस के भीतर चल रही बयानबाज़ी ने एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है।
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत शनिवार, 27 दिसंबर को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बयान से हुई, जिसके बाद पार्टी के अन्य नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगीं।

इसी कड़ी में अब कांग्रेस के लोकसभा सांसद मणिक्कम टैगोर (MP Manickam Tagore) का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने RSS की तुलना आतंकी संगठन अल-कायदा से कर दी है।
Who Is Manickam Tagore: कौन है मणिक्कम टैगोर?
कांग्रेस सांसद मणिक्कम टैगोर तमिलनाडु के विरुधुनगर सीट से सांसद हैं। उन्होंने दिग्विजय सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए RSS पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि RSS और अल-कायदा का काम एक जैसा है। दोनों संगठन नफरत फैलाने का काम करते हैं और समाज में विभाजन पैदा करते हैं।
उन्होंने कहा, अल-कायदा और RSS का काम एक ही है। दोनों नफरत फैलाते रहते हैं। आतंक फैलाने वालों को उनसे हमले सीखने की जरूरत नहीं है। हम गांधी की पार्टी से हैं। टैगोर ने आगे कहा कि कांग्रेस नफरत के खिलाफ खड़ी पार्टी है और वह मोहब्बत की राजनीति में विश्वास रखती है। RSS से सीखने के लिए कुछ भी नहीं है। हो सकता है कि RSS और अल-कायदा जैसे संगठन ज्यादा संगठित हों, लेकिन मैं उनसे कुछ भी नहीं सीखूंगा।
BJP का पलटवार, राहुल-सोनिया से जवाब की मांग
मणिक्कम टैगोर के इस बयान पर BJP ने आपत्ति दर्ज कराई है। BJP प्रवक्ता नलिन कोहली ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि RSS की तुलना किसी जिहादी आतंकी संगठन से करना बेहद निंदनीय है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या एक सामाजिक-सांस्कृतिक संगठन की तुलना आतंकवादी संगठन से की जा सकती है? यह बयान बेहद आपत्तिजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है। राहुल गांधी और सोनिया गांधी को इस पर अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए। क्या कांग्रेस आधिकारिक तौर पर RSS की तुलना आतंकी संगठनों से करती है?
दिग्विजय सिंह ने क्या कहा?
इस विवाद की जड़ दिग्विजय सिंह का वह सोशल मीडिया पोस्ट है, जिसने राजनीतिक हलचल पैदा कर दी। दिग्विजय सिंह ने अपने X अकाउंट पर एक तस्वीर साझा की थी, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जमीन पर बैठे दिखाई दे रहे हैं। इस तस्वीर को साझा करते हुए दिग्विजय सिंह ने लिखा- "उन्हें यह फोटो Quora साइट पर मिली और यह बहुत प्रभावशाली है। किस प्रकार RSS का जमीनी स्वयंसेवक व जनसंघ @BJP4India का कार्यकर्ता नेताओं की चरणों में फर्श पर बैठकर प्रदेश का मुख्यमंत्री व देश का प्रधानमंत्री बना। यह संगठन की शक्ति है। जय सिया राम।"
इस पोस्ट को RSS और BJP के संगठनात्मक ढांचे की तारीफ के तौर पर देखा गया, जिसके बाद कांग्रेस के भीतर ही सवाल उठने लगे। विवाद बढ़ने पर दिग्विजय सिंह ने सफाई पेश करते हुए कहा कि उन्होंने केवल संगठनात्मक ढांचे की बात की है, न कि RSS की विचारधारा की। दिग्विजय सिंह ने कहा, मैं RSS, मोदी जी और उनकी नीतियों का घोर विरोधी हूं। मैंने सिर्फ संगठन की शक्ति की बात की है। जो मुझे कहना था, वह मैंने कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की मीटिंग में कह दिया।
इससे पहले भी हो चुका है हंगामा...
इससे पहले सिद्धामैय के बेटे यतींद्र सिद्धारमैया ने कहा था कि RSS हिंदू धर्म को उसी तरह लागू करना चाहता है, जैसे तालिबान इस्लाम के सिद्धांतों को बलपूर्वक लागू करता है। उनके इस बयान के बाद कर्नाटक में राजनीतिक घमासान मच गया था और राज्य सरकार ने संघ से जुड़े कुछ कार्यक्रमों पर प्रतिबंध भी लगाए थे। हालांकि बाद में अदालत के हस्तक्षेप के बाद सरकार को अपने फैसले वापस लेने पड़े थे।
ऐसे बयानों से कांग्रेस को न केवल राजनीतिक नुकसान होता है, बल्कि उसकी वैचारिक स्थिति भी सवालों के घेरे में आ सकती है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस नेतृत्व इस विवाद पर क्या रुख अपनाता है और क्या पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक लाइन तय की जाती है या नहीं।












Click it and Unblock the Notifications