जानिए कौन हैं बीजेपी विधायक जीतेंद्र सिंह शंटी
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला)दिल्ली में बीजेपी विधायक जितेंद्र सिंह शंटी पर आज जानलेवा हमला हुआ। उसमें वे बच गए। वे पिछला विधानसभा चुनाव शाहदरा से अकालीदल-भाजपा के संयुक्त उम्मीदवार के रूप में लड़े थे। उन्हें भाजपा नेता अरुण जेटली का करीबी माना जाता है।

पहले कांग्रेस में थे
जितेंद्र सिंह शंटी पहले कांग्रेस में थे। कुछ साल पहले ही भाजपा से जुड़े हैं। वे सालों से राजधानी में शहीद भगत सिंह सेवा दल नाम से संस्था चलाते हैं।इसके जरिए वे उन लोगों का अंतिम संस्कार करवाते हैं,जिनका कोई नहीं है। उन्होंने खुद अपने हाथों से सैकड़ों लोगों का अंतिम संस्कार करवाया है।
उनके बड़े भाई बलबीर सिंह पूर्वी दिल्ली के नामी कांग्रेसी नेता हैं। वेकई सिख संगठनों से भी जुड़े हैं। शंटी की बहन प्रीति भी नगर सेविका हैं।
शंटी ने अपने करियर का आगाज एक मामूली कांग्रेस कार्यकर्ता के रूप में शुरू किया था था।
शंटी पर सुबह साढ़े पांच बजे हुए जानलेवा हमले ने बाबा खड़क सिंह के घोड़े वाली कहानी की याद ताजा कर दी। बाबा ने एक जरूरतमंद की मदद करने के लिए सहयोग का हाथ बढ़ाया था।
एमएलए ने भी बिना समय देखे, जरूरतमंद समझकर आने वाले के दस्तावेज प्रमाणित करने की सदाशयता दिखाई। परिणाम क्या हुआ? बाबा का घोड़ा लूट लिया गया था और एमएलए की जान जाते-जाते बची। उन पर चार गोली चलाई गई।
नेकी और सच्ची नीयत ने उन्हें बचा लिया। कहावत भी है कि मारने वाले से बड़ा बचाने वाला होता है। लेकिन ऐसी हर घटना जनप्रतिनिधियों को जनता से दूर ले जा रही है।
फिर शिकायत की जाती है कि एमएलए और एमपी लोगों से नहीं मिलते। उन पर जानलेवा हमला क्यों हुआ, अभी इसका खुलासा होना है परन्तु इस घटना से कई सवाल तो खड़े हो ही गए हैं।












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