भारतीय सैनिकों का कत्‍ल आसिया अंद्राबी का सपना

श्रीनगर। लाहौर में पाकिस्‍तान के स्‍वतंत्रता दिवस के मौके पर लश्‍कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद की रैली को संबोधित करने वाली अलगाववादी नेता आसिया अंद्राबी देश और सुरक्षा एजेंसियों के लिए अब धीरे-धीरे बड़ा खतरा बनती जा रही है।

पाक प्रेम बना खतरे की वजह

इस रैली से पहले आसिया ने श्रीनगर में अपने घर पर पाक का स्‍वतंत्रता दिवस मनाने के लिए उसका झंडा फहराया था और पाक का राष्‍ट्रगान गाया था।

पिछले कुछ समय से अपने पाक प्रेम की वजह से आसिया खबरों में है। यह पहला मौका नहीं था जब उसने पाक का झंडा फहराया था बल्कि वह पहले भी यह कर चुकी है।

आसिया ने दुख्‍तरान-ए-मिलात नाम से एक पार्टी भी बनाई है। इसका मतलब होता है राष्‍ट्र की बेटियां और यह पार्टी हुर्रियत कांफ्रेंस की ही एक शाखा है। इसका मकसद कश्‍मीर को भारत से अलग करना है।

कौन है आसिया

  • आसिया को अलगाववा‍‍दी नेता 'आयरन लेडी' के नाम से बुलाते हैं।
  • आसिया के मुताबिक अगर उसका बेटा जॉर्ज बुश का कत्‍ल करेगा तो यह उसके लिए सम्‍मान की बात होगी।
  • वह भारतीय सेना से सख्‍त नफरत करती है।
  • उसने कई बार कहा है कि भारतीय सैनिकों का कत्‍ल करना उसका सपना है।
  • हिजबुल मुजाहिद्दीन के संस्‍थापकों में से एक आशिक हुसैन फख्‍तू की पत्‍नी है।
  • हमेशा बुर्के में रहने वाली आसिया को वर्ष 2010 में गिरफ्तार किया गया था।
  • 25 मार्च को पाक के नेशनल डे के मौके पर भी उसने पाक का झंडा फहराया था।
  • वर्ष 2010 में घाटी में पत्‍थरबाजी की घटना में उसका अहम योगदान था।

पाक का ध्‍यान अपनी ओर खिंचना

सुरक्षा विशेषज्ञों की मानें तो आसिया ने अभी तक जो कुछ भी खबरों में आने के लिए किया उसका मकसद सिर्फ एक था। वह सिर्फ पाकिस्‍तान और वहां मौजूद तत्‍वों का ध्‍यान अपनी ओर आ‍कर्षित करना चाहती है। वह आज भी घाटी में सबसे ताकतवर और अहम अलगाववादी नेताओं में से एक है। वर्ष 2010 में घाटी का माहौल बिगड़ने के बाद उसने अपने लिए समर्थकों की एक भीड़ जमा कर ली है।

महिलाओं को तैयार कर रही देश के खिलाफ

आसिया देश के लिए एक बड़ी चुनौती इसलिए भी बनती जा रही है क्‍योंकि उसे मालूम है कि कैसे घाटी की महिलाओं में देश के खिलाफ एक सोच को विकसित करना है।

वह महिलाओं को इस्‍लाम के बारे में जानने और भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने के लिए तैयार करने में माहिर है। उसका मानना है कि महिलाओं को भी भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ना चाहिए तभी कश्‍मीर भारत से अलग हो सकेगा।

सिर्फ इतना ही नहीं आसिया हुर्रियत कांफ्रेंस के 'जम्‍मू और कश्‍मीर छोड़ो,' आंदोलन को शुरू करने में काफी अहम रही थी। वह एक देश के पूरी तरह से इस्‍लामिक स्‍टेट बनने की विचारधारा में यकीन रखती है।

उसका कहना है कि कश्‍मीर में मौजूद लोगों की सोच पर अगर किसी को शक है तो फिर वह भारत पर क्रिकेट मैच में पाक को मिली जीत के मौके पर यहां का माहौल देख सकता है।

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